यूपी के इस गांव में मां- बाप अपने बच्चों को डॉक्टर -इंजीनियर नहीं बल्कि भिखारी बनाना चाहते हैं

30 जनवरी 2019   |  अंकिशा मिश्रा   (101 बार पढ़ा जा चुका है)

यूपी के इस गांव में मां- बाप अपने बच्चों को डॉक्टर -इंजीनियर नहीं बल्कि भिखारी बनाना चाहते हैं

हर माँ-बाप अपने बच्चों के लिए कोई न कोई सपना ज़रूर देखते हैं कोई चाहता हैं उनका बच्चा डॉक्टर बने तो किसी का ख्वाब होता है कि उनका बच्चा इंजीनियर बने लेकिन आपको ये बात सुनकर थोड़ी हैरानी होगी कि उत्तर प्रदेश के मैनपुरी ज़िले में नगला दरबारी नाम का एक गांव है, जहां माता-पिता बच्चों को इंजीनियर या डॉक्टर नहीं, बल्कि भिखारी बनाते हैं. बता दें कि इस गांव में केवल 30 परिवार रहते हैं. यहां पर आज भी लोग कच्ची मिट्टी के मकानों में रहते हैं. इन मकानों की ख़ास बात ये है कि इनमें कोई दरवाज़ा नहीं है, क्योंकि यहां के लोगों को न तो चोरी का डर है और न ही सेंध लगने का. यहां पर बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है. यहां के लोग गरीबी और तंगहाली में अपना जीवन जी रहे हैं.




गौरतलब है गांव में रहने वाले जौहरी नाथ ने बताया, ‘साल 1958 में उनके पिता ख्यालीनाथ परिवार के साथ इस गांव में आए थे. जब कोई काम समझ नहीं आया तो पहले उन्होंने गुज़र-बसर के लिए पैतृक काम नागों को बीन पर नचाना शुरू किया. इसके बाद भी जब गुज़ारा नहीं हुआ, तो वो भीख मांगकर हमारा पेट पालने लगे. अब भीख मांगना ही हमारा पेशा बन गया है.’

आपको बता दें, कि सरकार द्वारा चलाई जा रही कोई भी योजना इनके तक नहीं पहुंच पाती है. इसलिए पढ़ाई-लिखाई से दूर, हर सुख-सुविधा से वंचित इन लोगों ने अपनी एक अलग पाठशाला खोल रखी है. इसमें बच्चों को सांपों को वश में करना सिखाते हैं. इस गांव में 200 से ज़्यादा लोग रहते हैं और तक़रीबन 100 रुपये प्रतिदिन कमा लेते हैं. ये लोग सांप दिखाकर भीख मांगने के चक्कर में तिहाड़ जेल भी जा चुके हैं.


अगला लेख: आपके अनुसार महागठबंधन में से कौन सा नेता मोदी जी को टक्कर दे सकता है? आपको ऐसा क्यों लगता है?



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
01 फरवरी 2019
आज हम आज़ादी का मजा लेते हुए अपने घरों में बड़े-बड़े मुद्दों को बड़ी आसानी से बहस में उड़ा देते है, लेकिन कभी सोचा है कि जिन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए देश को आज़ाद कराया, उनमें से जो जिंदा हैं, वो किस हाल में हैं ?ये हैं झाँसी के रहने वाले श्रीपत जी, 93 साल से भी ज्यादा की उम्र पार कर चुके श्रीप
01 फरवरी 2019
21 जनवरी 2019
हर कोई व्यक्ति चाहता है कि वह अपने माता-पिता का नाम रौशन करें जिसके बारे में वह काफी सोचता है उसका ऐसा मानना होता है कि हमारे माता-पिता ने बहुत ही दुख और कष्ट झेल कर हमको इतना बड़ा किया है उसके बदले में हमारा भी यह कर्तव्य होता है कि हम अपने माता-पिता के लिए कुछ करें
21 जनवरी 2019
04 फरवरी 2019
पाकिस्तान में लड़कियों के लिए कई कड़े नियम होते हैं। वहां रहने वाले लोगों को इन नियमों को मानना भी होता है, लेकिन कहते हैं ना कि जहां चाह वहां राह। एक ऐसा ही वाक्या पाकिस्तान में घटा है जिसके चलते वहां पर पहली बार कोई हिंदू महिला जज बनी हैं। बता दें सुमन पवन बोदानी नाम की ये महिला पहली महिला सिविल ज
04 फरवरी 2019
01 फरवरी 2019
भारत के इतिहास में कई महान संत हुए हैं जिन्होंने अपने जीवन में कविताओं के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाई। मगर संत कबीरदास की रचनाओं का कोई जोड़ नहीं था। वे एक आध्यात्मिक कवि थे जिन्होंने अपनी रचनाओं से हिंदी साहित्य को बदल दिया था और
01 फरवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x