कहानी



जिंदगी सुखद संयोगो का खेल है .

कहानीजिन्दगी सुखद संयोगों का खेल है।विजय कुमार तिवारीरमणी बाबू को भगवान में बहुत श्रद्धा है।उसके मन मेंं यह बात गहरे उतर गयी है कि अच्छे दिन अवश्य आयेंगे।अक्सर वे सुहाने दिनों की कल्पना में खो जाते हैं और वर्तमान की छोटी-छोटी जरुरतों की लिस्ट बनाते रहते हैं।गाँव के लड़के स्कूल साईकिल पर जाते थे तो व



कोरोना और स्त्री

करोना और स्त्रीविजय कुमार तिवारीकल प्रधानमन्त्री ने देश मेंं कोरोना के चलते ईक्कीस दिनों के"लाॅकडाउन"की घोषणा की है।सभी को अपने-अपने घरों में रहना है।बाहर जाने का सवाल ही नहीं उठता।घर मेंं चौबिसों घण्टे पत्नी के साथ रह पाना,सोचकर ही मन भारी हो जाता है।किसी साधु-सन्त के पास इससे बचाव का उपाय नहीं है।



एक आधुनिक पौराणिक कहानी

एक “आधुनिक” पौराणिक कहानीआप सभी नेपौराणिक कहानियों मेंपढ़ा हीहोगा किदेवताओं औरदानवों काबार बारयुद्ध होताथा, औरबार बारदेवता हारतेहुए, भगवान् (अर्थात भगवान् विष्णु ) के दरबारमें गुहारलगते थे–त्राहि माम,त्राहि माम.भगवान् फिरकिसी नएदेवी यादेवता कीरचना करकेदेवताओं कोशक्ति प्रदानकरते थे.देवता विजयीहोते थेऔ



पापा ‘आफ’ हो गए : दिनेश डाक्टर

आज काफी समय के बाद डॉ दिनेश शर्मा की लिखी एक बड़ीमार्मिक कहानी पढने को मिली “पापा ‘आफ’ हो गए”...प्रस्तुत है आपके लिए...पापा ‘आफ’ हो गए : दिनेश डाक्टरश्रीनाथ के बड़े लड़के ने दिवाकर को फोन पर सूचना दी कि पापा ‘आफ’ हो गए | पहले तो दिवाकर को कुछ समझ में नहीं पड़ा कि लड़का क्या कह रहा है पर जब उसने लड़के की अ



पापा ऑफ हो गए : दिनेश डाक्टर

पापा ‘आफ’ हो गए : दिनेश डाक्टर श्रीनाथ के बड़े लड़के ने दिवाकर को फोन पर सूचना दी कि पापा ‘आफ’ हो गए | पहले तो दिवाकर को कुछ समझ में नहीं पड़ा कि लड़का क्या कह रहा है पर जब उसने लड़के की अंग्रेजी भाषा की योग्यता पर गौर किया तो सारी बात समझ में आ गयी कि श्रीनाथ चल बसा |दिवाकर को दरअसल इस समाचार का बहु



लाल छतरी वाली लड़की : दिनेश डाक्टर

लाल छतरी वाली लड़की : सबसे पहले मैने उसे शाम के समय सड़क के किनारे बने मंदिर की सीढ़ियों के पास देखा था । हाथ में फूल, अगरबत्ती लिए वह अपने आराध्य की प्रतिमा के सामने आंख बन्द किये बड़े श्रद्धा भाव से चुपचाप कुछ फुसफुसा रही थी । मैं लंबी वाक से होटल की तरफ लौट रहा था । थोड़ा थक गया था । मंदिर के पास बन



सदमा

दो महीने हो गये। शांति देवी की हालत में कुछ भी सुधार ना हुआ। पुरुषोत्तम बाबू को उनके मित्रों और रिश्तेदारों ने सुझाव दिया कि एक बार अपनी पत्नी को मनोचिकित्सक से दिखवा लें। पुरुषोत्तम बाबू को सुझाव सही लगा। अगले ही दिन अपने बड़े पुत्र सौरभ एवं पुत्रवधू संध्या के साथ अप



आनन्द स्कौलर शिप

आनन्द स्कौलरशिपडॉ शोभा भारद्वाज नौएडा नया नया बसा था छोटे बच्चों के लिए स्कूलों की जरूरत थी हमारे परिवार का प्राईमरी तक स्कूल था | एक नेपाली, गोरे चिट्टे नेपाली लड़के को साथ लाया आपको स्कूल में काम करने के लिए किसी की जरूरत होगी यह लड़का ढाबे में काम करता मझे मिला लेकिन वहाँ बहुत दुखी था अत : आपके



Panchatantra Short Stories in Hindi With Moral / चुड़ैल और बन्दर की कहानी

Panchatantra Short Stories in Hindi With Moral Values एक जंगल में ढेर सारे जानवरों के साथ एक परी रहती थी। वह अपने एक छोटे से घर में रहती थी और जानवरों की खूब देखभाल करती थी।जब भी जानवरों को किसी चीज की जरूरत पड़ती तो सबसे पहले वह मदद के लिए आती थी। जानवर परी से बहुत खु



Stories in Hindi For Reading / कहानी अपने अधिकार की / नन्ही परी की कहानी

Stories in Hindi नन्ही परी बहुत ही सुन्दर, दयालु और चंचल थी। वह लोगों की मदद करती थी। वह बच्चों की बहुत मदद करती थी। वह बच्चो के साथ खूब मस्ती भी करती।नन्ही परी के पास एक जादुई छड़ी और उड़नखटोला था। वह उस जादुई छड़ी से जो चाहती वह कर सकती थी और उड़नखटोले से एक जगह से दूसर



31 दिसम्बर 2019

अनजान डगर

सौम्या यही नाम था उसका,हमारे पड़ोस में रहने वाले तिवारी जी की बेटी थी।आज उसे घर लाया जा रहा था, कहां से? कहीं बाहर गई थी क्या सौम्या? हां, पिछले कई दिनों से दिखी भी नहीं थी।मैंने पूछा भी था,तो टाल-मटोल वाला जबाव मिला था, लेकिन आज सारी कहानी सामने थी। आठवीं में ही पढ़ती थीसौम्या! बड़ी चुलबुली और प्या



माँ ! एक सवाल मैं करूँ ? ( जीवन की पाठशाला )

माँ ! एक सवाल मैं करूँ ? ( जीवन की पाठशाला )*************************** इस सामाजिक व्यवस्था के उन ठेकेदारों से यह पूछो न माँ - " बेटा-बेटी एक समान हैं , तो दो- दो बेटियों के रहते बाबा की मौत किसी भिक्षुक जैसी स्थिति में क्यों हुई.. क्रिसमस की उस भयावह रात के पश्चात हमदोनों के जीवन में उजाला क्यों



चकाचौंध

“चकाचौंध” पत्रिका अपने प्रकाशन के चार साल पूरेकर चुकी थी, किसी को उम्मीद भी नहीं थी कि इस पत्रिका की बिक्री इतनी बढ़ जाएगी,अब ऐसे में सभी सदस्यों को मीटिंग में बुलाया गया और उनके योगदान के लिए बधाई दीगई। तभी मीटिंग में एक व्यक्ति ने पत्रिका



साथी

साथी उसे बनाओं जो सुख दुख में साथ दे.ना कि उसे जो सिर्फ तस्वीरों में आपकी शोभा बढ़ाएं.शिल्पा रोंघे



वक्त वक्त की बात

कहते है जो ये कि वक्त के पंजों से बचालेंगे तुम्हेंवहीं सबसे बड़ेशिकारी होते हैं.शिल्पा रोंघे



Jadui Kahani . हिंदी जादू की कहानी जरुर पढ़ें. परी की जादुई कहानी

Hindi Jadui Kahani हिंदी जादुई कहानीJadui kahani एक राज्य में एक राजा राज करते थे. उनकी कोई संतान नहीं थी. राजा इस बात से बहुत ही परेशान रहते थे. तभी एक दिन उनके एक मंत्री ने जादुई परियों के बारे में बताया और उसके बाद राज्य की तेरह जादुई परियों को बुलाया गया.राजा ने उन्हे



महानगर का तपस्वी - डॉ दिनेश शर्मा

अभीशब्दनगरी पर एक बड़ा अच्छा और मार्मिक शब्दचित्र पढने का सौभाग्य प्राप्त हुआ... डॉदिनेश शर्मा का लिखा “महानगर का तपस्वी”... आप लोग भी पढ़ें... महानगरका तपस्वी - दिनेश डॉक्टर प्रोपर्टियों के रेट गिरने के बाद से वर्मा का हौसलाकाफी हिला हुआ था और कल शाम जब मैंने उसे कहा



वो भी क्या बचपन के दिन थे

वो भी बचपन के क्या दिन थेजब हम घूमते थे और खुस होते थेतब हम रोते थे फिर भी चुप होते थेना वादे होते थे ना शिकवे होते थेबस थोड़ा लड़ते थे फिर मिलते थेवो भी क्या बचपन के दिन थेतब सब कुछ अच्छा लगता थाचाहे जो हो सब सच्चा लगता थागांव की गालिया नानी के यहाँ अच्छा लगता थाना झूठ था ना फरेब था एक दूसरे की रोटिय



सच - दो लफ़्जों की कहानी

सच को कड़वा ही रहने दो दोस्तो.गर वो मीठा होता तो तिजारत ही बन जाता.शिल्पा रोंघे



धरती करे पुकार - अब मुझे यूं ना सताओ

कहीं कांप रही धरती. कहीं बेमौसम बारिश से बह रही धरती. कहीं ठंड के मौसम में बुखार से तप रही धरती. कभी जल से, तो कभी वायु प्रदूषण से ज़हरीली हो रही प्रकृति. विकास के नाम पर विनाश का दर्द झेलती प्रकृति अपनी ही संतति से अवहेलना प्



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x