हाथ में AK-47 लेकर आतंकियों में फैलाई गश्त, कुछ ऐसा रहा फौजी धोनी की ड्यूटी का पहला दिन

02 अगस्त 2019   |  स्नेहा दुबे   (499 बार पढ़ा जा चुका है)

अक्सर सेलिब्रिटीज होते हैं जो देश के प्रति कुछ काम करते हैं तो कुछ दूसरों को दिखाने के लिए करते हैं तो कुछ को दिल से देश के प्रति लगाव होता है। उन्हीं में से एक हैं भारतीय क्रिकेट टीम के दमदार प्लेयर महेंद्र सिंह धोनी जिन्होंने साल 2011 में वर्ल्ड कप अपने कप्तानी के नेतृत्व में दिलवाया था। इस बार भी धोनी ने वर्ल्ड कप में शानदार पारी खेली लेकिन अब एक खबर आई जिसमें भरतीय क्रिकेट के लाजवाब खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी अब 15 दिनों तक कश्मीर की घाटियों में ड्यूटी देंगे। उन्हें भारतीय आर्मी से परमिशन मिली और लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी ने अक आम जवान की तरह ड्यूटी देना 1 अगस्त से शुरु कर दिया। महेंद्र सिंह धोनी ने को सेना की पैराशूट रेजीमेंट में मानद लेफ्टिनेंट पद दिया गया है और वे अपनी ड्यूटी 15 अगस्त तक देंगे। जवान भाईयों के साथ तिरंगा फहराने के बाद ही वे अपनी ड्यूटी खत्म करेंगे।


महेंद्र सिंह धोनी दे रहे हैं घाटी में ड्यूटी


सेना की पैराशूट रेजीमेंट में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी ने एक सैनिक के तौर पर आतंकवाद से गंभीर रूप से प्रभावित दक्षिण कश्मीर के इलाके में घूमने लगे हैं। गार्ड ड्यूटी की और दूसरी जिम्मेदारियां ले ली। धोनी को सेना के साथ ट्रेनिग के लिए कश्मीर में तैनात किया गया और वे अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभा रहे हैं। सेना की ओर से जारी आधिरारिक बयान के मुताबिक धोनी ने 31 जुलाई से 15 अगस्त तक कश्मीर की घाटी पर जवान के तौर पर तैनात रहेंगे। सेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, धोनी ने 31 जुलई से 106 टीए बटालियन के साथ कश्मीर में ट्रेनिंग शुरु की है। भारतीय सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, धोनी ने सेना के साथ ट्रेनिंग के लिए अपील की थी जिसे सेना प्रमुख बिपिन रावत की ओर से पिछले हफ्ते मंजूरी दी गई थी। पूर्व भारतीय कप्तान धोनी को इस दौरान गश्त लगाने, गाडर् और पोस्ट ड्यूटी दी गई है और इस दौरान वे सैनिकों से जुड़े रहेंगे।

भारतीय क्रिकेटर ने हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से दो महीने की छुट्टी ली है। जिससे वे सेना के साथ ट्रेनिंग ले सकें और वे इस महीने से शुरु हो रहे वेस्टइंडीज दौरे के लिए भी खुद को अलग कर चुके हैं। सेना के अधिकारियों के मुताबिक धोनी अन्य जवानों के साथ ट्रेनिंग करेंगे और किसी आम सैनिक के साथ ही वहां रहेंगे। धोनी की बटालियन का मुख्यालय बेंगलुरू में है और फिलहाल कश्मीर में तैनात किया गया है।



चलते-चलते आपको बता दें कि धोनी के सेना में जाने की खबरों के बाद कपिल देव ने उन्हें शाबाश कहा था और हर तरफ उनके इस काम को वाहवाही मिल रही है। कपिल ने इस विषय में कहा था कि ये धोनी का देश के प्रति शानदार कदम है। देश सेवा से बड़ा कुछ भी नहीं होता है और युवाओं को भी इससे सीखने को मिलेगा कि भारतीय आर्मी में अपनी सेवा देने से हमारा ही देश सुरक्षित रह सकता है। इसके लिए देश के युवाओं को सच में आगे आना चाहिए। इसके अलावा सोशल मीडिया पर यूजर्स भी धोनी के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं।

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