कोरोना



पैर में शनि का चक्कर यानी टर्की के शहर इस्तांबुल में आदतन घुमक्कड़ !

पैर में शनि का चक्कर यानी टर्की के शहर इस्तांबुल में आदतन घुमक्कड़ !मई - 2014जब मैं छोटा था तो किन्ही पंडित जी ने मेरी जन्म कुंडली देखकर कहा था कि जातक के पैर में शनि का चक्कर है इसलिए ये हमेशा घूमता ही रहेगा । मुझे लगता है कि वैसा ही चक्कर ज़रूर बहुत घुमक्कडों के पैरों में होता होगा । यह बात मैं टर



फिर एक और शहर में हमेशा के लिए बसने का मन - दिनेश डाक्टर

फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -7 14 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019फिर एक और शहर में हमेशा के लिए बसने का मन जहाँ रुका हूँ , वो घर एक पहाड़ी पर है । नीचे पूर्व में नीले समुद्र का विशाल फैलाव है । सीढियां उतर कर पन्द्रह बीस मिनट में समुद्र का किनारा है । दांयी तरफ बहुत विशाल और खूवसूरत म



ऐसा भी दिन आएगा कभी सोचा न था....

ऐसा भी दिन आएगा कभी सोचा न था….सृष्टि के आदि से लेकर आजतक न कभी ऐसा हुआ था और शायद न कभी होगा….। जो लोग हमारे आसपास 80 वर्ष से अधिक आयु वाले जीवित बुजुर्ग हैं, आप दस मिनिट का समय निकालकर उनके पास बैठ जाइए और कोरोना की बात छेड़ दीजिए। आप देखेंगे कि आपका दस मिनिट का समय कैसे दो से तीन घंटे में बदल गया



दुनिया के सबसे खूबसूरत प्लिटविच और सिबनिक नेशनल पार्क्स में - दिनेश डाक्टर

फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -6 14 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019दुनिया के सबसे खूबसूरत प्लिटविच और सिबनिक नेशनल पार्क्स में क्रोएशिया में लैंड होने के बाद बहुत जगह एक बात बहुत सारे क्रोएशयन ने कई बार जो बड़े गर्व से दोहराई वो है यहां के पानी के बारे में उनका विश्वास । ' आप बोतल के पान



मुंह मोड़ लिया।

कोरोना ने सोचने पर मजबूर किया। सवालों, अनुभवों, स्वअनुभवों से मजबूत किया कि "अच्छा इंसान किसी के काम का नहीं होता लेकिन सच यह भी है कि घटिया सामान घर‌ को और इंसान जिंदगी को नर्क बना देता है। मतलब निकल जाने के बाद दूरी बना लेना भी सोशल डिस्टेंस है" इंसान की ट्रेनिंग चाहें प्रशासनिक हों या विभागीय हों



सपनों के शहर स्प्लिट की तरफ़ - दिनेश डाक्टर

फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -5 14 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019सपनों के शहर स्प्लिट की तरफ़ पूरे रास्ते बांयी तरफ खूवसूरत नीला एड्रियाटिक समुद्र लहराता दिखाई देता है और कम चौड़ी महज दो लेन वाली सड़क पर चौकस रह कर ड्राइविंग करनी पड़ती है । बीच में कुछ जगह व्यू पॉइंट्स पर रुक कर फोटो भी



पोलेस का खूवसूरत मलजेट नेशनल पार्क - दिनेश डाक्टर

फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -4 14 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019पोलेस का खूवसूरत मलजेट नेशनल पार्कपोलेस में, जो बड़ी बोट द्वारा दुब्रोवोनिक से 1 घंटे 45 मिनट की दूरी पर है, शांत और खूवसूरत मलजेट नेशनल पार्क है । पार्क में घूमने के लिए वहाँ उतरते ही बैटरी वाली साइकिले किराए पर मिल रही



फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में ( 2 ) दिनेश डाक्टर

फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -214 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019माटों का शराब खाना और उसकी चिन्ताएँ पुराने शहर के मुख्य दरवाज़े पर जबरदस्त भीड़ का रेला था । लंबी डीलक्स बसों में से उतर कर टूरिस्ट ग्रुप्स के झुंड के झुंड जमा थे । मुझे दिल्ली में होने वाली राजनीतिक रैलियों की याद आ गयी ।



फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -1 दिनेश डाक्टर

फलों , शहद और झरनों के देश क्रोएशिया में -114 सितम्बर 2019 से 5 अक्तूबर 2019सितम्बर 1935 में श्री राहुल सांकृत्यायन जी ने एक महीने तक जो यात्रा बाकू, कुहीन, तेहरान, इस्फ़हान, कुम, शीराज़, पर्सेपोलिस, मशहद, ज़ाहिदान, बिलोचिस्तान जैसे दुर्गम स्थानों की, वो भी बसों, द्रकों और छकड़ा कारों के ज़रिए, वह वा



‘विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर - 4 / दिनेश डाक्टर

‘विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर - 4विदा विएना विदा ! फिर लौट आऊँगा !!! अप्रैल 12-18 , 2018
अगले सात दिनों में विएना में इतने म्यूजियम देखे, इतने पुराने किले और तकनीकी रूप से इतनी पुरानी पर उत्कृष्ट इमारते देखी और इतना घूमा देखा कि एक पूरी किताब उस पर आराम से लिखी जा सकती है। ग्लोब म्



‘विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर - 3 - दिनेश डाक्टर

‘विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर - 3विएना का फ़िल हारमोनिक आर्केस्ट्रा अप्रैल 12-18 , 2018विएना के एक सौ पैंतालीस संगीतकारों वाले फ़िल हारमोनिक आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति और वो भी विएना के स्टेट ओपेरा में एक ऐसा अनुभव है जिसे कोई भी देख ले तो जीवन भर न भूले । यह एक ऐसा स्तब्ध कर देने व



कोरोना का नगर भ्रमण (भाग 1)

मिस्टर कोरोना अपनी पत्नी मिसेज कोरोना अपने बेटे कोविड और बेटी नाएंटीन को साथ ले कर इंदौर नगर भ्रमण पे निकले।एक लापरवाह इंदौरी के मास्क पे बैठ एक दिन में ही कई बाजार घूम गए।लोगो



विएना का अद्वितीय और विशाल शोन्नब्रुन्न पैलेस अप्रैल 12-18 , 2018 - दिनेश डाक्टर

विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर विएना का अद्वितीय और विशाल शोन्नब्रुन्न पैलेस अप्रैल 12-18 , 2018अगले रोज़ सुबह जल्दी तैयार होकर खुद का बनाया नाश्ता खाकर तीन सौ बीस बरस पुराना शोन्नब्रुन्न पैलेस देखने निकल पड़ा । रास्ते में एक साइकिल रैली जैसी कुछ निकल रही थी। हज़ारों की संख्या में साइक



अन्नदाताओं पर प्रकृति का कहर!

अन्नदाताओं पर प्रकृति का कहर!पहले लोन से परेशान अब कृषक प्रकृति की मार से बेबस हैं.इस बार हमारे लिये अनाज पैदा करने वालों दो तरफा या कहे तितरफा मार पड़ी है. लाकडाउन, टिड्डी दल फिर बाढ़.किसान कुदरत की इस मार को झेल ही रहे हैं कोई ठोस समाधान भी इस बारे में नहीं निकल रहा. आगे चलकर हर आम आदमी को किसानों



‘विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह का एक शहर - दिनेश डाक्टर

‘विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह का एक शहरअप्रैल 12-18 , 2018
ट्रेन से उतरा तो खूबसूरत विएना ने मुझे आगे बढ़कर अपनी बाहों में भर लिया । सबसे पहले उतर कर पूछताछ खिड़की पर गया और लोकल ट्रामों, ट्रेनों और अंडर ग्राउंड ट्यूब रेलवे के बारे में जानकारी ली । पता लगा कि विएना शहर के भीतर सब प्रकार के



सालज़्बर्ग में आख़िरी दिन - अप्रैल 12-18, 2018 - दिनेश डाक्टर

सालज़्बर्ग में आख़िरी दिन - अप्रैल 12-18, 2018साल्ज़ाश नदी के किनारे बसे इसी पुराने शहर के दूसरे छोर पर एक भव्य और खूबसूरत प्राचीन केथेड्रेल था । कुछ प्रार्थना जैसी हो रही थी । मैँ भी बन्द आंखों से शांत होकर बैठ गया । थोड़ी देर बाद वहां से निकल कर लव लॉक ब्रिज के पास से



‘सालज़बर्ग का “हेलब्रुन्न पैलेस यानी जादुई क़िला” 12-15 अप्रैल 2018 - दिनेश डाक्टर

12-15 अप्रैल 2018 ‘सालज़बर्ग का “हेलब्रुन्न पैलेस यानी जादुई क़िला”अच्छी गहरी नींद के बाद अगली सुबह 12 अप्रेल को उठ कर खटाखट तैयार होकर होटल के रेस्तरां में मुफ्त का नाश्ता करने के बाद रिसेप्शन पर तहकीकात की तो अल्टास्टड होफव्रट होटल की खूबसूरत और समझदार रिसेप्शनिस्



कोरोना और यमराज की चिंता

कोरोना वायरस की धमाकेदार पारी नॉन स्टॉप चल रही है. नीम-हकीम और ताबीज वाले बाबाओं की तो छोड़िए पूरा का पूरा मेडिकल साइंस पसीने से तरबतर है. कोरोना को क्लीन बोल्ड करना तो दूर की बात फिलहाल तो बाउंड्री पर लपकने के भी कोई आसार नजर नहीं आ रहे है. नीचे वाले हो या ऊपरवाला सभी लॉकडाउन है. यमराज बोले, सुनो च



न खुश - न उदास - दिनेश डॉक्टर

न खुशन उदासभले मैं अकेलाया सब आसपासशून्य की बढ़ती हुई प्यासवही लोगवही जमीन वही आकाशफिर भी परिवर्तन की आसदिन वैसे ही चढ़तावैसे ही ढलतावैसी ही रात होतीवैसे ही सोता अजीब से सपनो में खोताफिर नई सुबह होतीवो ही सब करने कोजो रोज ही होतामन न पूरा न आधाहर तरफ बंदिशों की बाधासब कुछ हासिलपर जैसे न कुछ सधा न साधा



कोरोना संकट के वक्त हिलती आर्थिक स्थिती चिंताजनक।

मैं आर्थिक मामलों की विशेषज्ञ नहीं हूं केवलवर्तमान स्थिती पर अपना मत रख रही हूं। कोरोना ने कुछ दिनों लोगों को काफी डरायालेकिन ये डर कुछ ही दिन लोगों के मन में रहा, अब लोग सावधानी बरत रहे है लेकिनउन्हें संक्रमित होने से ज्यादा डर अपनी आजीविका खत्म होने का सता है। कई कं



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