अल्फ़ाज़

17 जुलाई 2020   |  Arun choudhary(sir)   (297 बार पढ़ा जा चुका है)

रोज इंतेज़ार करते है,

तुम्हारे इन अलफाजों का,

शोर मच जाता है,

इस खामोशी के आलम में,

जब आगाज़ होता है,

इन अलफाजों का।

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