shabd-logo
Shabd Book - Shabd.in

वर्षा वार्ष्णेय की डायरी

वर्षा वार्ष्णेय

5 अध्याय
0 व्यक्ति ने लाइब्रेरी में जोड़ा
2 पाठक
निःशुल्क

 

varsha varshney ki dir

0.0(0)

पुस्तक के भाग

1

न्याय या मजाक

4 मार्च 2020
0
2
0

बेटियों की जान सस्ती होती है ,ये कानून ने भी समझा दिया ।मार दी जाती हैं निर्ममता से ,वहशियों को दिलासा दे दिया ।क्यूँ नहीं खौलता खून तुम्हारा ,बेहयाई की हद देखकर भी ।क्या छोड़ देते तुम कसूरवारों को ,गर निर्भया तुम्हारी बेटी होती ।कैसे मासूम हो सकते हैं वो ,जिन्हें एक प

2

वीरों को शत शत नमन

17 जून 2020
0
1
0

वीर शहीदों को शत शत नमन,उठो हमारे वीर सपूतो ये देश तुम्हें जगाता है देश का हर बच्चा बच्चा नमन तुम्हें करता है बलिदान तुम्हारा हम व्यर्थ नहीं जाने देंगे 17/6/20 वर्षा वार्ष्णेयये देश हमारा है हम इसका बदला लेंगे ।गालवन की घाटी हमारा ही तो हिस्सा है मत करो विवाद चीन तुम्हें नहीं लेने देंगे ।शांति का हम

3

वीरों को शत शत नमन

17 जून 2020
0
0
0
4

प्यार

29 नवम्बर 2020
1
0
0

एक छोटा सा टुकड़ा प्यार का भर जाता अक्सर जीने का उत्साह दिल में महक से हो जाता गुलजार ये संसार भी निश्छल प्यार मेंकौन कहता है कि प्यार बुरा होता है जीने की उम्मीद जगा जाता दिल में ।फना हो जाती है अक्सर मोहब्बत मोह्हबत के इंतजार में रुसबा हो जाता है दिल किसी के इकरार में कौन कहता है कि प्यार बुरा होता

5

माता पिता

6 जून 2022
2
0
2

क्या आपने कभी सोचा है इस धरती पर हम सभी किसकी वजह से हैं ?क्या इस जिंदगी में हम अपने माता पिता का ऋण चुका सकते हैं ? वो माँ जिसने तुम्हारे अस्तित्व के लिए अपना सब कुछ वार दिया हो

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए