अखबानी ताकत का इस्तमाल ( अरख को अख़गर की जरुरत है )

29 मार्च 2019   |  अरुण मलिहाबादी   (39 बार पढ़ा जा चुका है)

अखबानी ताकत का इस्तमाल ( अरख को अख़गर  की जरुरत है )

अरख की अख़लाक़ी पर सवाल जरूर होना चाहिए,

मादरे वतन के लिये भी अख़लाक़ जिन्दा रहना चाहिए \

अखबान पर फ़िदा होने वालो अपना भी अख्तर चमकेगा

हम अखयार है वा लाख अजकिया है हममे ---

पुरखो की अखनी का समावेश है हममे

अज़ली अपनी पहचान ............

इरादे एकदम अजीम - अस्साम

तवारीख गवाह होगी (जिंदाबाद )

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