जयपुर यात्रा

06 अक्तूबर 2018   |  Travel_lover2417   (19 बार पढ़ा जा चुका है)

  जयपुर   यात्रा   - शब्द (shabd.in)

JAIPUR -THE PINK CITY



इस बार यह सफर बहुत ही अद्भुत और मजेदार था इस बार मैं अपने MP से बाहर राजस्थान के जयपुर मैं पहली बार ही गई थी। अब तक बस किताबों और इतिहासों में जयपुर को देखा था पर अब हकीकत में रूबरू होने का समय था।

मेरा यह सफर अपने शहर इंदौर से प्रारंभ हुआ इस सफर में मैं मेरे कुछ दोस्तों के साथ गई थी। जयपुर जाने के लिए इंदौर से बस, ट्रेन और फ्लाइट सब उपलब्ध है तो हम लोग बस से इस बार सफर में निकले


हमारी बस इंदौर से रात के 9:00 बजे निकली जो अगले दिन सुबह 10:00 बजे पहुंच गई।

DAY 1

जयपुर हम लोगों के लिए नया था तो पहले हम लोग रुकने के लिए अपने Book किए hotel में पहुंचे

वैसे जयपुर आना बहुत exciting रहा लेकिन 12 घंटे के सफर मैं थोड़ा थका दिया था इसलिए होटल पहुंचकर fresh होकर हम लोगों ने वही Lunch किया फिर थोड़ा रेस्ट किया क्योंकि हम थके हुए घूमना नहीं चाहते थे।और जयपुर में तापमान थोड़ा ज्यादा होने से भी हमने आराम करना ही उचित समझा

इसके बाद शाम को हम वैशाली नगर में स्थित अक्षरधाम मंदिर गए यह मंदिर अक्षरधाम मंदिर दिल्ली की तरह ही बना हुआ था


फिर वहीं पास में ही स्थित restaurant मैं हमने डिनर किया और फिर होटल आ गए और जल्दी ही सो गए हैं क्योंकि अगले दिन हमें बहुत सारी जगह जाना था

DAY 2
अगले दिन सुबह जल्दी ready होकर हम लोग आमेर fort के लिए निकल गए। यह जयपुर से 15 किलोमीटर दूर है तथा यहां आप सिटी बस या Personal Vehicle से जा सकते हैं
नया शहर होने के कारण हम लोग ओला कैब से यहां पहुंचे

AMER FORT-
आमेर फोर्ट इसका निर्माण दूल्हे राय कछवाहा ने 150 ईस्वी में कराया था यह अरावली पहाड़ी पर स्थित है तथा अपनी विशालता के लिए प्रसिद्ध है और किले में सुंदर बगीचे और झील का दृश्य अत्यंत मंत्रमुग्ध करने वाला है



इस किले को 2013 में यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया गया आमेर फोर्ट आकर वाकई राजस्थानी कल्चर और राजा महाराजा के राजसी इतिहास के दर्शन से हो गए। आमेर फोर्ट पहाड़ी पर स्थित किला है तथा किले पर जाने के लिए एलीफेंट का भी प्रयोग किया जाता है और यहाँ Elephant ride बहुत ही शानदार होती हैं ।












NAHARGARH FORT -

आमेर फोर्ट के बाद हम नाहरगढ़ पहुँचे। नाहरगढ़ फोर्ट का निर्माण सवाई जयसिंह द्वारा 1734 में किया गया। प्रारंभ में इसका नाम सुदर्शन फोर्ट था जिसे बाद में नाहरगढ़ किया गया यह किला पहाड़ी पर स्थित बहुत ही मनमोहक है जहां से शहर का नजारा दिखता है नाहरगढ़ फोर्ट जयपुर के आर्किटेक्चर आश्चर्य में से एक है











JAL MAHAL-

नाहरगढ़ फोर्ट की खूबसूरती और अद्भुत बनावट देखने के बाद हम जलमहल आए। जल महल जयपुर में स्थित है मान सागर झील के बीच बना है अतः पानी के बीच बने होने की वजह से इसका नाम जल महल रखा गया। वैसे महल में जाने की अनुमति नहीं है।

झील के किनारे से महल कुछ ज्यादा ही खूबसूरत लगता है रात में इसकी खूबसूरती दुगनी हो जाती है लेकिन वक्त की कमी के कारण हम शाम को ही जल महल देख कर निकल गए। इसी समय रास्ते में ऊंट दिख जाने के कारण हमने ऊंट की सवारी भी की। वैसे भी राजस्थान आकर बिना camel ride किये यह सफर अधूरा ही रह जाता।

WORLD TRADE PARK-
इसके बाद हम जयपुर के फेमस मॉल WTP यानी वर्ल्ड ट्रेड पार्क गये। वाकई आधुनिकता का कोई जवाब नहीं है जहाँ सुबह हमें राजस्थानी किलो ने अचंभित किया वही रात में आधुनिकता के इस शॉपिंग मॉल में।

इसके बाद हम डिनर करके हम वापस होटल आ गए आज का दिन वाकई यादगार बन गया। लेकिन अगले दिन की तैयारी और आज की थकान के कारण हम जल्दी सो गए।

DAY 3

CITY PALACE-
आज का सफर सिटी पैलेस से प्रारंभ हुआ। इस महल का निर्माण महाराजा सवाई जयसिंह द्वारा 1729 ईस्वी में शुरू कराया गया था। अपनी वास्तुकला व नक्काशी के लिए मशहूर यह महल शहर के बीच में स्थित है।

यहां आकर वास्तु कला तथा राजपूत राजाओं की शानो-शौकत के उदाहरण मिलते हैं



HAWA MAHAL-

इसके बाद हम हवा महल पहुंचे। हवा महल शहर के बीचों बीच स्थित है जो जयपुर की शान है।



JANTAR MANTAR-

हवा महल से कुछ दूरी पर जंतर मंतर है जिसका निर्माण राजा जयसिंह द्वारा कराया गया है। जयपुर के अलावा जंतर मंतर का निर्माण उज्जैन, दिल्ली, मथुरा, वाराणसी में भी किया था।







जंतर मंतर एक वेधशाला है यहां प्राचीन काल में समय और मौसम की गणना की जाती थी 2013 में इसे यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया गया है यहां आकर इन प्राचीन यंत्र को देखकर भारत की प्राचीन परंपरा और विज्ञान विज्ञान को देखकर मन मंत्रमुग्ध हो गया और तब भारतीय होने पर भी गर्व हुआ क्योंकि यहां विदेशी पर्यटकों का जमावड़ा था जो भारतीय इतिहास का ज्ञान विज्ञान को देखने यहां आए थे

BAPU BAZAAR &JOHRI BAZAAR-
इसके बाद हम वही स्थित बापू बाज़ार और फिर जोहरी बाजार पहुंचे।

यह बाजार जयपुर की जान है अगर आपको भी मेरी तरह शॉपिंग में इंटरेस्ट है तो यहां आपको राजस्थानी कल्चर से लेकर मॉडर्न तक के सभी प्रकार के सामान मिल जाते हैं।

साड़ी, सलवार सूट, लहंगे, लाख की चूड़ियों की दुकान यहां देखी जा सकती है यहां राजस्थानी हस्तशिल्प की भी दुकान है यहां आकर आप जयपुर के रंगों को देख पाते हो यहां की रौनक देखते ही बनती है।


इस तरह शॉपिंग करते करते समय का पता ही नहीं चला और फिर जयपुर को अलविदा कहने का समय भी आ गया यह ट्रिप कम समय का रहा और बहुत कुछ रह भी गया घूमने का ताकि एक बार फिर इस खूबसूरत से ऐतिहासिक शहर में आने का अवसर मिल सके और फिर शाम की ट्रेन से हम इंदौर वापस आ गए लेकिन लौटते समय हमारे पास ढेर सारे अनुभव और खूबसूरत लम्हे थे जो इन 3 दिनों की यात्रा में हमें प्राप्त हुए थे।

JAIPUR :~ The Pink City - Dream Book The Travel Diary

https://travelloverankiii.blogspot.com/2018/07/jaipur-pink-city.html?m=1

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