सज़ा

04 नवम्बर 2019   |  pradeep   (424 बार पढ़ा जा चुका है)

गुनाह वो करे तो हमे दर्द क्यों है आलिम,

डर है उनके गुनाह की सज़ा हमको ना मिले. (आलिम)

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