कहानी



31 दिसम्बर 2019

अनजान डगर

सौम्या यही नाम था उसका,हमारे पड़ोस में रहने वाले तिवारी जी की बेटी थी।आज उसे घर लाया जा रहा था, कहां से? कहीं बाहर गई थी क्या सौम्या? हां, पिछले कई दिनों से दिखी भी नहीं थी।मैंने पूछा भी था,तो टाल-मटोल वाला जबाव मिला था, लेकिन आज सारी कहानी सामने थी। आठवीं में ही पढ़ती थीसौम्या! बड़ी चुलबुली और प्या



माँ ! एक सवाल मैं करूँ ? ( जीवन की पाठशाला )

माँ ! एक सवाल मैं करूँ ? ( जीवन की पाठशाला )*************************** इस सामाजिक व्यवस्था के उन ठेकेदारों से यह पूछो न माँ - " बेटा-बेटी एक समान हैं , तो दो- दो बेटियों के रहते बाबा की मौत किसी भिक्षुक जैसी स्थिति में क्यों हुई.. क्रिसमस की उस भयावह रात के पश्चात हमदोनों के जीवन में उजाला क्यों



चकाचौंध

“चकाचौंध” पत्रिका अपने प्रकाशन के चार साल पूरेकर चुकी थी, किसी को उम्मीद भी नहीं थी कि इस पत्रिका की बिक्री इतनी बढ़ जाएगी,अब ऐसे में सभी सदस्यों को मीटिंग में बुलाया गया और उनके योगदान के लिए बधाई दीगई। तभी मीटिंग में एक व्यक्ति ने पत्रिका



साथी

साथी उसे बनाओं जो सुख दुख में साथ दे.ना कि उसे जो सिर्फ तस्वीरों में आपकी शोभा बढ़ाएं.शिल्पा रोंघे



वक्त वक्त की बात

कहते है जो ये कि वक्त के पंजों से बचालेंगे तुम्हेंवहीं सबसे बड़ेशिकारी होते हैं.शिल्पा रोंघे



Jadui Kahani . हिंदी जादू की कहानी जरुर पढ़ें. परी की जादुई कहानी

Hindi Jadui Kahani हिंदी जादुई कहानीJadui kahani एक राज्य में एक राजा राज करते थे. उनकी कोई संतान नहीं थी. राजा इस बात से बहुत ही परेशान रहते थे. तभी एक दिन उनके एक मंत्री ने जादुई परियों के बारे में बताया और उसके बाद राज्य की तेरह जादुई परियों को बुलाया गया.राजा ने उन्हे



महानगर का तपस्वी - डॉ दिनेश शर्मा

अभीशब्दनगरी पर एक बड़ा अच्छा और मार्मिक शब्दचित्र पढने का सौभाग्य प्राप्त हुआ... डॉदिनेश शर्मा का लिखा “महानगर का तपस्वी”... आप लोग भी पढ़ें... महानगरका तपस्वी - दिनेश डॉक्टर प्रोपर्टियों के रेट गिरने के बाद से वर्मा का हौसलाकाफी हिला हुआ था और कल शाम जब मैंने उसे कहा



वो भी क्या बचपन के दिन थे

वो भी बचपन के क्या दिन थेजब हम घूमते थे और खुस होते थेतब हम रोते थे फिर भी चुप होते थेना वादे होते थे ना शिकवे होते थेबस थोड़ा लड़ते थे फिर मिलते थेवो भी क्या बचपन के दिन थेतब सब कुछ अच्छा लगता थाचाहे जो हो सब सच्चा लगता थागांव की गालिया नानी के यहाँ अच्छा लगता थाना झूठ था ना फरेब था एक दूसरे की रोटिय



सच - दो लफ़्जों की कहानी

सच को कड़वा ही रहने दो दोस्तो.गर वो मीठा होता तो तिजारत ही बन जाता.शिल्पा रोंघे



धरती करे पुकार - अब मुझे यूं ना सताओ

कहीं कांप रही धरती. कहीं बेमौसम बारिश से बह रही धरती. कहीं ठंड के मौसम में बुखार से तप रही धरती. कभी जल से, तो कभी वायु प्रदूषण से ज़हरीली हो रही प्रकृति. विकास के नाम पर विनाश का दर्द झेलती प्रकृति अपनी ही संतति से अवहेलना प्



नशामुक्ति

नशा "नाश" का दूसरा नाम है.ये नाश करता है बुद्धि का.ये नाश करता है धन का.ये नाश करता है संबंधों का.ये नाश करता है नैतिक मूल्यों का.नाश नहीं निर्माण की तरफ बढ़ोयुवाओं तुम नशामुक्त समाज बनानेका संकल्प लो.शिल्पा रोंघे



किताबें पढ़ने से होते है ये फ़ायदे

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एक कलम हूं मैं

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Panchatantra Stories in hindi हिंदी पंचतंत्र की १४ खूबसूरत कहानियां

Panchatantra Stories in Hindi – पंचतंत्र की कहानियां हिंदी में Panchatantra Stories in hindi एक कंजूस धोबी के पास एक गधा था. धोबी उस गधे से खूब काम लेता, लेकिन गधे के चारे का कोई प्रबंध नहीं करता. बस रात को गधे को चरने के लिए खुला छोड़ देता. निकट में कोई चारागाह नहीं था.जं



आखिर ऐसा क्यों?

🙏🏻आखिर ऐसा क्यों? 🙏🏻"""""""""""""""""""""""""""""""""अचानक से मेरे मन मस्तिष्क पर वह दृश्य नाच गया।घर के चौतरे पर एक घूँटे से बंधी थी वह लाचार माँ। उनकी हृदय को झकझोर देने वाली आवाज ।अब भी रौंगटे खड़े हो जाते हैं उन दर्दनाक दृश्य को याद कर ।उन दिनों मैं छोटी बच्ची थी ,दर्द हुआ था पर समझ न पाई



Stories for Kids in Hindi . बच्चों की बेस्ट ४ हिंदी कहानियां. Stories In Hindi

Stories for Kids in Hindi डाक्टर सिन्हा अभी सुबह का नाश्ता करने ही जा रहे थे कि उनका पर्सनल फोन बज उठा . उन्हें यह समझते देर कि कोई सीरियस केस है . उन्होंने फोन रिसीव किया .उधर से नर्स ने घबराते हुए बोला …सर जल्दी हास्पिटल आईये …बहुत ही सीरियस केस है . हास्पिटल डाक्टर सि



करूँ-ह्रदय

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Chhath Puja 2019 . कैसे मनाई जाती है छठ पूजा . छठ पूजा २०१९ हिंदी में

Chhath Puja २०१९ Date . छठ पूजा २०१९ Chhath Puja Story छठ पूजा की कथाChhath Puja उत्तर भारत का महापर्व है. जिसे खासकर बिहार, उत्तरप्रदेश और झारखण्ड में मनाया जाता है. इस वर्ष २०१९ में छठ २ नवम्बर शनिवार को है. इस पर्व में जाती-पांति, धर्म, वर्ग, सम्प्रदाय का कोई भे



Saraswati Mata. कौन हैं माता सरस्वती जाने पूरी कथा हिंदी में. मां सरस्वती का श्राप

Saraswati Mata Story in Hindi माता सरस्वती की कथाSaraswati Mata हिन्दू धर्म की प्रमुख देवियों में से एक हैं. वह भगवान ब्रह्मदेव की मानसपुत्री हैं. मां सरस्वती को विद्या की देवी माना गया है. इन्हें वाग्देवी, शारदा, सतरूपा, वीणावादिनी, वागेश्वरी, भारती आदि नामों से जाना जात



Durvasa . महर्षि दुर्वासा की कथा . सती अनसुइया की कथा .

Durvasa Rishi ki Jivni कौन थे दुर्वासा ऋषिDurvasa महर्षि दुर्वासा एक महान ऋषि थे और उन्हें इसीलिए “महर्षि ” की उपाधि प्राप्त थी. महर्षि दुर्वासा माता अनुसुइया और ऋषि अत्री के पुत्र थे.महर्षि दुर्वासा सतयुग, द्वापर और त्रेता तीनो ही युगों में थे. उनके दिए हुए श्राप और आशी



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