दीवानगी

06 अगस्त 2019   |  pradeep   (438 बार पढ़ा जा चुका है)

दीवानगी इश्क की इस कदर छाई ,

ख़ुद ही ख़ुद से बेख़बर हो गए.

बेख्याली में भी ख्याल उनका रहा,

ख़्याल ख़ुद के से बेख़्याल हो गए.

ख़ुद की जिंदगी भी उनकी हो गई,

जिस्म तो है पर रूह नदारद हो गई.

दिल धड़कता तो है मेरे सीने में मगर ,

दिल की धड़कने उनके नाम हो गई.(आलिम)



अगला लेख: महाभारत युद्ध और जीत किसकी ?(भाग 1)



लिली सराठे
07 अगस्त 2019

बहुत खूब कहा हैं आपने

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
10 अगस्त 2019
दर्द तो उनको होगा जिन्हे एहसास होता है, जिन्हे एहसास ना हो उन्हें दर्द कहाँ होगा. (आलिम)
10 अगस्त 2019
03 अगस्त 2019
महाभारत एक युद्ध का नाम है , इसको महाभारत ही क्यों कहा जाता है, महायुद्ध क्यों नहीं कहा जाता. महा का मतलब या तो महान होता है या फिर सबसे बड़ा, तो इस महाभारत का मतलब हुआ महान भारत या बड़ा भारत? महान भारत और युद्ध, कुछ समझ से बाहर की बात नहीं है? जी बिल्कुल ये ज्यादातर लोगो क
03 अगस्त 2019
13 अगस्त 2019
शतरंज का खेल जाननेवाला ही शतरंज की चाल समझ सकता है. पहली चाल धोखा होती है जो छठी या कभी कभी 10 चाल को कामयाब बनाने के लिए की जाती है. शतरंज में लकड़ी के मोहरे होते है जिनमे भावनाएं नहीं होती, जिनमे आत्मा नहीं होती. अगर कोई जिंदगी में इंसानों के साथ
13 अगस्त 2019

शब्दनगरी से जुड़िये आज ही

आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x