सत्यनारायण की कथा तो होती है पर चापेकर बंधुओं को क्यों भूल गए ? हरि कुमार को भी याद रखिए स्कन्द पुराण का हिंदी अनुवाद !

आज अगर कोई कहे कि घर में पूजा है, तो ये माना जा सकता है कि “सत्यनारायण कथा” होने वाली है। ऐसा हमेशा से नहीं था। दो सौ साल पहले के दौर में घरों में होने वाली पूजा में सत्यनारायण कथा सुनाया जाना उतना आम नहीं था। हरि विनायक ने कभी 1890 के आस-पास स्कन्द पुराण में मौजूद इस संस्कृत कहानी का जिस रूप में अन



शनिदेव के प्रकोप से बचना है तो हर शनिवार करें इस विधि के साथ पूजा

हिंदू धर्म में पूजा पाठ का अलग ही स्थान होता है और हर देवता का अलग ही महत्व होता है। यहां सोमवार का दिन शंकर जी, मंगलवार का दिन बजरंगबली, बुधवार का दिन गणेश जी, गुरुवार का दिन विष्णु जी, शुक्रवार का दिन वैभव लक्ष्मी, शनिवार का दिन शनिदेव और रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित होता है। भक्त के जीवन में



नेत्रहीन पिता ने की आत्महत्या -सरकार का धार्मिक मुखौटा !

राजस्थान के हरीश जाटव मॉब लिचिंग मामले में हरीश के पिता रत्तीराम जाटव ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है. परिजनों का आरोप है कि मामले में न्याय नहीं मिलने के कारण रत्तीराम जाटव ने ये कदम उठाया. दरअसल राजस्थान के अलवर के भिवाड़ी के झिवाना गांव निवासी हरीश जाटव की मॉब लीचिंग में मौत हो गई थी. घटना 17 जुला



भगवान कृष्ण का ऐसा पत्थर जिसे 7 हाथी मिलकर भी नहीं हिला सके आज भी इस स्थान पर है मौजूद

hindiwebhindiwebपृथ्वी पर तमाम ऐसे आश्चर्य मौजूद है ठीक ऐसा ही एक आश्चर्य कृष्णा की बटर बाल नाम की एक चट्टान भी है | यह पत्थर चेन्नई के महाबलीपुरम में स्थित है | यह विशालकाय चट्टान 45 डिग्री कोण पर बड़ी मजबूती से टिकी हुई है | हैरानी की बात यह है कि ढलान पर होने के बाद यह



आतंकियों के सर्वनाश के लिए अद्भुत अवतार में प्रकट हो रहे हैं बाबा बर्फानी !

सावन के महीने में अगर बाबा अमरनाथ बर्फानी के दर्शन हो जाए तो शिव भक्तों को मानो सबकुछ मिल जाए। मगर भक्त और भगवान के बीच कुछ राक्षसों यानी आतंकियों का साया है जिसके डर से लोग वहां जाने से डरते हैं। बाबा अमरनाथ के दर्शन से बहुत कुछ सिद्ध



आरती के दौरान स्वतः ही बदल गए माता रानी के चेहरे के हाव-भाव, देखे अद्भुत Video...

भारत देश में आपको जितने मंदिर देखने को मिलेंगे उतने शायद ही किसी दूसरी जगह होंगे. यहाँ भगवान को लेकर लोगो की आस्था काफी बड़ी हैं. दिलचस्प बात ये हैं कि जितने भी मंदिर बने हैं उन सभी की अपनी एक खासियत होती हैं. उनके पीछे कोई ना कोई चमत्कार या कहानी होती हैं. समय के साथ साथ



नाग पंचमी :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म आदिकाल से ही अपनी दिव्यता के लिए जाना जाता है | सनातन का सिद्धांत है कि ईश्वर सर्वत्र समान रूप से व्याप्त है | इसी को प्रतिपादित करते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा कि :- "ईश्वर सर्व भूतमय अहई" इसी सिद्धांत को आगे बढ़ाते हुए हमारे महापुरुषों में सनातन के सिद्धांत बनाये थे | सनातन की



भाव की प्रधानता :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मानव जीवन मे धर्म और अधर्म का बहुत बड़ा महत्व है | धर्म का पालन करके मनुष्य समाज में सम्मान तो प्राप्त करता ही है अन्त में वह उत्तम गति को भी प्राप्त हो जाता है वहीं अधार्मिक मनुष्य समाज में उपेक्षित रहकर अधोगति को प्राप्त होता है | वैसे तो धर्म करने के अनेक साधन हैं परंतु धर्म के मुख्यत: चार प्रका



दुर्गा चालीसा : देवी मां की अराधना से दूर होगी सारी बाधाएं || Durga Chalisa

हिंदू धर्म में करोड़ों देवी-देवता हैं लेकिन कुछ को सर्वोच्च माना जाता है। जैसे देवों में देव महादेव शंकर भगवान होते हैं वैसे ही सभी देवियों में दुर्गा मां को उच्च स्थान दिया गया है। सीता, पार्वती, लक्ष्मी, काली सभी इन्ही के अवतार हैं और इन्हें हिंदू धर्म में सर्वोच्च भगवान माना जाता है जिनके आगे ईश्



अचानक पेड़ पर साईं बाबा की ऊभरी आकृति, देखने के लिए लगी भीड़, फिर सामने आया सच

भारत में धर्म व आस्था के प्रति हिन्दुओं की संवेदनशीलता:- हमारे भारत देश के लोगों की भावनाएं भक्ति व धर्म के प्रति काफी संवेदनशील होती हैं। विशेष करके जब कभी धर्म की बात आती है तो भगवान के प्रति आस्था को लेकर काफी संवेदनशीलता देखने को मिलती है। अक्सर आप भक्ति, धर्म और भगवान से संबंधित किसी प्रकार के



2019 कांवड़ यात्रा : हरिद्वार से करीब 1.5 करोड़ कांवड़ियों का उठ रहा सैलाब

हरिद्वार में कांवड़ियों का बड़ा सैलाब:-हर साल की तरह इस बार भी श्रावण महिने में भगवान शिव शंकर, महादेव के नाम पर हर-हर महादेव, बोल बम, बम-बम और जय शिव शंकर के जयकारों से पूरे देश में शिव जी की भक्ति का मस्त माहौल बना हुआ है। इस महिने श्



शिव चालीसा : बरसेगी अपार कृपा शिव शक्ति की करें वंदना

साल 2019 में 16 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत हुई और ये 15 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान लोक शिव वंदना करते हैं और उनकी पूजा करने के दौरान Shiv Chalisa और शिव आरती करने के बाद भी शिवजी की पूजा पूरी की जाती है। शिव जी के माध्यम से भक्त अप



महामृत्युंजय मंत्र कितना प्रभावशाली है ? आइये समझें....

भगवान श्री शिवशंकर की अराधना में महामृत्युंजय जाप एककाफी पवित्र मंत्र माना जाता है जिसे हमारे बुजुर्गों द्वारा प्राण रक्षक मंत्रकहा जाता है। इस मंत्र की उत्पत्ति सबसे पहले महाऋषि मार्कंडय जी ने की। Mahmrityunjay Mantra का जाप करनेसे शिव जी को प्रसन्न करने की शक्ति मिलती है। Mahamrityunjay Mantra in



चातुर्मास्य :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में समय-समय पर विभिन्न व्रत उपवास एवं त्योहारों का पर्व मनाने की परंपरा रही है | प्रत्येक व्रत / पर्व के पीछे एक वैज्ञानिक मान्यता सनातन धर्म में देखने को मिलती है | आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी जिसे पद्मा एकादशी के नाम से जाना जाता है | इसका बहुत ही



सनातन धर्म की विशालता :--- आचार्य श्री अर्जुन तिवारी जी

*सनातन धर्म में चौरासी लाख योनियों का वर्णन मिलता है | देव , दानव , मानव , प्रेत , पितर , गन्धर्व , यक्ष , किन्नर , नाग आदि के अतिरिक्त भी जलचर , थलचर , नभचर आदि का वर्णन मिलता है | हमारे इतिहास - पुराणों में स्थान - स्थान पर इनका विस्तृत वर्णन भी है | आदिकाल से ही सनातन के अनुयायिओं के साथ ही सनातन



जगन्नाथ पुरी मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य

हिन्दुओं की आस्था का एक केन्द्र भगवान जगन्नाथ की जगन्नाथ पुरी है। 10वीं शताब्दी में निर्मित यह प्राचीन मन्दिर सप्त पुरियों में से एक है। आज इस लेख में हम आपको जगन्नाथ पुरी मंदिर से जुड़े रोचक और अद्भुत तथ्यों के बारे में बता रहे है।1. पुरी की सबसे खास बात तो स्वयं भगवान जग



अवश्यमेव भोक्तव्यं कृतं कर्मं शुभा शुभम् ;- आचार्य श्री अर्जुन तिवारी जी के बोल

संसार में कर्म ही प्रधान कर्मानुसार ही मनुष्य को सुख - दुख , मृत्यु - मोक्ष आदि प्राप्त होते हैं | कर्म की प्रधानता यहाँ तक है कि जीव को अगला जन्म किस योनि में लेना है यह भी उसके कर्म ही निर्धारित करते हैं | यद्यपि सभी जीवों को अपने कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है परंतु इन सबसे ऊपर एक परमसत्ता है द



कुलदेवता :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म बहुत ही वृहद होते हुए असंख्य मान्यताओं को स्वयं को समेटे हुए है | सनातन धर्म में समय - समय पर अनेक देवी - देवताओं के साथ ग्रामदेवता , स्थानदेवता , ईष्टदेवता एवं कुलदेवता की पूजा आदिकाल से की जाती रही है | प्रत्येक कुल के एक विशेष आराध्य होते हैं जिन्हें कुलदेवी या कुलदेवता के नाम से जाना



कीर्तन क्या है और कैसे करें

सबसे पहले हम ये जाने की कीर्तन का सही अर्थ क्या है.Kirtan का सही अर्थ मैंने अभी कुछ दिन पहले सुप्रसिद्ध भागवत वाचक Goswami Shri Pundrik Ji Maharaj से जाना उनोहने जो बताया में आज आप लोगो से शेयर करती हूँ.Goswami Shri Pundrik Ji Maharaj के अनुसार हम जब किसी एक विशेष भगव



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