डर लगता है

30 सितम्बर 2019   |  रबिन्द्रनाथ बनर्जी -रंजन-   (477 बार पढ़ा जा चुका है)

डर लगता है

तस्वीर में खुद के ज़ख्मों को तलाशने में डर लगता है ,

वो मंज़र वो हादसा याद आता है तो और डर लगता है ,,

किस क़दर क़ातिल ने भगा भगा कर मारा था "रंजन",,,

ज़ख्म किस हथियार से मिला ये बताने में डर लगता है !!

--------
https://ghazalsofghalib.com
https://sahityasangeet.com
https://spirituality.ghazalsofghalib.com

अगला लेख: तेरे साथ



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
06 अक्तूबर 2019
18 सितम्बर 2019
रि
11 अक्तूबर 2019
सो
23 सितम्बर 2019
17 सितम्बर 2019
23 सितम्बर 2019
मि
13 अक्तूबर 2019
17 सितम्बर 2019
खि
03 अक्तूबर 2019
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x