तेरे साथ

18 सितम्बर 2019   |  रबिन्द्रनाथ बनर्जी -रंजन-   (5814 बार पढ़ा जा चुका है)

तेरे साथ

कुछ हंसना था कुछ रोना था ए ज़िंदगी तेरे साथ ,

लिखना था ज़माने को फूलों का पैग़ाम तेरे साथ ,

इतनी ईमानदारी क्यों दिखाया मौत को किसलिए ,

"रंजन" को जब जाना होगा मिलेगा क्या तेरे साथ !!

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