मिलन

06 सितम्बर 2019   |  pradeep   (406 बार पढ़ा जा चुका है)

मिलने के ख्वाब की ख़ुशी, मिलकर क्यों गम में बदल जाती है,

उनसे बिछड़ने का एहसास ही ख़ुशी को गम में बदल देता है. (आलिम)

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