भारत का वो वीर बहादुर जिसने पाकिस्तान के दो टुकड़े करने में निभाई थी अहम भूमिका

भारत की जल या थल सेना हो या वायु सेना हो इसके इतिहास से लेकर आजतक ऐसे वीर पैदा हुए हैं, जिनकी गाथाएं अमर हैं। साथ ही, ये गाथाएं सदियों तक याद की जाएंगी। ऐसे ही एक अमर वीर की कहानी हम आपको बताएंगे जिनकी बहादुरी के किस्से हर भारतीय को जानना चाहिए। फील्ड मार्शल सैम होर्मूसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ, जि



लेखनी! उत्सर्ग कर अब

लेखनी! उत्सर्ग कर अब✒️लेखनी! उत्सर्ग कर अब, शांति को कब तक धरेगी?जब अघी भी वंद्य होगा, हाथ को मलती फिरेगी।साथ है इंसान का गर, हैं समर्पित वंदनायें;और कलुषित के हनन को, स्वागतम, अभ्यर्थनायें।लेखनी! संग्राम कर अब, यूँ भला कब तक गलेगी?हों निरंकुश मूढ़ सारे, जब उनींदी साधन



पाकिस्तान में हिंदी पाठशाला - दुर्लभ और दिलचस्प लेकिन धार्मिक कट्टरता

भारत और पाकिस्तान सांस्कृतिक एवं भाषाई सभ्यताओं से आज भी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. बंटवारे के बाद भारत ने अपनी प्राचीन सभ्यता को बनाए रख कर एक बेहतर लोकशाही बनने की ओर कदम बढाएं वहीँ पाकिस्तान ने हर वो कदम उठाया कि जिससे वह भारत से खुद को अलग बता सके.दुःख की बात है, सैंतालीस के पहले रावलपिंडी, लाहौर



जब दिल्ली IPS अफसर पति पर पत्नी ने लगाया मार पीट का आरोप, तो जनता का क्या

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक महिला ने अपने पति पर दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. महिला का नाम नम्रता है. खास बात ये है कि इनके पति आईपीएस अधिकारी हैं. नाम है अमित निगम. और दिल्ली में इनकी पोस्टिंग है.दोनों की शादी 27 नवंबर 2015 को हुई थी. साढ़े तीन साल हो चुके हैं शादी को. हमारे रिपोर्टर उस्मान चौधर



दम तोड़ती भावनायें

"क्या ,आज भी तुम बाहर जा रहे हो ??तंग आ गई हूँ मैं तुम्हारे इस रोज रोज के टूर और मिटिंग से ,कभी हमारे लिए भी वक़्त निकल लिया करो। " जैसे ही उस आलिशान बँगले के दरवाज़े पर हम पहुंचे और नौकर ने दरवाज़ा खोला ,अंदर से एक तेज़ आवाज़ कानो में पड़ी ,हमारे कदम वही ठिठक गये। लेकिन तभी बड़ी शालीनता के साथ नौकर न



नरेन्द्र मोदी की सफलता का यह है राज़

नरेन्द्र मोदी ने 2014 के चुनावों में भाजपा को प्रचंड जीत दिलाई। भाजपा ने मोदी को चेहरा बनाकर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। प्रचार के दौरान मोदी ने धुंआधार सभाएं कीं। उनके प्रचार की आक्रामक शैली ने कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया। बच्चों से लेकर बुर्जुग तक की जुबां पर एक ही न



ध्यान रखें - ये सपने है पैसा मिलने के शुभ संकेत

सपने में जहां कुछ चीजों को देखना शुभ माना जाता है। वहीं कुछ ऐसे सपने होते हैं जिसका संकेत बेदह अशुभ माना जाता है। सपने में पैसा देखना एक ऐसा स्वप्न होता है जिसका संकेत शुभ माना गया है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में पैसा देखना एक बहुत ही शुभ संकेत देने वाला सपना हो



बालिका यौन शोषण

वो कौन है जो हम में इतनी आक्रोश भरता है ? हमारी मासूमियत को नोच कर खुद को मर्द कहता है ??? ये महज कुछ शब्दों की पंक्तियाँ नहीं है ा इन पंक्तिओं में हमारे देश की लाखों लड़किओं का दर्द छिपा हुआ है जो बचपन में कभी न



मन का प्रेत

मन का प्रेतरामा को इस समय पैर बड़े भारी लग रहे थे। हर कदम मन भर का लगता था। बाबा सुबह से खेतों में काम कर रहे थे, दोपहर का खाना तो माँ दे आई थी लेकिन रात का खाना रामा को लेकर जाना था। माँ ने खाना रामा के हाथ में देकर सात बजे ही रवाना कर दिया ताकि वो जल्दी ही बाबा को खाना पहुंचा कर वापस आ जाए। मगर राम



राजनीतिक पत्रकारिता

राजनैतिक पत्रकारिता पहले में यह बताना चाहता हूँ कि मैंमीडिया का सम्मान करता हूँ और इसकी अनिवार्यता, उपयोगिता और सार्थकता मेंकोई संदेह नहीं है। पत्रकारों का काम कभी बहुत कठिन लगता है और कभीबडा आसान।आजकल पत्रकारों के नाम से सिर्फ राजनीतिके क्षेत्र में काम करने वाले पत्रकार ही ध्यान में आते। कह सकते है



अभिब्यक्ति हेराई हैं।

अभिब्यक्ति हेराई हैं।हमरे लेखक हेराने हैं ... कही लिखते मिले तो भईया हमे बता दइयों। राजनीति मे अपने वजूद को भुलाने हैं।खोकर मीडिया के हो-हल्ला मे, सामाज को रचने वाले शब्द हेराने हैं... कवि, ब्यंग, शायर, गजल सभी बौराने हैं,खोज-खाज राजनीति के चुटकले उन्हे फैलाने हैं।सच कहने व लिखने से लेखक अभी डेरा



सुखी होने के उपाय

सुखी होने के उपायविजय कुमार तिवारीसंसार में सभी सुख चाहते हैं,दुख कोई नहीं चाहता,जबकि कोई सुखी नहीं है, सभी दुखी हैं।कबीर दास जी ने कहा है कि सारा संसार दुख से भरा है।मेरा मानना है कि हमें सत्य दिखता नहीं।हम असत्य देखने के आदी हो गये हैं।हम झूठ देखते हैं और अपनी सुविधा से



उधार

पूरे दिन बरसकर मेघराज सांस लेने के लिए थम गए थे। अब कीड़े-मकोड़ो के लिए उत्सव का समय था। ढलता हुआ सूरज किसी खुशहाल किसान की तरह सीना फुलाए अपने घर की तरफ एक खूबसूरत गीत गुनगुनाता हुआ बढ़ रहा था। बादल रहने से अंधेरा ज्यादा जल्दी होता हुआ प्रतीत होता था। श्याम के 6 बजे थे। मगर मुझे घर जाने की कोई जल्दी न



महत् चिंतन

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चुनाव , मेनिफेस्टो ,और कुछ भी

चुनाव, मेनिफेस्टो और कुछ भी भारत में चुनाव उत्सव, तमाशा, जंग, उद्योग सब कुछ है। कभी ये समुद्र मंथन सा लगता है जिसके परिणामस्वरूप रत्न और विष दोनों निकलते हैं। इसमें कौन देवता हैं और कौन दानव ज्ञानी ही समझसकते हैं। हर एक पक्ष खुद को देवता और सामने वाले को दानव कहता है ।इसमें मोहनी अवतार नहीं होता। प



चुनाव, मेनिफ़ेस्टो और कुछ भी ।

चुनाव, मेनिफेस्टो और कुछ भी भारत में चुनाव उत्सव, तमाशा, जंग, उद्योग सब कुछ है। कभी ये समुद्र मंथन सा लगता है जिसके परिणामस्वरूप रत्न और विष दोनों निकलते हैं। इसमें कौन देवता हैं और कौन दानव ज्ञानी ही समझसकते हैं। हर एक पक्ष खुद को देवता और सामने वाले को दानव कहता है



भारत का हाल इस चुनावी राजनीति के माहौल में – शुभम महेश

देश में इस समय चुनाव का माहौल चल रहा है। राजनीतिक पार्टीओ के समर्थक चुनाव प्रचार में लगे है और हम मतलब जनता अपने-अपने कामो में व्यस्त है। इस व्यस्त जनता को अपने देश में क्या चल रहा है इस से कोई मतलब नहीं है और जिन्हे लगता है की देश को वाकई में बदलाव की जरुरत है उनकी कोई सुनता नहीं है। तो इस पूरी बात



फूल ! तुम खिलते रहना !

--- जीवन में बसंत चारों ओर बसंत का शोर है | हो भी क्यों ना !जीवन में बसंत का आना असीम खुशियों का परिचायक है | प्रश्न उठता है बसंत क्या है ? क्या है इसकी परिभाषा ?यूँ तो बसंत को हर किसी ने अपनी परिभाषा दी है पर सरल शब्दों में कहें तो फूलों की खिलना ही सृष्टि में बसंत का परिचायक है



गली गली में शोर है ...

बचपनमें हमने भी नगर पालिका वार्ड्स इत्यादि चुनाव में बिना किसी भेद भाव या राजनीति केआयाराम के जुलूस में शामिल होकर नारे लगाए थे “गली गली में शोर है गयाराम चोर है” औरगयाराम के जुलूस में शामिल होकर नारे लगाए थे “ गली गली में शोर है आयाराम



क्या आप जानते है उपभोक्ता के अधिकार?बहुत महत्वपू्र्ण हैं पांचो अधिकार

आज पूरे देश में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जा रहा है। यह उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण के लिए 15 मार्च को प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत करने वाले अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी थे। उन्होने उपभोक्ता अधिकारों के मुद्दे पर अमेरिकी कांग्र



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