भास्कर मलीहाबादी

07 नवम्बर 2018   |  अरुण मलिहाबादी   (80 बार पढ़ा जा चुका है)

भास्कर मलीहाबादी


पंख लगा देता अगर,छेरी के करतार ।

तो हरियाली से रहित, होता यह संसार ।।

-भास्कर मलीहाबादी


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