दोस्त

23 मार्च 2021   |  रबिन्द्रनाथ बनर्जी -रंजन-   (418 बार पढ़ा जा चुका है)

दोस्त

दिल से दिल न मिलाया तुमने करम मेरा येही सही मेरे दोस्त ,

"रंजन" का हाथ हमेशा मिलेगा तुमको जब समझो मांग लेना !

https://ghazalsofghalib.com

https://sahityasangeet.com

अगला लेख: असहाब



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
25 मार्च 2021
27 मार्च 2021
20 मार्च 2021
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x