मिलन

06 सितम्बर 2019   |  pradeep   (401 बार पढ़ा जा चुका है)

मिलने के ख्वाब की ख़ुशी, मिलकर क्यों गम में बदल जाती है,

उनसे बिछड़ने का एहसास ही ख़ुशी को गम में बदल देता है. (आलिम)

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06 सितम्बर 2019
गले लग कर वो रो रही थी, माँ बाप से जो बिछड़ रही थी. कल तक लड़ती थी माँ से, बाप से भी थे शिकवे हज़ार, भाई से होती थी हाथापाई, आज बिछड़ रही थी सब से. फिर भी मन में ख्वाब नया था, पिया से मिलने मन मचल रहा था. आने वाले अनदेखे कल
06 सितम्बर 2019

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