तुलसी पूजन दिवस :---- आचार्य अर्जुन तिवारी

24 दिसम्बर 2018   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (98 बार पढ़ा जा चुका है)

तुलसी पूजन दिवस :---- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म इतना दिव्य एवं विस्तृत है कि यहाँ मानव जीवन में उपयोगी सभी तत्वों का विशेष ध्यान रखा गया है | सनातन धर्म में अन्य देवी - देवताओं की पूजा के साथ ही प्रकृति पूजन का विशेष ध्यान रखा गया है , इसी विषय में आज हम बात करेंगे २५ दिसंबर अर्थात "तुलसी पूजन दिवस" की | मानव जीवन के लिए तुलसी कितनी उपयोगी है यह बताने की आवश्यकता नहीं है | जहां पौराणिक संदर्भो में तुलसी की दिव्य कथायेॉ प्राप्त होती है वहीं दैनिक जीवन में तुलसी एक दिव्य औषधि के रूप में अपने प्रत्येक अंगों के साथ प्रस्तुत होती है | प्रकृति में उपस्थित अन्य पूजनीय वृक्षों में तुलसी का बड़ा महत्त्वपूर्ण स्थान है | तुलसी का पूजन, दर्शन, सेवन व रोपण आधिदैविक, आधिभौतिक और आध्यात्मिक – तीनों प्रकार के तापों का नाश कर सुख-समृद्धि देने वाला है | भगवान शिव स्वयं कहते हैं- "तुलसी सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाली है |" पौराणिक कथाओं में स्थान - स्थान पर तुलसी का महत्व दर्शाया गया है | अपने हित साधन की इच्छा से दंडकारण्य में व राक्षसों का वध करने के उद्देश्य से सरयू तट पर भगवान श्री राम जी ने एवं गोमती तट पर व वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण ने तुलसी लगायी थी | अशोक वाटिका में सीता जी ने रामजी की प्राप्ति के लिए तुलसी जी का मानस पूजन ध्यान किया था | हिमालय पर्वत पर पार्वती जी ने शंकर जी की प्राप्ति के लिए तुलसी का वृक्ष लगाया था | भगवान विष्णु की कोई भी पूजा बिना तुलसी के पूर्ण नहीं मानी जाती | हमारे ऋषि-मुनि अपने आसपास तुलसी का पौधा लगाते व तुलसीयुक्त जल का आचमन लेते थे | तुलसी की दिव्यता का वर्णन करते हुए व्यास जी पद्मपुराण में लिखते हैं :- "दृष्टा निखिलाघसंघशमनी स्पृष्टा वपुष्पावनी ! रोगाणामभिवन्दिता निरसनी सिक्तान्तकत्रासिनी !! प्रत्यासत्तिविधायिनी भगवतः कृष्णस्य संरोपिता ! न्यस्ता तच्चरणे विमुक्तिफलदा तस्यै तुलस्यै नमः !! अर्थात :- जो दर्शन करने पर सारे पाप-समुदाय का नाश कर देती है, स्पर्श करने पर शरीर को पवित्र बनाती है, प्रणाम करने पर रोगों का निवारण करती है, जल से सींचने पर यमराज को भी भय पहुँचाती है, आरोपित करने पर भगवान श्रीकृष्ण के समीप ले जाती है और भगवान के चरणों में चढ़ाने पर मोक्षरूपी फल प्रदान करती है, उस तुलसी देवी को नमस्कार है |* *आज दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि हम अपने सनातन मान्यताओं को भूल करके पाश्चात्य संस्कृति पर अपनाने के लिए तत्पर दिखाई दे रहे हैं | आज के दिन हम "तुलसी पूजन दिवस" को भूल करके क्रिसमस दिवस मनाने की तैयारी करते रहते हैं | क्रिसमस दिवस जहां एक प्लास्टिक का वृक्ष तैयार कर के उसके चारों तरफ प्रकाश करके यह कामना करते हैं कि सेंटा क्लाज नाम का कोई व्यक्ति आकर के हमारी मनोकामनाएं पूरी करेगा | क्रिसमस दिवस धर्म विशेष का पर्व हो सकता है परंतु सनातन का नहीं | मैं "आचार्य अर्जुन तिवारी" क्रिसमस दिवस मनाने वाले सभी सनातन मतावलम्बियों से पूछना चाहूंगा कि हम एक जागृत दिव्य औषधि के रूप में हमारे बीच में उपस्थित तुलसी जैसे पौधे का पूजन भूल कर के निर्जीव क्रिसमस वृक्ष का पूजन करके क्या प्राप्त करना चाहते हैं , या हमको इस से क्या प्राप्त हो सकता है ?? एक तरफ जहां तुलसी पौराणिक , अध्यात्मिक एवं लौकिक जीवन में उपयोगी सिद्ध हुई है जिसके महत्व को आधुनिक युग में वैज्ञानिकों ने भी मानी है | इनके पूजन को छोड़कर के क्रिसमस दिवस पर एक कृत्रिम वृक्ष का पूजन करके हमें क्या प्राप्त हो जाएगा ?? यह विचारणीय विषय है | जहां तक मैं मानता हू इसका एक ही कारण कि हम अपने धर्म व अपने जीवन में उपयोगी प्राकृतिक संसाधनों के विषय में जानकारी प्राप्त न करके आधुनिक चकाचौंध में भ्रमित होते जा रहे हैं जोकि हमारे लिए घातक है | मैं किसी पर्व विशेष का विरोधी न हो कर के सिर्फ इतना मानता हूँ कि पूजन उसका किया जाय पर्व वह मनाया जाए जिससे मानव मात्र का कल्याण हो |* *आज "तुलसी पूजन दिवस" के पावन अवसर पर मानव मात्र को तुलसी संवर्धन एवं संरक्षण का संकल्प लेते हुए सनातन मान्यताओं के साथ साथ मानव जीवन के संरक्षण में सहयोगी बनने की आवश्यकता है |*

अगला लेख: अहिंसा परमो धर्म: :---- आचार्य अर्जुन तिवारी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 दिसम्बर 2018
बोधगया में है 2650 साल पुराना यह बोधिवृक्ष। बोधिमंदिर सहित इस वृक्ष की सुरक्षा में बिहार मिलिट्री पुलिस की चार बटालियन (करीब 360 जवान) तैनात हैं।इसकी टहनियां इतनी विशाल हैं कि इसे लोहे के 12 पिलर के सहारे खड़ा किया गया है। संभवत: यह देश का अकेला वृक्ष है, जिसके दर्शन के लिए हर साल 5 लाख से ज्यादा श्र
27 दिसम्बर 2018
20 दिसम्बर 2018
हम आपके लिए 11 बहुत ही खूबसूरत तस्वीरें लेकर आए हैं। आज की तस्वीरों पर आपको गर्व जरूर होगा। क्योंकि ये तस्वीरें हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है। भारत में सैकड़ों धर्म मौजूद है। यहां पर हिंदू और मुस्लिम दो मुख्य धर्म है। इन दोनों धर्मो को मानने वाले करोड़ों लोग इस देश में रहते हैं दोनों ही समुदाय के
20 दिसम्बर 2018
18 दिसम्बर 2018
सनातन धर्म में मानव जीवन को दिव्य बनाने के लिए सोलह संस्कारों की व्यवस्था हमारे महापुरुषों के द्वारा बनाई गई थी | मनुष्य के जन्म लेने के पहले से प्रारंभ होकर की यह संस्कार मनुष्य की मृत्यु पर पूर्ण होते हैं | मनुष्य जीवन का सोलहवां संस्कार , "अंतिम संस्कार" कहा गया है | मनुष्य की मृत देह को पंच तत्व
18 दिसम्बर 2018
15 दिसम्बर 2018
*इस धरा धाम पर ईश्वर ने मनुष्य को विवेकवान बनाकर भेजा है | मनुष्य इतना स्वतंत्र है कि जो भी चाहे वह सोच सकता है , जो चाहे कर सकता है , किसी के किए हुए कार्य पर मनचाही टिप्पणियां भी कर सकता है | इतना अधिकार देने के बाद भी उस परमपिता परमात्मा ने मनुष्य को स्वतंत्र नहीं किया है | मनुष्य किसी भी कार्य
15 दिसम्बर 2018
18 दिसम्बर 2018
*संपूर्ण विश्व में भारत देश को महान एवं विश्वगुरु माना जाता था | विश्व में अकेला ऐसा देश भारत है जिसे देवभूमि कह कर पुकारा जाता है | भारत यदि विश्वगुरु बना था तो यहां के महापुरुषों के कृत्यों एवं उनकी संस्कृति के आधार पर | भारत की संस्कृति संपूर्ण विश्व में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती रही है |
18 दिसम्बर 2018
18 दिसम्बर 2018
*सनातन धर्म में ब्रह्मा विष्णु महेश के साथ 33 करोड़ देवी - देवताओं की मान्यताएं हैं | साथ ही समय-समय पर अनेकों रूप धारण करके परम पिता परमात्मा अवतार लेते रहे हैं जिनको भगवान की संज्ञा दी गई है | भगवान किसे कहा जा सकता है इस पर हमारे शास्त्रों में मार्गदर्शन करते हुए लिखा है :-- ऐश्वर्यस्य समग्रस्य ध
18 दिसम्बर 2018
24 दिसम्बर 2018
क्रिसमस के मौके पर हर घर में छोटे से लेकर बड़े क्रिसमस ट्री को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया जाता है। गिफ़्ट, लाइट और मोमबत्तियों से सजा क्रिसमस ट्री बेहद सुंदर दिखता है, लेकिन क्या कभी आपने सोचा क्रिसमस ट्री को सजाने की शुरुआत कैसे हुई और इसे क्यों सजाया जाता है? zoom ऐसा माना
24 दिसम्बर 2018
11 दिसम्बर 2018
*योनियों भ्रमण करने के बाद जीव को इन योनियों में सर्वश्रेष्ठ मानव योनि प्राप्त होती है | मनुष्य जन्म लेने के बाद जीव की पहचान उसके नाम से होती है | मानव जीवन में नाम का बड़ा प्रभाव होता है | आदिकाल में पौराणिक आदर्शों के नाम पर अपने बच्चों का नाम रखने की प्रथा रही है | हमारे पूर्वजों का ऐसा मानना थ
11 दिसम्बर 2018
18 दिसम्बर 2018
*परमपिता परमात्मा ने विशाल सृष्टि की रचना कर दी और इस दृष्टि का संचालन करने के लिए किसी विशेष व्यक्ति या किसी विशेष पद का चयन नहीं किया | चौरासी लाख योनियां इस सृष्टि पर भ्रमण कर रही है परंतु इन को नियंत्रित करने के लिए उस परमात्मा ने कोई अधिकारी तो नहीं किया परंतु परमात्मा ने मनुष्य के सहित अनेक ज
18 दिसम्बर 2018
18 दिसम्बर 2018
*सनातन धर्म में तपस्या का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है | किसी भी अभीष्ट को प्राप्त करने के लिए उसका लक्ष्य करके तपस्या करने का वर्णन पुराणों में जगह जगह पर प्राप्त होता है | तपस्या करके हमारे पूर्वजों ने मनचाहे वरदान प्राप्त किए हैं | तपस्या का वह महत्व है , तपस्या के बल पर ब्रह्माजी सृजन , विष्णु ज
18 दिसम्बर 2018
18 दिसम्बर 2018
*इस सृष्टि में परमात्मा की अनुपम कृति मनुष्य कहीं गयी है | इससे सुंदर शायद कोई रचना परमात्मा ने नहीं किया | सभी प्राणियों में मनुष्य सर्वश्रेष्ठ इसलिए है क्योंकि ईश्वर ने उसको सोचने समझने की शक्ति दी है , और हमारे महापुरुषों ने स्थान - स्थान पर मनुष्य को सचेत करते हुए पहले मनन करने फिर क्रियान्वयन
18 दिसम्बर 2018
18 दिसम्बर 2018
*परमात्मा की बनाई हुई यह महान सृष्टि इतनी रहस्यात्मक किससे जानने और समझने मनुष्य का पूरा जीवन व्यतीत हो जाता है , परंतु वह सृष्टि के समस्त रहस्य को जान नहीं पाता है | ठीक उसी प्रकार इस धरा धाम पर मनुष्य का जीवन भी रहस्यों से भरा हुआ है | मानव के रहस्य को आज तक मानव भी नहीं समझ पाया है | इन रहस्यों क
18 दिसम्बर 2018
19 दिसम्बर 2018
क्रिसमस ईसाई समुदाय का सबसे बड़ा त्यौहार है । जैसे हिन्दू समुदाय के लिए दीपावली, मुस्लिम समुदाय के लिए ईद और सिख समुदाय के लिए लोहड़ी का त्यौहार होता है ठीक उसी तरह क्रिसमस ईसाई समुदाय का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्यौहार होता है। क्रिसमस हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता
19 दिसम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x