भारतीय संस्कृति और उसके प्रचार-प्रसार की आवश्यकता

विश्वकी सर्वोत्कृष्ट आदि,अनादिऔर प्राचीनतम संस्कृति है भारतीय संस्कृति यह इस भारत भूमि में रहने वाले हरभारतीय केलिए बड़े गौरव का विषय है परंतु ये बड़े दुख का विषय है कि आज इस पावनपवित्र संस्कृति के ऊपर विदेशी संस्कृतियाँ घात लगाए बैठी हैं और इस संस्कृति की निगलनेका कोई मौका



दुर्योधन कब मिट पाया:[भाग-2]

महाभारत के शुरू होने से पहले जब कृष्ण शांति का प्रस्ताव लेकर दुर्योधन के पास आये तो दुर्योधन ने अपने सैनिकों से उनको बन्दी बनाकर कारागृह में डालने का आदेश दिया। जिस कृष्ण से देवाधिपति इंद्र देव भी हार गए थे। जिनसे युद्ध करने की हिम्मत देव, गंधर्व और यक्ष भी जुटा नहीं पाते थे, उन श्रीकृष्ण को कैद मे



दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-1

जब सत्ता का नशा किसी व्यक्ति छा जाता है तब उसे ऐसा लगने लगता है कि वो सौरमंडल के सूर्य की तरह पूरे विश्व का केंद्र है और पूरी दुनिया उसी के चारो ओर ठीक वैसे हीं चक्कर लगा रही है जैसे कि सौर मंडल के ग्रह जैसे कि पृथ्वी, मांगल, शुक्र, शनि इत्यादि सूर्य का चक्कर लगाते हैं। न



महान ज्ञानी , महान विचारक स्वर्गीय बाबा साहेब आम्बेडकर

महान ज्ञानी , महान विचारक स्वर्गीय बाबा साहेब आम्बेडकर डॉ शोभा भारद्वाज श्री बाबा साहेब डॉ अंबेडकर के विचारों को जितना पढ़ते जायेंगे आप उनमें डूबते जायेंगे विद्यार्थी थी उन्हें समझ न सकी आज ज्यों –ज्यों भीगे कामली त्यों – त्यों भारी होय’ समय के साथ जाना बाबा साहेब कितने सही एवं समय से आगे थे महाप



भ्रष्टाचार

भारत एशिया का सबसे भ्रष्ट देश है। यहां सभी किसी ना किसी तरह कभी न कभी इसका शिकार हुए हैं और सबसे ज्यादा भ्रष्ट पुलिस कर्मचारी, नगर निकाय, विद्यालय, लोक निर्माण विभाग, न्याय विभाग के साथ भ्रष्ट लोग निजी कार्यालयों- ऑफिसो में भी घुसे पड़े



इंटरनेशनल मीडिया भारत की छवि खराब करता रहता है

इंटरनेशनल मीडियाभारत की छवि खराब करता रहता हैं डॉ शोभा भारद्वाज मेरी बेटी, अमेरिका की बेस्ट यूनिवर्सिटी मेंपढ़ी सिंगापूर में उच्च पदाधकारी ,मोटे –मोटे आंसू बहाती हुई सुबक रही थी . उसने सिंगापुर टाईम्स , गार्जियन, न्यूयार्कटाइम्स ,वाशिंगटन पोस्ट पढ़ी ,बीबीसी मेंखबरे देखीं घबरा गयी हमसे प्रार्थना कर



‘कौमी एकता’ उर्फ़ "राष्ट्रीय एकता"

एकतामें बड़ी शक्ति होती हैं । वह परिवार, समाज, देशबहुत ज्यादा तरक्की करता हैं जहाँ एकता होती हैं. एकता हमें एक दूसरे का मान-सम्मानकरना सिखाती हैं । एकता हमें बुराइयों के खिलाफ़ लड़ने की ताकत देती हैं । एकता हीमानव जाति की पहचान हैं ।‘कौमी एकता’ मुख्यतः राष्ट्रीय एकता की



स्वर्गीय नेता जी सुभाष चन्द्र बोस ,तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा

स्वर्गीय नेता जी सुभाष चन्द्र बोस “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा” डॉ शोभा भारद्वाज ‘स्वर्गीय सुभाष बाबू के नेतृत्व में युवा वर्ग ने जान की बाजी लगाई थी उनमें मेरा मामा स्वर्गीय मनोहर लाल जोशी भी थे . आज नेता जी की 125 वीं जयंती है .सिंघापुर में मेरी बेटी का घर टाउन हाल के पास है मैं टाउन ह



बन्देमातरम , बन्देमातरम

बंदेमातरम्,बन्देमातरम डॉ शोभा भारद्वाज अमीरखुसरो ने लिखा था –“हस्त मेरामौलिद व मावा व वतन”(हिन्द मेरीजन्म भूमि है|) हिन्द कैसाहै ?‘किश्वरेहिन्द अस्त’ बहिश्ते बरजमीन (भारत देश धरती पर स्वर्ग हैं ) वायसराय लार्ड कर्जनद्वारा बंगाल विभाजन अंग्रेजों की नीति फूट डालो राज करो नीति का हिस्सा था .मुस्लिम बह



प्रदर्शनी आपकी फैसला आपका

प्राइवेसी, डेटा शेयरिंग, इनक्रिप्शन, मेटाडाटा , आजकल ये शब्द खूब सुनने को मिलते हैंकई लोग चिंतित हैं , कई लोग इस फिक्र को धुंए में उड़ा रहे हैं।अधिकतर लोगों को पता ही नहीं कि क्या हो रहा है तो आइए चर्चा करते हैं कि भिया आखिर ये मामला है क्या..?तो भिया, मामला शुरू होता



सरकार और किसान नेता क्या ‘‘दिशाहीन‘‘ होकर मुद्दे से ‘‘भटक गये‘‘ या ‘‘परस्पर भटका‘‘ रहे है?

किसान आंदोलन के 22 दिन हो गये है। लेकिन अभी तक दोनों पक्षों के अंतिम निष्कर्ष व निर्णय पर पंहुच न सकने के कारण स्थिति रबड़ के समान खिंच कर वापिस न आने के कारण पूर्वतः दो विपरीत छोरों पर (दिल्ली सीमा के दोनों पार) रुकी हुई है। लेकिन इसका यह मतलब कदापि नहीं है कि इन 21 दिनों में कुछ भी सकारात्मक व नका



कनाडा के प्रधान मंत्री टूडो की वोट बैंक की नीति

कनाडा केप्रधान मंत्री टूडो की वोट बैंक साधने की राजनीति डॉ शोभा भारद्वाज पंजाब केबाशिंदों में कनाडा जाने की इच्छा प्रबल रहती है .वहाँ की कुल जनसंख्या मेंभारतीयों की संख्या 16 लाख से भी अधिक है .इन प्रवासियों की संख्या में सिखों कीसंख्या सबसे ज्यादा है . कनाडा में सिख समुदाय बेहद मज़बूत हैं वह उ



जनता के सहयोग से हे देश स्वाच और सुन्दर बन सकता है

2015 में शुरू कया गया स्वाच भारत अभियान हमरे देश के लोगों में स्वछता के तरफ ध्यान और जागृत बढ़ाने के लिए स्तापित किआ गया था | मैं इस बात से पूरा सहमत हूँ की जनता के सहयोग से हे देश स्वाच और सुन्दर बन सकता है| देश के सभी हिस्से को स्वाच करना और स्वाच



पाकिस्तान की कश्मीर पर सदैव बुरी नजर रही है

पाकिस्तान की कश्मीर पर सदैव बुरी नजर रही है डॉ शोभा भारद्वाज 31 अक्टूबर 1947 को जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया पाकिस्तान केविश्वास घात की कहानी लेख के लेखक राघवेन्द्र सिंह ने पाकिस्तान प्रायोजित सैन्यबल के साथ कश्मीर पर कब्जा करने की पाकिस्तानी चाल की विवेचना विस्तार से की हैंलेकिन तत्कालीन



' डॉ फारुख अब्दुल्ला का खुद को भारतीय मानने से परहेज ,कश्मीरी चीन के शासन में रहने को तैयार ?

'डॉ फारुख अब्दुल्ला का खुद को भारतीय मानने से परहेज ?’ 'कश्मीरी, चीन के शासन में रहने को तैयार हैं’? डॉ शोभाभारद्वाज 'आजतक तीन परिवारों एवं अलगाववादियों नेकश्मीरियों को बरगला कर अपने ही घर भरे हैं स्वर्गीय शेख अब्दुल्ला स्वयं एवं अपनेवंशजो की कश्मीर को जायदाद मानते थे. इस परिवार में स्वर्गीय श



क्यों हर्जाना भरती है?

कूड़े के ढेर तले दबी मेरी मां धरती है बिन कसूर यह हरदम क्यों हर्जाना भरती है ?जो देश कभी हुआ करता था सोने की चिड़िया वो बना आज गंदगी का सरताज है जिन चीजों से होता है कचरा क्यों आज हम उन्हीं चीजों के मोहताज है इस मनुष्य के कृत्य से, यह धरती पल-पल मरती है बिन कसूर यह हर



न्याय के लिए क्या मरना ज़रूरी है ....?

यह कौन -सा विकास हो रहा है ...? जहाँ ,गलत को सही ,और ,सही को दबा देने का प्रयास हो रहा है !वे कहते हैं ,साक्षरता बढ़ रही है । समाज की कुंठित सोच तो आज भी पनप रही है ।औरत आज भी है ,मात्र हाड़ -माँस की कहानी , शरीर की भूख मिटा , जिसे रौंद कर मिटा देने में है आसानी!हाँ ,यह लोकतंत्र है ...!अंधा क़ानून सबूत



सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की मृत्यु कैसे हुई थी?

मगध के सिंहासन पर बैठने के बाद आचार्य चाणक्य की सहायता से चंद्रगुप्त मौर्य ने संपूर्ण उत्तर भारत के बचे प्रांतों को अपने राज्य में सम्मिलित किया।चंद्रगुप्त मौर्य एक लोक हितकारी शासक था उस समय सुराष्ट्र प्रांत में पानी की बहुत कमी रहती थी।उसने अपने प्रांतीय शासक पुष्य गुप्त वैश्य के द्व



जाति या मानसिकता?

जाती या मानसिकता © Vimal Kishore; September 2020 जाति या मानसिकता ? सबसे पहले तो मैं ये साफ कर देना चाहता हूँ कि इस लेखको पढ़ने से पहले जातिगत मानसिकता, वर्गीय विचारधारा या कोई भी जातिसूचक शब्द, अपने मस्तिष्क से अलग निकाल कर रखदें, क्योंकि मेरा इस लेख को लिखने काअभिप्रयाय ही इस भावना से प्रेरित है क



#आत्मनिर्भर_ब्राह्मण vs #आत्मनिर्भर_भारत।।

#आत्मनिर्भर_भारत vs #आत्मनिर्भर_ब्राह्मण।।#ब्राह्मण समाज के समक्ष उपस्थित भगवान श्रीराम की कृपा से राजनीति पर नियंत्रण करने का अवसर।5 अगस्त 2020 अयोध्या जी मे #राममंदिर_निर्माण कार्यारंभप्रतिक्रिया परिणाम भविष्य की चुनौतियां व अवसर आत्मनिर्भरता व हिंदुओ के शक्तिशाली होने का ।ब्राह्मण समाज संगठनों के



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