आम

04 नवम्बर 2019   |  pradeep   (2704 बार पढ़ा जा चुका है)

कोई पका रहा है और कोई पक रहा है,

हम तो बस पकने-पकाने का मज़ा लेते है.

आम पक जाए तो मीठा वरना खट्टा है,

कोई सियासत आमों पे भी कर लेता है.

चूसना आमों का भी एक हुनर है " आलिम" ,

यह आम भी बड़ा ज़ालिम है मेरे यारा,

गरीबों को कहाँ आम दस्तयाब होता है. (आलिम)

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