गैरों से बातें

05 सितम्बर 2020   |  विवेक भारद्वाज   (433 बार पढ़ा जा चुका है)

जा मिल कर उनसे मोहब्बत की बातें

तु ख़ुश है उसके साथ तो तेरा क्या करे हम बात

तुझे ऐहशास क्या होगा मेरे दिल पर जो बिता वो विश्वास क्या होगा

किसी को मत तड़पा इतना

डर मुझे लगता है कही तुझे हुआ तो वो अवकाश क्या होगा

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