दिल



कभी न भूलने वाली रेल यात्रा

कभी न भूलने वाली रेलयात्रा डॉ शोभा भारद्वाज कपूरथला ,पंजाब मेंमामा जी के बेटे की बहू मेरी भाभी की मृत्यू हो गयी उनकी तेरही में हमे जाना थाअपने घर से मैं .माँ के घर मेरी छोटी बहन का प्रोग्राम बना . हमें सुबह शाने पंजाबगाड़ीकी टिकट मिल गयीं आराम से सफर कटा इस गाड़ी में एक परेशानी है रास्ते मेंकिन्नर चढ़त



तुम बेनाम हो...

ये नजरें अभी भी ढूंढती है तुम्हेंफर्क इतना है कि पहले हकीकत थे तुम, अब याद होदिल अब भी प्यार करता है तुम्हेंपहले नाम था रिश्ता का अब मेरी जिंदगी में तुम बेनाम हो...



इनके दिल को तो देखो....❤️

किसी ने यादों की अलमारी बना लिया ,किसी ने ग़मो का स्टोर रूम।।और इनके दिल को तो देखो, घुम्मकड़, अभी तक रहा है घूम।।इसकी चारदीवारी में रहते हैं कई किरायेदार,किराया देते नहीं पर बातें रोज करते हैं शानदार।।फिर बिना दिए रेंट ये छोड़ कर कहते हैं See You Soon इनके दिल को तो देखो..अभी तक रहा है घूम...कभी खुश ह



समस्याएँ और सूर्योदय

आज हरकोई डर के साए में जी रहा है | कोरोनाने हर किसी के जीवन में उथल पुथल मचाई हुई है | जिससे भी बात करें हर दिन यही कहता मिलेगा कि आज उसके अमुकरिश्तेदार का स्वर्गवास हो गया कोरोना के कारण, आज उसका अमुक मित्र अथवा परिचित कोरोना की भेंट चढ़ गया | पूरे के पूरे परिवार कोरोना की चपेटमें आए हुए हैं | हर ओ



सफर यादों का

तेरा धरती से यूँ जाना, मेरा धरती में रह जाना ।अखरता है मुझे हर पल, तेरा मुझसे बिछुड़ जाना ।मेरी साँसों में तेरा नाम, मेरी धड़कन में तेरा नाम ।मेरे ख्वाबों में तू ही तू,



दिल की गहराई



दिल की गहराई

मैंने देखी है गहराई दिल की, अनुमान ना लगा पाया था मैं,घाव इतनी गहराई तक लगा कैसे;दिल तो बडा छोटा सा लेकिन,उसमें चोंट इतनी गहरी क्यों हैं,इतने पर भी दिल से आह तक ना निकली,सब कुछ छिपा कर रखा ,घाव गहरा होने पर भी ,सामने टीस ना उभरने दी इसने;कभी कभी इस दिल ने धोखा भी खाया,उफ़



दिल का एनालिसिस

एक दिन मैं ऐसे ही बैठा था कि एक ख्याल आया,आखिर ये दिल भी क्या चीज है।क्यों ना इस पर रिसर्च किया जाए।वैसे मैं आपको बता दूं मेरे ऐसे फालतू विषयों पर कई रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं।जैसे ही मैंने फालतू विषय बोला ,सारे दिल वाले नाराज हो



आँखों में लाली

देखो ना आँखों में लाली छाई हैं।रातों में जगा हूँ फिर से तुम्हारी याद आइ हैं।



ज़िन्दगी के पल

ज़िन्दगी का सफर ,बहुत रोमांच भरा है;इसमें सुख और दुख दोनों का सामना है;मजा इसी में है यारों कि दुख के बाद सुख का आमना है।ज़िन्दगी के हर लम्हे को हसीन पलों में कैद कर लो;दुख के समय इन्हे याद कर , पारी उसकी समेट लो।ज़िन्दगी जिंदादिली से जियो यारों,अपने साथ बीते हसीन पलों को क्यों खो दो।



बिन डाल का पत्ता

बिन डाल का पत्ता बिन डाल का पत्ता, उसके लिए जग सारा होता है। पहुंच जाता है बिन रोक टोक, गली, छत, बालकनी, मकान, दुकान, राह अनेक.. बिन डाल का पत्ता, आवारा बंजारा होता है। जहां ले चले, हवा के झोंके उनकेे संग उसका जहां में आना जाना दूर, दराज तक होता है। बिन डाल का पत्ता, बेचारा होता है। आ जाता है, कितनो



शादी के बाद

ना दिल को सुकून,ना मन को चैन,ना बाहर मिले आराम,ना घर में रहे बिना काम,दोस्तों ये ना तो है प्यार,और ना जॉब या कारोबार,ये तो बस है ,शादी के बाद का हाल ।



एक था बचपन भाग 4(संस्मरण)

मेरी कार धीरे धीरे सुनसगांव में प्रवेश करती है और मंदिर के सामने पत्थर वाले रोड से गुजरती है।सामने बाबू सोन जी मामा का मकान दिखता है हमेशा म



दिल कमजोर

पढ़ें लिखे समझदार लोग, सांख्य, सवालों में गुम हो गए हैं। हर बात की नुक्ता चीनी में, रिश्ते दिमाग में कैद हो गये‌ है। पहले से ज्यादा भावों के अभाव हो गये है। लोगों के दिल तंग हो गये है, दिलों में अब खूबसूरत अहसास कम हो गये है। लोग बैठ अकेले, तन्हाई के मेले में खोकर , दुनिया से ही गुम हो गए हैं। प्या



chahat ke kisse

तू नज़्म सा दिल की धड़कन में सुनाइये देता है.... तेरा हर लब्ज़ बयां चाहत ही देता है..अगर साथ तेरे बैठे हैं बाज़मो में हम न कोई शिकवा न कोई ग़म... तू दिल की आशिकी का आशना है.... तू साँस साँस के दरिया में रखा फैसला है....



ज़िन्दगी

जिन्दगी सफल होती है ज़िंदादिली से, हरदिल अज़ीज़ होती है अपनेपन से।अपने ही तो बुनते है तानाबाना ज़िन्दगी का,अपनों से ही बनता है आशियाना जिंदगी का।कब से मै तलाशता फिर रहा अपनों को,कोशिश कर रहा रंगों से भरने की, इस वीरान जिंदगी को।आज मै बहुत खु



गोशानशीं

गोशानशीं* तो उस रोज़ ही हो गए थे हम, जिस रोज़ उसने मेरे दिल को तोड़ा था, सपुर्दे ख़ाक कर आतश ए ज़िगर* अपना,अब तो गोशानशिनी* एक फ़ाक़ामस्ती है. (आलिम) * एकांतवासी, प्रेम की आग, एकांतवास



दिल का दर्द

दिल का ये दर्द हमने सबको सुना दियाइस मरे से मन को जीवन बना लियारस्ते के काँटें अब तो राहों को बंद करेंकदमों के होंसलों ने गुलिस्ताँ खिला दियातानों की आँच पाकर जीवन झुलस रहामरहम वो फैसले का खुद पर लगा लियाआँखों में जन्म लेते सपने बहार केबह जाए न ये सपने आँसू सुखा लियापत्थर को पूजने से देवता वो बन गया



दुनिया के सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में : दिनेश डाक्टर

क्रोएशिया में लैंड होने के बाद बहुत जगह एक बात बहुत सारे क्रोएशयन ने कई बार जो बड़े गर्व से दोहराई वो है यहां के पानी के बारे में उनका विश्वास । ' आप बोतल के पानी में पैसा खराब न करे ! हमारे हर नल का पानी किसी भी बोतल के पानी से ज्यादा अच्छा और शुद्ध है । क्योंकि मेरे अपने देश में बहुत सारी बीमारियों



मर्ज़

मर्ज़ कोई ले गया चुराकर ऐसा मैं बीमार हुआ। शुमार नहीं था किस्मत में जोक्यों उसका दीदार हुआ।। 💔



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