फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में ( 2 ) दिनेश डाक्टर

10 अगस्त 2020   |  दिनेश डॉक्टर   (444 बार पढ़ा जा चुका है)

फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में  ( 2 ) दिनेश डाक्टर

फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -2

14 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019

माटों का शराब खाना और उसकी चिन्ताएँ


पुराने शहर के मुख्य दरवाज़े पर जबरदस्त भीड़ का रेला था लंबी डीलक्स बसों में से उतर कर टूरिस्ट ग्रुप्स के झुंड के झुंड जमा थे मुझे दिल्ली में होने वाली राजनीतिक रैलियों की याद गयी मेरी हिम्मत ही नही पड़ी कि अंदर घुस जाऊं पैदल ही वापस शहर का नया बंदरगाह देखने के इरादे से लौट चला


रास्ते में एक शांत सी दुकान देखी तो कुछ पीने और सुस्ताने के इरादे से उसमे ही घुस गया यह दरअसल एक वाइनरी थी जो मुख्य टूरिस्ट मार्ग पर होने की वजह से इस समय वीरान थी अंदर रेड और व्हाइट वाइन के कांच के बड़े बड़े जार थे, लकड़ी के बड़े बड़े गोल हौद थे जिनमे वाइन बनने से पहले अंगूर फर्मेंट हो रहे थे एक तरफ लकड़ी के ऊंचे ऊंचे बॉटल रैक थे जिनमे सालों के हिसाब से वाइन की बोतलें लिटा कर जमाई गयी थी मुझ जैसा चौंसठ बरस का प्रौढ़ अवस्था का अकेला हिंदुस्तानी सैलानी क्योंकि टूरिस्ट्स के किसी भी वर्ग में आराम से फिट नही होता तो लोगो की - खास तौर पर रेस्टोरेंट होटल या दुकानों के मालिक की जिज्ञासा का आसानी से पात्र बन जाता है


वाइनरी के पचास बरस के हंसमुख मालिक माटो को जब पूछने पर मैंने बताया कि मैं हिंदुस्तान से हूँ तो उसे हैरानी हुई क्योंकि वो मुझे साउथ अमेरिकन समझ रहा था माटो ने बताया कि क्योंकि हिंदुस्तानी वो भी मेरी उम्र के, कभी अकेले नही दिखते तो उसे ये भ्रम हुआ माटो अपनी बनाई रेड वाइन खुद ही अकेला काउंटर पर बैठा पी रहा था मैंने भी एक ग्लास ऑर्डर किया और बैठ गया माटो ने जब बताया कि वो और उसके बहुत सारे दोस्त सैलानियों की बेसाख्ता बढ़ती भीड़ से बहुत चिंतित है तो मुझे कुछ अजीब लगा उसने बताया कि उसे लग रहा है कि उसका शहर जो एक शांत खूबसूरत चरित्रवान लड़की की तरह था अब भौंडी वैश्या बन रहा है जो हर वक़्त बिकाऊ है सब लोगों ने अपने घरों में सैलानियों के लिए गेस्ट हाउस बना दिए है, ज्यादातर स्त्री पुरुष कमाने की अंधी दौड़ में अपनी कारों को उबर में टेक्सी बना कर दिन रात दौड़ा रहे है पुराने शहर में जहां सदियों से हज़ारो पुराने परिवार बसते थे अब महज दो चार सौ लोगों को छोड़कर सबने अपने मकान और दुकान पैसे और कमाई के लालच में 'बाहर वालों' को बेच दिए हैं

एक तरफ माटो जहां खुश था कि उसकी वाइनरी पर ज्यादा लोग रहे है और उसकी कमाई बढ़ रही है दूसरी तरफ वो इस बात को लेकर खासा परेशान दिखा कि उसके खूबसूरत शहर का आखिर होगा क्या दस बरस पहले माटो ने क्रूज़ शिप की दुनिया भर में मुफ्त सैर कराने वाली बढ़िया नौकरी छोड़ कर यह वाइनरी शुरू की थी इस उम्मीद के साथ कि जीवन के आखिरी दिन वो सुकून से बढ़िया वाइन बनाते और शहर के भद्र लोगों का अपने दुकान में स्वागत कर उनसे गपशप करते बिताएगा पर अब वो शहर में हर दिन बढ़ती भीड़ की वजह से शंका और चिंताओं से घिरा हुआ था मैंने बिल चुकाया और पानी में हिलती डुलती छोटी बड़ी नावों को देखते नए बंदरगाह की तरफ चल पड़ा

चलते चलते अपने खुद के छोटे से शहर ऋषिकेश के बारे में सोच रहा था जो पचास पचपन साल पहले एकदम शांत और खूबसूरत जगह थी सर्दियों में रात के नौ बजते बजते पूरे शहर में एक ठंडा सन्नाटा पसर जाता था जो अगले दिन सुबह साढ़े चार बजे मंदिरों की घंटियों और सड़क पर इक्का दुक्का गंगा स्नान को जाती स्त्रियों के मुंह से निकलती गंगा आरती की दबी दबी स्वरलहरियों से ही टूटता था आज वही ऋषिकेश बारहों महीने चौबीसों घंटे लगते ट्रैफिक जाम, डीजल के धुएं, लाखों यात्रियों द्वारा फेंके गए प्लास्टिक के कचरे, सैंकड़ों लाउडस्पीकरों पर कान फाड़ देने वाले धार्मिक शोर, हर दूसरे तीसरे घर में खुले गेस्टहाउस, कदम कदम पर खड़ी रेहड़ियों और सड़कों गलियों में बेतरतीब खड़ी हज़ारों कारों बसों ट्रकों से घुट गया है काशी नाथ सिंह ने अपने उपन्यासकाशी का अस्सीमें बनारस और बनारस के आर्थिक संघर्षों से जूझते सदियों पुराने पारम्परिक परिवारों पर विदेशी सैलानियों के संक्रमण को जिस शिद्दत से उतारा है , वो संसार के किसी भी देश के ख़ूबसूरत और आकर्षक पर्यटन स्थल के चरित्र संक्रमण की गाथा है

फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में  ( 2 ) दिनेश डाक्टर
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में  ( 2 ) दिनेश डाक्टर
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में  ( 2 ) दिनेश डाक्टर
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में  ( 2 ) दिनेश डाक्टर

अगला लेख: सालज़्बर्ग में मोज़ार्ट का घर अप्रैल 12-18 , 2018 - दिनेश डाक्टर



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
05 अगस्त 2020
‘विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर - 4विदा विएना विदा ! फिर लौट आऊँगा !!! अप्रैल 12-18 , 2018
अगले सात दिनों में विएना में इतने म्यूजियम देखे, इतने पुराने किले और तकनीकी रूप से इतनी पुरानी पर उत्कृष्ट इमारते देखी और इतना घूमा देखा कि एक पूरी किताब उस पर आराम से लिखी जा सकती है। ग्लोब म्
05 अगस्त 2020
31 जुलाई 2020
मिस्टर कोरोना अपनी पत्नी मिसेज कोरोना अपने बेटे कोविड और बेटी नाएंटीन को साथ ले कर इंदौर नगर भ्रमण पे निकले।एक लापरवाह इंदौरी के मास्क पे बैठ एक दिन में ही कई बाजार घूम गए।लोगो
31 जुलाई 2020
15 अगस्त 2020
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -6 14 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019दुनिया के सबसे खूबसूरत प्लिटविच और सिबनिक नेशनल पार्क्स में क्रोएशिया में लैंड होने के बाद बहुत जगह एक बात बहुत सारे क्रोएशयन ने कई बार जो बड़े गर्व से दोहराई वो है यहां के पानी के बारे में उनका विश्वास । ' आप बोतल के पान
15 अगस्त 2020
12 अगस्त 2020
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -4 14 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019पोलेस का खूवसूरत मलजेट नेशनल पार्कपोलेस में, जो बड़ी बोट द्वारा दुब्रोवोनिक से 1 घंटे 45 मिनट की दूरी पर है, शांत और खूवसूरत मलजेट नेशनल पार्क है । पार्क में घूमने के लिए वहाँ उतरते ही बैटरी वाली साइकिले किराए पर मिल रही
12 अगस्त 2020
29 जुलाई 2020
‘विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह का एक शहरअप्रैल 12-18 , 2018
ट्रेन से उतरा तो खूबसूरत विएना ने मुझे आगे बढ़कर अपनी बाहों में भर लिया । सबसे पहले उतर कर पूछताछ खिड़की पर गया और लोकल ट्रामों, ट्रेनों और अंडर ग्राउंड ट्यूब रेलवे के बारे में जानकारी ली । पता लगा कि विएना शहर के भीतर सब प्रकार के
29 जुलाई 2020
11 अगस्त 2020
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -314 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019पुराने शहर का तिलिस्म माटो ने बताया था अगर पुराना शहर देखना है तो शाम का वक़्त बढ़िया रहेगा क्योंकि उस वक़्त ज्यादा टूरिस्ट खाने पीने में मस्त रहते हैं और शहर के अंदर रात के वक़्त जो लाइटिंग इफ़ेक्ट्स आते है वो पुराने शहर की ड
11 अगस्त 2020
28 जुलाई 2020
मै
परसों किसी सज्जन ने मुझे व्हाट्सएप पर संदेश दियाWhy Job ??? When U can own ur Business..........Let's learn 2 *EARN* कुछ नया व्यापार,सपनों की हर बात हासिल करने की शायद राह दिखाना चाह रहे थे। मैं भी उत्साहित था कि कुछ नया करने का मौका है।और फिर उन्होंने मुझे फोन किया।औपचारिक बातचीत के बाद उन्होंने म
28 जुलाई 2020
31 जुलाई 2020
विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर विएना का अद्वितीय और विशाल शोन्नब्रुन्न पैलेस अप्रैल 12-18 , 2018अगले रोज़ सुबह जल्दी तैयार होकर खुद का बनाया नाश्ता खाकर तीन सौ बीस बरस पुराना शोन्नब्रुन्न पैलेस देखने निकल पड़ा । रास्ते में एक साइकिल रैली जैसी कुछ निकल रही थी। हज़ारों की संख्या में साइक
31 जुलाई 2020
27 जुलाई 2020
सालज़्बर्ग में मोज़ार्ट का घर अप्रैल 12-18 , 2018केबल कार सुबह साढ़े सात बजे चलनी शुरू होती थी । नाश्ता सुबह साढ़े छह बजे ही लग जाता था । जल्दी जल्दी नाश्ता कर वापस पच्चीस नम्बर बस के स्टैंड पर पहुंच गया । बस भी जल्दी ही मिल गयी और साढ़े आ
27 जुलाई 2020
12 अगस्त 2020
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -4 14 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019पोलेस का खूवसूरत मलजेट नेशनल पार्कपोलेस में, जो बड़ी बोट द्वारा दुब्रोवोनिक से 1 घंटे 45 मिनट की दूरी पर है, शांत और खूवसूरत मलजेट नेशनल पार्क है । पार्क में घूमने के लिए वहाँ उतरते ही बैटरी वाली साइकिले किराए पर मिल रही
12 अगस्त 2020
28 जुलाई 2020
सालज़्बर्ग में आख़िरी दिन - अप्रैल 12-18, 2018साल्ज़ाश नदी के किनारे बसे इसी पुराने शहर के दूसरे छोर पर एक भव्य और खूबसूरत प्राचीन केथेड्रेल था । कुछ प्रार्थना जैसी हो रही थी । मैँ भी बन्द आंखों से शांत होकर बैठ गया । थोड़ी देर बाद वहां से निकल कर लव लॉक ब्रिज के पास से
28 जुलाई 2020
31 जुलाई 2020
विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर विएना का अद्वितीय और विशाल शोन्नब्रुन्न पैलेस अप्रैल 12-18 , 2018अगले रोज़ सुबह जल्दी तैयार होकर खुद का बनाया नाश्ता खाकर तीन सौ बीस बरस पुराना शोन्नब्रुन्न पैलेस देखने निकल पड़ा । रास्ते में एक साइकिल रैली जैसी कुछ निकल रही थी। हज़ारों की संख्या में साइक
31 जुलाई 2020
29 जुलाई 2020
‘विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह का एक शहरअप्रैल 12-18 , 2018
ट्रेन से उतरा तो खूबसूरत विएना ने मुझे आगे बढ़कर अपनी बाहों में भर लिया । सबसे पहले उतर कर पूछताछ खिड़की पर गया और लोकल ट्रामों, ट्रेनों और अंडर ग्राउंड ट्यूब रेलवे के बारे में जानकारी ली । पता लगा कि विएना शहर के भीतर सब प्रकार के
29 जुलाई 2020
31 जुलाई 2020
विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर विएना का अद्वितीय और विशाल शोन्नब्रुन्न पैलेस अप्रैल 12-18 , 2018अगले रोज़ सुबह जल्दी तैयार होकर खुद का बनाया नाश्ता खाकर तीन सौ बीस बरस पुराना शोन्नब्रुन्न पैलेस देखने निकल पड़ा । रास्ते में एक साइकिल रैली जैसी कुछ निकल रही थी। हज़ारों की संख्या में साइक
31 जुलाई 2020
17 अगस्त 2020
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -7 14 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019फिर एक और शहर में हमेशा के लिए बसने का मन जहाँ रुका हूँ , वो घर एक पहाड़ी पर है । नीचे पूर्व में नीले समुद्र का विशाल फैलाव है । सीढियां उतर कर पन्द्रह बीस मिनट में समुद्र का किनारा है । दांयी तरफ बहुत विशाल और खूवसूरत म
17 अगस्त 2020
11 अगस्त 2020
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -314 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019पुराने शहर का तिलिस्म माटो ने बताया था अगर पुराना शहर देखना है तो शाम का वक़्त बढ़िया रहेगा क्योंकि उस वक़्त ज्यादा टूरिस्ट खाने पीने में मस्त रहते हैं और शहर के अंदर रात के वक़्त जो लाइटिंग इफ़ेक्ट्स आते है वो पुराने शहर की ड
11 अगस्त 2020
19 अगस्त 2020
पैर में शनि का चक्कर यानी टर्की के शहर इस्तांबुल में आदतन घुमक्कड़ !मई - 2014जब मैं छोटा था तो किन्ही पंडित जी ने मेरी जन्म कुंडली देखकर कहा था कि जातक के पैर में शनि का चक्कर है इसलिए ये हमेशा घूमता ही रहेगा । मुझे लगता है कि वैसा ही चक्कर ज़रूर बहुत घुमक्कडों के पैरों में होता होगा । यह बात मैं टर
19 अगस्त 2020
30 जुलाई 2020
क्
क्या ये सच है - दिनेश डाक्टतुम्हे ये क्या हो गया हैतुम्हारी साँसों मेंक्यों ज़हर की बू है ?तुम्हारे माथे की शिकनक्यों तुम्हारे दिल में उतर आयी है ?तुम्हारी बात बात में आग के शोलेक्यूं कर भड़कते है ?तुम्हारे दोस्तअब एक ही मजहब/धर्म केक्यों कर हो गए है ?तुम तो हमेशा 'हम' कहा करते थेअब तुम्हारी बातों मे
30 जुलाई 2020
06 अगस्त 2020
फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -114 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019सितम्बर 1935 में श्री राहुल सांकृत्यायन जी ने एक महीने तक जो यात्रा बाकू, कुहीन, तेहरान, इस्फ़हान, कुम, शीराज़, पर्सेपोलिस, मशहद, ज़ाहिदान, बिलोचिस्तान जैसे दुर्गम स्थानों की, वो भी बसों, द्रकों और छकड़ा कारों के ज़रिए, वह वा
06 अगस्त 2020
30 जुलाई 2020
अन्नदाताओं पर प्रकृति का कहर!पहले लोन से परेशान अब कृषक प्रकृति की मार से बेबस हैं.इस बार हमारे लिये अनाज पैदा करने वालों दो तरफा या कहे तितरफा मार पड़ी है. लाकडाउन, टिड्डी दल फिर बाढ़.किसान कुदरत की इस मार को झेल ही रहे हैं कोई ठोस समाधान भी इस बारे में नहीं निकल रहा. आगे चलकर हर आम आदमी को किसानों
30 जुलाई 2020
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x