दी सीक्रेट वर्ल्ड ऑफ़ एरियरीटी : फिल्म समीक्षा ( एनिमेशन )

वैसे तो मुझे एनिमेशन फिल्मे देखना कुछ ख़ास पसंद नहीं है , इसके बावजूद मैंने अब तक ढेर सारी एनिमेशन फिल्मे देखि है ! जिनमे से सिर्फ गिनी चुनी फिल्मे ही उल्लेखनीय है !यह फिल्म भी उन्ही यादगार और प्यारी फिल्मो में से एक है , मैंने किसी के आग्रह पर यह फिल्म देखि थी ,वैसे मै बहुत कम फिल्मे अंग्रेजी में दे



संस्कृति

आज का सुवचन



पास नहीं आता है!

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विकास और तरक्की की अंधी दौड़ में ये क्या हो रहा है ?

ये कहाँ आ गए हम ? “फ़रिश्ता बनने की चाहत न करें तो बेहतर है , इन्सान हैं इन्सान ही बन जाये यही क्या कम है !” तारीख़ : 25 अगस्त 2016 स्थान : ओड़िशा के कालाहांडी जिले का सरकारी अस्पताल अमंग देवी टी बी के इलाज के दौर



परिश्रमी

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ममता की दिवार

कही जा रहे थे ! बस में थे , लगातार बरसात के चलते काफी जगह यातायातमें दिक्कत हो रही थी !ट्रैफिक चरम पर था ,साँझ का समय था ! अचानक बस की खिड़की से देखते हुएसमीप ही आकर रुकी स्कुल बस पर नजर पड़ी ,स्कुल बस के स्टॉप पर बहुत सी महिलाओंका झुण्ड अपने बच्चो की प्रतीक्षा कर रहा था !स्कूल बस से बच्चो के उतरते ही



भ्रष्टाचार

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Sketches from Life: फूल खिले हैं

रंग बिरंगे फूल खिले देखकर मन भी खिल जाता है. चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. फूल है भी तो प्यार मोहब्बत की निशानी. इसलिए कवियों और शायरों की भी पसंद हैं. पूजा अर्चना के लिए भी फूल शुभ हैं. स्वागत के लिए चाहिए फूल माला, शादी के लिए चाहिए फूलों



सुकर्मी

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ट्रिपल पी माडल को आगे बढ़ायें

सीमित संसाधनों का रोना रोने की अपेक्षा प्राइवेट कंपनियों को साथ लेकर स्वच्छ भारत अभियान को गति प्रदान की जा सकती है।ठोस कघरा प्रबंधन में इन्हें जगह उपलब्ध कराने का काम सरकार का तथा देखरेख का काम प्राइवेट कंपनियों का रहे तो अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं।उच्च स्तरीय



अपने देश की "महानता"के क्या कहने

व्यंग लेख --अपने देश की "महानता"के क्या कहने******************************************************मैं अपने देश भारत की उदारता को नमन करता हूँ |यही तो वो देश है ,जहाँ एक अनाचारी ,दुराचारी ,भ्रष्टाचारी ,अत्याचारी और बलात्कारी व्यक्ति स



दुःख

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जम्मू और लद्दाख भारत में खुश हैं तो कश्मीर क्यों नहीं है

जम्मू और लद्दाख भारत में खुश हैं तो कश्मीर क्यों नहीं है "घर को ही आग लग गई घर के चिराग से " 8 जुलाई 2016 को कश्मीर के एक स्कूल के प्रिंसिपल का बेटा और हिजबुल मुजाहिदीन का दस लाख रुपए का ईनामी आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद से आज तक लगातार सुलगता कश्मीर कुछ ऐसा ही आभ



सुअर बाड़े में रखने की जरूरत

सफाई व्यवस्था में सहायक कहकर सुअर गली मोहल्ले में छोड़ दिये जाते हैं।सड़ी गली चीजों को खाकर वे रास्ते में मल मूत्र त्याग कर आगे बढ़ जाते हैं और पूरी गली गन्दी कर देते हैं।मोहल्ले वाले इसकी शिकायत किससे करें?



सार्वजनिक शौचालय 🚹 का अभाव

शौच और पेशाब जाने के लिए आदमी तो कोई किनारा ढूंढ ही लेता है परन्तु महिलाओं को बाज़ार या राह चलते सार्वजनिक शौचालय का न होना बहुत अखरता है।मजबूरी में शौच या पेशाब के वेग को रोक अनजाने ही कई बीमारियों का शिकार होना पड़ता है।बाज़ार के आसपास सार्वजनिक शौचालय अनिवार्य रूप से



आय-व्यय

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शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 26

1. छतीसा क-आयु ख-छत्तीस वर्ष का ग-ढोंगी, अत्यन्त चतुर 2. छबड़ा क-गाय का बच्चा ख-टोकरा, झाबा ग-अकेला 3. छबीना क-पड़ाव ख-युवती ग-एक नाम 4. छर्दि



सरकारी स्कूलों का कायाकल्प संभव

सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले अधिकांश बच्चे गरीब तबक़े से आते हैं क्योंकि उनके पास प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस और किताबों के लिए पर्याप्त पैसा नहीं होता।सरकार भी योग्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करने में रुचि नहीं लेती।मात्र वोटों की खातिर समर्पित व योग्य शि



सर्वधर्म सार

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पुस्तक समीक्षा : खुनी जंग ( कारवां )

कुछ अरसे पहले याली ड्रीम्स क्रिएशन की होरर ग्राफिक नॉवेल ‘’कारवाँ ‘’ रिलीज हुयी थी जिसे काफी चर्चा मिली थी , उसकी सफलता से प्रेरित होकर उसका हिंदी रूपांतरण भी किया गया ,जो मेरे व्यग्तिगत विचार से अंग्रेजी से भी बेहतर बनी थी l चूँकि मैंने हिंदी और अंग्रेजी दोनों पढ़ी हुयी है तो तुलनात्मक रूप से यदि कह



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