भौरा जिया

12 अक्तूबर 2019   |  व्यंजना आनंद   (460 बार पढ़ा जा चुका है)

💥💥भौरा जिया 💥💥


तुम जो गये हमसे दूर पिया ,

दिल के और भी करीब हो गये।

यह बात अलग है तुम्हें खो कर,

हम मुफलिस और गरीब हो गये।


मेरी साँसें, मेरी धड़कन,

गाती रहती है इक गीत

तेरे सिवा न दूजा होगा,

तू तो जन्मो का मेरा मीत।

दूर मुझे क्यों खुद किया ।

तुम जो गये हमसे दूर पिया ।।


आज जो ये चाँदनी रात है,

इसमें झिलमिलाते नहीं तारे ।

उसी तरह है मेरी पीड़ा ,

ये धड़कन सिर्फ तुम्हें पुकारे।

बुझ न पाए दिल का दिया ।

तुम जो गये हमसे दूर पिया ।।


जिधर भी जाती उधर ही गाती,

अब तो मन न लागे मोरा पिया ।

कैसे गुजरेगी यह जिन्दगानी,

तड़प रहा दिल ओ बेदर्दी पिया ।

तेरे बिन मोरा भौरा जिया ।

तुम जो गये हमसे दूर पिया ।।।


💥 व्यंजना आनंद ✍

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