अश्क और खुदा

01 नवम्बर 2019   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (424 बार पढ़ा जा चुका है)

अश्क और खुदा

😭😭😭😭😭😭

अश्कों से परेशान न हो

समझ जैसे मेहमान हो

गम गतल करना हो तो

खुदा संग जरा बात हो

🤓🤓🤓🤓🤓🤓

डॉ. कवि कुमार निर्मल

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