कोरोना का चक्र

17 जुलाई 2020   |  Arun choudhary(sir)   (332 बार पढ़ा जा चुका है)

नियति ने रचा यह चक्र है,

प्रकृति से छेड़छाड़ करने पर,

उसकी दृष्टि हम पे वक्र है ,

नियति का रचा यह चक्र है।

उसको करने चले थे खामोश,

परिणाम उसी का है ये कि

आज हम भी है खामोश।

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