भारतीय संस्कृति में जन मानस में धार्मिक आस्था

भारतीय संस्कृति में जन मानस में धार्मिक आस्थाभारत में उत्तर से दक्षिण तक और पूरबसे पश्चिम तक अनगिनत जातियाँ हैं | उन सबके अपने अपने कार्य व्यवहार हैं, रीतिरिवाज़ हैं, जीवन यापन की अनेकों शैलियाँ हैं, अनेकों पूजा विधियाँ हैं, उपासना केपंथ हैं और अनेकों प्रकार के कर्म विस्तार हैं, तथापि उनका धर्म एक ही



संविधान दिवस (26 नवम्बर)

: संविधान की प्रस्तावना : हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी , धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचा



धार्मिक विश्वास और त्याग भावना

धार्मिक विश्वास और त्याग भावना हम प्रायः दो शब्द साथ साथ सुनते हैं– संस्कृति और धर्म | संस्कृति अपने सामान्य अर्थ में एक व्यवस्था का मार्ग है, औरधर्म इस मार्ग का पथ प्रदर्शक, प्रकाश नियामक एवं समन्वयकारी सिद्धान्त है | अतःधर्म वह प्रयोग है जिसके द्वारा संस्कृति को जाना जा सकता है | भारत में आदिकाल स



धर्म: इस अमावस्या हनुमानजी के सामने जलाएं दीपक, फिर करें इस तरह पूजा

मंगलवार का दिन बजरंगबली का होता है और इस दिन इनकी पूजा करने से हर किसी की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। बस इस पूजा को बहुत अच्छे और सावधानीपूर्वक करना चाहिए जिससे हनुमानजी को प्रसन्न करने में आसानी रहे। इसके अलावा कुछ ऐसे भी पर्व होते हैं जिस दिन हनुमानजी की पूजा करने से उचित लाभ मिलता है। और इस बार



द्वादश तिलक :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में नित्य पूजन एवं त्रिकाल संध्या का विधान आदिकाल से चला आ रहा है | त्रिकाल संध्या करके मनुष्य स्वयं में ऊर्जा प्राप्त करता चला आया है | किसी भी पूजन / अनुष्ठान का मुख्य अंग है तिलक धारण करना क्योंकि बिना तिलक लगाये किया जाने वाला कोई भी पूजा / पाठ - शुभकार्य फलीभूत नहीं होता है | हमारे



जनम जनम की बात है

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संस्कृति का सच और अश्लीलता पर हल्ला

(जो देश चांदतारों, मंगल पर पहुंच कर इठला रहे हैं,विज्ञान के नए-नए आविष्कार कर देश के लिए खुशियां समेट रहे हैं,उन की तुलना में हम कहां हैं ? पढ़ कर आप कीआंखें खुली की खुली रह जाएंगी ।)अधिकतरभारतीय जानते ही नहीं कि, संस्कृति है क्या ? जिसे वे अपनी संस्कृति बता रहेहैं, क



वृषभ(Taurus) राशि को इन तीन राशि से है खतरा - हो सकता है बड़ा नुकसान

वृषभ राशि वाले जातको के लिए कोनसी राशि के जातक मित्र है और कोनसी राशि के जातक शत्रु ,यह जानना बहुत जरुरी है| यदि आपकी राशि वृषभ है तो आपको किन राशि वालो से मित्रता करनी चाहिए और किन राशि वालो से दूर रहना चाहिए | यह भी वृषभ राशि वालो के लिए



धर्म: इस उपाय से शनि देव ही नहीं हनुमान जी भी हो जाएंगे प्रसन्न

हिंदू पंचांग के अनुसार शनिवार का दिन शनि महाराज का होता है और कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के राजा शनिदेव ही हैं। जिन लोगों पर शनि महाराज की कृपा रहती है उनका जीवन खुशियों से भरा रहता है लेकिन अगर शनिदेव किसी से रुष्ट हो जाते हैं तो फिर भरा पूरा परिवार भी खाली हो जाता है. फिर भी शनिदेव पश्च



कार्तिक पूर्णिमा :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में समय - समय पर अनेक व्रत / त्यौहार मनाये जाते रहते हैं | यहाँ शायद ही कोई दिन ऐसा हो जिस दिन कोई व्रत या पर्व न मनाया जाता हो | कार्तिक मास तो सबसे दिव्य है | अनेक अलौकिक , पौराणिक एवं लोक मान्यताओं के रूप में अनेक त्योहारों को स्वयं में समेटे हुए कार्तिक मास का आज समापन हो रहा है | जह



वैकुण्ठ चतुर्दशी :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म मैं कार्तिक मास का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है | अनेक त्योहारों एवं पर्वों को स्वयं में समेटे हुए कार्तिक मास अद्वितीय है | सनातन धर्म में अनेक देवी-देवताओं का पूजन उनके विशेष दिन पर होता है परंतु आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव और भगवान विष्णु का पूजन एक साथ करने का व



हरिप्रबोधिनी एकादशी :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में चातुर्मास्य का विशेष महत्त्व है | चार महीने चलने वाला यह विशेष समय भगवत्भक्ति प्राप्त करने वाले साधकों के लिए महत्त्वपूर्ण होता है | आषाढ़ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी अर्थात हरिशयनी एकादशी को जब भगवान सूर्य मिथुन राशि पर जाते हैं तो चातुर्मास्य प्रारम्भ हो जाता है | हरिशयनी का अर्थ हो



Guru Purnima 2019 -गुरु मंत्र की महिमा

हर परम्परा का अपना एक गुरु मंत्र होता है और किसी भी मंत्र को गुप्त रूप से और मौखिक रूप से एक गुरु द्वारा संप्रेषित किया जाता है जो उस व्यक्ति के लिए एक गुरु-मंत्र बन जाता है, जिसके लिए इसका संचार किया जाता है



लव रिलेशनशिप -: 8 नवम्बर से इन दो राशियों को मिलेगी अपनी अधूरी मोहब्बत

मकर राशिकल ८ नवंबर २०१९ मकर राशि वाले जातको के लिए बड़ा शुभ दिन है | इन राशि वालो को कल अपना सच्चा प्यार मिल सकता है जो आपकी भावनाओं की कद्र करेगा | जो आपके दुःख और सुख में आपका साथ देगा| आपके जीवन के अटके सभी कार्य में सफलता प्राप्त होगी| संतान की सफलता से आपका मन अत्यधिक



पंचकोसी परिक्रमा का महत्त्व :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻 *हमारे देश में हिंदू संस्कृति में बताए गए बारहों महीने में कार्तिक मास का विशेष महत्व है , इसे दामोदर मास अर्थात भगवान विष्णु के प्रति समर्पित बताया गया है | कार्तिक मास का क्या महत्व है इसका वर



अयोध्यापुरी की परिक्रमा :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में मनुष्य को मोक्ष प्रदान करने वाली दिव्य सप्तपुरियों का उल्लेख मिलता है | यथा :- अयोध्या - मथुरा माया काशी कांचीत्वन्तिका ! पुरी द्वारावतीचैव सप्तैते मोक्षदायिकाः !! अर्थात :- अयोध्या , मथुरा , माया (हरिद्वार) काशी , कांची (कांचीपुरम्) अवन्तिका (उज्जैन) एवं द्वारिका यह सात ऐसे स्थान है



अक्षय नवमी एवं परिक्रमा :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼🌳 *"अक्षयनवमी / परिक्रमा" पर विशेष* 🌳🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻 *सनातन धर्म में कार्तिक मास का बहुत ही महत्व है , इसे दामोदर मास भी कहा जाता है | कार्तिक मास में महीने भर स्नान एवं दीपदान का



गोपाष्टमी :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

!! भगवत्कृपा हि केवलम् !!आदिकाल से भारतीय परंपरा में सनातन के अनुयायियों के द्वारा अपने धर्म ग्रंथों का दिशा निर्देश प्राप्त करके भांति भांति के पर्व त्यौहार एवं व्रत का विधान करके मानव जीवन को सफल बनाने का प्रयास किया गया है | सनातन धर्म का मानना है ईश्वर कण - कण में व्याप्त है इसी मान्यता को आधार



देवउठनी एकादशी २०१९ - देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व और मुहूर्त

हिन्दू धर्म में बहुत सारे पर्व और त्योहार मनाये जाते है | उसी तरह हिन्दू धर्म में देवउठनी एकादशी का बहुत महत्व होता है | यह पर्वे शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव जागरण के रूप में मनाया जाता है | इस बार यह पर्वे ८



राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर)

..... इंसानियत ही सबसे पहले धर्म है, इसके बाद ही पन्ना खोलो गीता और कुरान का......"जय हिन्द"



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