आओ हिन्दुओं चलें अमरनाथ ...

15 जुलाई 2017   |  रोमिश ओमर   (139 बार पढ़ा जा चुका है)

आओ हिन्दुओं चलें अमरनाथ ...

अमरनाथ पहुंचो भाई-

इस मैसेज को इतना वायरल करो कि अगले साल(2020 में)श्री अमरनाथ भगवान 🚩 के दर्शन के लिए 10 लाख से अधिक हिन्दू पहुंचे जो इस साल केवल डेढ़ लाख रह गया है। पिछले कुछ वर्षों से मुसलमान 🕋 ये मैसेज फैला रहे है कि अमरनाथ यात्रा पर न जाये, इससे कश्मीरियों की आर्थिक स्थिति खराब होगी और एक दो साल कोई यात्री नही गया तो वे भूखे मर जायेंगे ये तर्क एकदम बचकाना और मूर्खतापूर्ण है और मुसलमानो का षड्यंत्र है ताकि कश्मीर में कोई हिन्दू न जाये और बचे हुए कश्मीरी हिन्दू भी खत्म कर दिए जाएं। इस मैसेज को वायरल करने वाले भी अधिकतर वे कट्टर हिन्दू है जिनकी बुद्धि घुटनो से ऊपर नही जा पाई एक तो कश्मीर में सिर्फ यात्रा 🚎 का खर्च है तो उसके लिए वाहन अपने क्षेत्र से ही लेकर चले तो कश्मीरी मुल्लो को पैसा जाने की संभावना ही खत्म बाकी खाने पीने और रहने की सुविधा देश के हजारों दानवीर धन्ना सेठ 👳🏻‍♀ कर देते है। देश के बड़े बड़े वैश्य समाज के धनवान सेठ वहां 24 घंटे चलने वाले लंगर 🥗 लगाते है और श्रद्धालुओं के लिए रहने को सुविधा भी करते है इसलिए कश्मीरियों के पास पैसा जाने की बात एकदम बेतुकी यही सिवाय खच्चर और पालकी के, तो आप मात्र 5 से 8 हजार रुपए में अमरनाथ भगवान के दर्शन कर सकते है।

कृपया दर्शन ही करे न घूमे क्योंकि तीर्थ घूमने का स्थान नही होता। अगर अमरनाथ नही जाओगे तो हिन्दुओ को बहुत कुछ भुगतना पड़ेगा कश्मीरी मुसलमानो द्वारा श्रीनगर का नाम शहर ए खास रखने का षड्यंत्र चल रहा है ये जिहादी अनंतनाग का नाम भी इस्लामाबाद रख रहे है ऐसे ही हमने श्रीनगर के शंकराचार्य पर्वत 🗻 जाना छोड़ दिया, आज उस शंकराचार्य पर्वत का नाम सुलेमान पहाड़ी रख दिया है ऐसे ही हमने ध्रुव स्तम्भ जाना छोड़ दिया, वो क़ुतुब मीनार बना गया ऐसे ही हमने तेजोमहालय शिव मंदिर जाना छोड़ दिया वो ताजमहल मकबरा 🕌 बन गया हमने अहमदाबाद के देवी भद्रकाली मंदिर जाना छोड़ दिया, जिहादियों ने कब्जा करके उसे जुमा मस्जिद बना दिया फिर हम अयोध्या जाना छोड़ देंगे, काशी मथुरा भी छोड़ देंगे जहां जहां से हम भागे वहां वहां पर मस्जिदे, मदरसे दरगाह 🕌 बन गयी पर अमरनाथ जाना छोड़ दिया तो ये देश से गद्दारी होगी क्योंकि अमरनाथ के पास न कोई सघन बस्ती है ना देश का बॉर्डर है केवल अमरनाथ यात्रियों के कारण ही वहां पर सेना 👮🏻‍♀ और सुरक्षा बलों का जमावड़ा होता रहता है सेना नही होगी तो वो इलाका भी किसी दिन आतंकियों के कब्जे में होगा।

हम वहां से भागे तो वहां भी कुछ सालों में कोई मस्जिद, दरगाह बनने में देर न लगेगी हम हिन्दुओ ने लाल कोट बनाया जो आज मुसलमानो के कब्जे के बाद लाल किला बन चुका है हमने विष्णु मंदिर बनाया जो आज हुमायूँ का मकबरा बन चुका है हमने सरस्वती माता का भोजशाला में मंदिर बनाया हमारे न जाने से वो आज कमाल मौलाना मस्जिद बन चुका है तो आप क्या चाहते है कल को अमरनाथ किसी अमीरशाह का मकबरा बन जाये या किसी आमिर खान हसन की मस्जिद बन जाये अगर नही तो आपसे निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में अमरनाथ यात्रा पहुंचे इस वर्ष नही तो अगले वर्ष अमरनाथ में अवश्य आये। यात्री कम होंगे तो उन पर पत्थरबाजी भी होगी और आतंकी भी अधिक हमले करेंगे अधिक यात्री होंगे तो पाकिस्तानपरस्त कश्मीरियों में भी डर बैठेगा की अब भारत का हिन्दू जाग चुका है। कश्मीरी हमारा है हम हिन्दुओ का ऋषि कश्यप की भूमि कश्मीरी पर किसी मुल्ले का अधिकार नही है इसलिए बाबा अमरनाथ के दर्शन करने के लिए अधिक से अधिक अमरनाथ पहुंचे हमने मुल्ले साई को मंदिरो में बिठाया पर अपने ही भगवानो से दूर जा रहे है इस गलती को सुधार और कश्मीर के अमरनाथ ही नही उन सभी मंदिरों में अधिक से अधिक पहुंचे और जिहादियों को करारा उत्तर दे की हम अपने मंदिरो को गुमनाम नही छोड़ेंगे। हिन्दुओ एक हो जाओ नही तो मिट जायोगे अबकी बार अमरनाथ में जय जयकार

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कुसुम लता
15 जुलाई 2017

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