'भारत रत्न' लाल बहादुर शास्त्री की मौत का रहस्य आज भी है क्यों कायम? जानिए इनका जीवन-परिचय

भारत देश यूही महान नहीं माना जाता, यहां पर कई वीर ऐसे हुए हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी की हर सांस देश के नाम कर दी थी। आजादी से पहले, आजादी के बाद या फिर आजादी के समय बहुत से ऐसे स्वंतत्रता सेनानी रहे हैं जिन्होंने देश के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया और आज उनका इतिहास में नाम है। उन्हीं स्वतंत्रता से



35 साल बाद पहली बार नजर आईं सनी देओल की पत्नी, इस वजह से हर किसी से रहती थीं दूर

बॉलीवुड सितारों के साथ नजर आने के लिए आम लोग पागल रहते हैं लेकिन यहां से जुड़े सितारों को लाइमलाइट से कोई मतलब भी नहीं होता है। फिल्मों में काम करने वाले सभी सितारे अपने परिवार को मीडिया के सामने लाने से हिचकिचाते हैं तो कुछ लोगों की फैमिली इन चीजों से दूर रहना चाहती है। यहां हम बात बॉलीवुड एक्टर सन



रानू मंडल पर पहली बार आया कुमार सानू का बयान, कह दी इनके लिए ऐसी बात

इंसान की किस्मत कब बदल जाए ये किसी को नहीं पता है, और हाल ही में इसका सबसे बड़ा उदाहरण देखने को मिला है। हम जिनकी बात कर रहे हैं उनका नाम रानू मंडल है और इन्होंने कभी रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर समय बिताया था लेकिन आज इनके साथ बड़े-बड़े म्यूजिक कंपोजर काम करना चाहते हैं। रानू मंडल के साथ हिमेश रेशमिया



अयोध्या विवाद: 'रामचरित मानस में नहीं है श्रीराम के जन्मस्थान का जिक्र'- मुस्लिम पक्ष

बहुत साल हो गए लेकिन आज भी अयोध्या में राम जन्मभूमि को लेकर विवाद नहीं सुलझ पाया है। हर कोई इसके बारे में बात करता है लेकिन इस मुद्दे को आज तक कोई हल नहीं कर पाया। मोदी सरकार ने साल 2014 में सत्ता आने पर कहा था कि अब मंदिर वहीं बनेगा लेकिन इस बात को 5 साल बीत गए और केंद्र में उनकी दोबारा सरकार आ गई



बॉलीवुड की इस 'ड्रीम गर्ल' ने अपनी फोटोज से बढ़ाया हॉटनेस का टेपरेचर, देखिए इनकी तस्वीरें

बॉलीवुड में बहुत सी ऐसी एक्ट्रेसेस हैं जो अपने अभिनय से ज्यादा हॉटनेस के लिए पहचानी जाती हैं। मगर कुछ ऐसी भी अदाकारा हैं जिन्होंने एक्टिंग के साथ ही अपनी फिटनेस और बोल्डनेस को भी बराबर रखा है। फिल्मों में काम करने की चाहत हर किसी को होती है लेकिन ये एक ऐसा हुनर है जो हर किसी में नहीं होता है। मगर इं



अज्ञात में उतरना है श्रद्धा

श्रद्धा, प्रेम, विश्वास और समर्पणआज बात करते हैंश्रद्धा की – प्रेम की – विश्वास की – समर्पण की | क्योंकि ये सभी केवल शब्द मात्रनहीं हैं, वरन इनमें बहुत गहरेभाव छिपे हुए हैं | श्रद्धा की ही बात करें तो हमारी समझ से तो अज्ञात में उतरनेका नाम श्रद्धा होता है | किसी ऐसे के प्रेम में पड़ जाना श्रद्धा होता



त्यौहार के नाम पर मुस्लिम मासूम बच्चों पर क्यों चलाई जाती है तलवार?

दुनिया में बहुत सी ऐसी चीजें होती हैं जो हर किसी के लिए समझना मुश्किल होता है। हर धर्म की अपनी बातें और कहानियां हैं फिर वो हिंदू हो, मुस्लिम हों या फिर कोई भी लेकिन धर्म को लेकर उनकी कहानियां अलग-अलग हैं। इसी तरह इस्लाम धर्म के शिया लोगों द्वारा मनाया जाने वाला खास पर्व मुहर्रम क्या सच में कोई पर्



बॉलीवुड की इस अभिनेत्री को देखकर लोगों ने किया ट्रोल, कहा-' कौन है ये भिखारन?'

बॉलीवुड में अक्सर एक्ट्रेसेस Oops मोमेंट का शिकार हो जाती हैं और मीडिया को बातें करने का मौका मिल जाता है। ऐसा आलिया भट्ट, कंगना रनौत, तब्बू और भी कई एक्ट्रेसेस के साथ हो चुका है लेकिन ऐसा वे कभी जानबूझ कर नहीं करती हैं। अब ये दौर स्टारकिड्स का जमाना है और अमृता सिंह श्रीदेवी, चंकी पांडे सहित कई सित



एक बार फिर पाकिस्तान ने कराई अपनी किरकिरी, यूरोपियन यूनियन ने बुरी तरह लताड़ा

वैसे तो पाकिस्तान शुरु से अपना मजाक बनाता आ रहा है लेकिन आज भी उसमें कोई बदलाव नहीं आ रहा और हमेशा की तरह इस बार भी वो अपना मजाक इंटरनेशनल लेवल पर बनाने की फिराक में है। जब से धारा 370 जम्मू-कश्मीर से हटाई गई है तब से पूरा पाकिस्तान बिलबिलाया हुआ है और पाक पीएम इमरान खान ने हर तरह की धमकी भारत को दी



क्या खोया क्या पाया जग में

क्या पाया क्या खोया जग में**********************गुरु कृपा से उपजे ज्योति गुरू ज्ञान बिन पाये न मुक्तिमाया का जग और ये घरौंदाफिर-फिर वापस न आना रे वंदे पत्थर-सा मन जल नहीं उपजेहिय की प्यास बुझे फिर कैसे.. भावुक व्यक्ति की सबसे बड़ी कमजोरी यह होती है कि वह अपने प्रति किसी के द्वारा दो बोल सहानुभूति



महिला बनकर गर्ल्स हॉस्टल मे ये आदमी करता था गंदा काम, तंग आकर छात्रा ने की शिकायत

आज के समय में लड़कियों की सेफ्टी के कई कदम उठाए जा रहे हैं फिर भी वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हर कोई 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का समर्थन करता है लेकिन क्या सच में वे बहू-बेटी या दूसरी महिलाओं की इज्जत करते हैं? यहां लड़कियों को माल कहा जाता है जबकि वे भी आम लड़कों की तरह अपनी जिंदगी जीती हैं।



पीएम मोदी के 69वें जन्मदिवस पर भक्त ने चढ़ाया इतने किलो का सोना !

बहुत से लोगों के मन में ऐसी बातें हैं कि आखिर लोग नरेंद्र मोदी को इतना तवज्जों क्यों देते हैं लेकिन सच तो ये है कि पिछले दिनों जब आजाद भारत के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री कौन है इसपर सर्वे हुआ तो 80 प्रतिशत लोगों ने नरेंद्र मोदी का नाम लिया। ये सर्वे ABP News ने अपने 11 हजार साथियों के साथ किया था। न



जीवनी : देश के बंटवारे के समय महात्मा गांधी का हुआ था कुछ ऐसा हाल

Mahatma Gandhi Biography- भारत के राष्ट्रपिता के रूप में पहचाने जाने वाले महात्मा गांधी का दर्जा आज भी बहुत ऊंचा है। भारतीय मुद्रा हो या फिर कोई सड़क का नाम हर जगह महात्मा गांधी को आज भी सम्मान दिया जाता है। उनकी तस्वीरें सरकारी भवनों में नजर आती हैं और इसके अलावा 15



जब मिस वर्ल्ड बनी थीं प्रियंका तो उनके पति की उम्र थी महज 8 साल, आज खुलेआम करते हैं रोमांस

बॉलीवुड की खबरें हमेशा से ही कोई ना कोई धमाल लेकर आती हैं। लोग फिल्म इंडस्ट्री से काफी लगाव महसूस करते हैं क्योंकि अगर वे उदास हैं, बोर हो रहे हैं या फिर एन्जॉय करना चाहते हैं तो फिल्मों का सहारा लेते हैं। बॉलीवुड में बहुत सारी गॉसिप भी चलती हैं जिससे मीडिया वालों को गरमा-गरम चटपटी बातें मिलती हैं ज



हिंदी दिवस कैसे मनाएं ...

https://duniaabhiabhi.com/how-do-we-celebrate-hindi-day/



कब और कैसे करें महालय (कनागत या श्राद्ध)वर्ष 2019 में..

भाद्रपद (भादों मास) की पूर्णिमा से प्रारंभ होकर आश्विन मास की अमावस्या तक कुल सोलह तिथियां श्राद्ध पक्ष की होती है। इस पक्ष में सूर्य कन्या राशि में होता है। इसीलिए इस पक्ष को कन्यागत अथवा कनागत भी कहा जाात है। श्राद्ध का ज्योतिषीय महत्त्व की अपेक्षा धार्मिक महत्व अधिक है क्योंकि यह हमारी धार्मिक आस



क्या करें मृत आत्मा की शांति के लिए--

पितृ सदा रहते हैं आपके आस-पास। मृत्यु के पश्चात हमारा और मृत आत्मा का संबंध-विच्छेद केवल दैहिक स्तर पर होता है, आत्मिक स्तर पर नहीं। जिनकी अकाल मृत्यु होती है उनकी आत्मा अपनी निर्धारित आयु तक भटकती रहती है। हमारे पूर्वजों को, पितरों को जब मृत्यु उपरांत भी शांति नहीं मिलती और वे इसी लोक में भटकते रह



हिंदी दिवस और राष्ट्र भाषा हिंदी

निज भाषा उन्नति अहे,सब उन्नति को मूल महान साहित्यकार भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने अपनी भाषा को सब प्रकार की उन्नति का मूल कारक बताया था।अपनीभाषा अर्थात जिस जगह हम रहते हैं ,उस विस्तृत भूभागमें बोली जाने वाली भाषा।इस प्रकार हिंदी हमारी मातृ-भाषा है,क्योंकि वह विस्तृत भू-भाग में



क्या पंचकों में अस्थि संचयन हो सकती है ???

अंत‌िम संस्कार का शास्‍त्रों में बहुत वर्णन द‌िया गया है क्योंक‌ि इसी से व्यक्त‌ि को परलोक में उत्तम स्थान और अगले जन्म में उत्तम कुल पर‌िवार में जन्म और सुख प्राप्त होता है। गरुड़ पुराण में बताया गया है क‌ि ज‌िस व्यक्त‌ि का अंत‌िम संस्कार नहीं होता है उनकी आत्मा मृत्‍यु के बाद प्रेत बनकर भटकती है औ



जानिए पितृपक्ष में पितरों के लिए पिण्डदान और श्राद्ध कैसे करें??

शास्त्रों में मनुष्य के लिए तीन ऋण कहे गये हैं- देव ऋण, ऋषि ऋण व पितृ ऋण। इनमें से पितृ ऋण को श्राद्ध करके उतारना आवश्यक है। क्योंकि जिन माता-पिता ने हमारी आयु, आरोग्यता तथा सुख सौभाग्य की अभिवृद्धि के लिए अनेक प्रयास किये, उनके ऋण से मुक्त न होने पर हमारा जन्म लेना निरर्थक होता है। इसे उतारने में क



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