दीप जलाएँ

13 नवम्बर 2020   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (424 बार पढ़ा जा चुका है)

दीप जलाएँ

आज धन्वन्तरी त्रयोदशी – जिसे धनतेरस भी कहा जाता है – का पर्व है, और कल दीपमालिका के साथ धन की दात्री माँ लक्ष्मी का आह्वाहन किया जाएगा... धन, जो है उत्तम स्वास्थ्य का उल्लास… धन, जो है ज्ञान विज्ञान का आलोक… धन, जो है स्नेह-प्रेम-दया आदि सद्भावों का प्रकाश… सभी का जीवन इस समस्त प्रकार के वैभव से समृद्ध रहे इसी कामना के साथ सभी को दीपावली के प्रकाश पर्व की झिलमिल करती हार्दिक शुभकामनाएँ… कात्यायनी...

एक एक दीपक से सारे जग के आओ दीप जलाएँ

जिनकी झिलमिल आभा में ये चाँद सितारें भू पर आएँ ||

धन की दात्री लक्ष्मी को हम लक्ष्मी ही करते हैं अर्पण |

कैसी ये विडम्बना ? आओ मिलकर इससे पार तो पाएँ ||

आज अगर हर दीन हीन के दीपों में कुछ स्नेह बढ़ाएं |

मधुमय मुस्कानों से कितनों के मुख आलोकित हो जाएँ ||

साज सजें ऐसे जिन पर सब मिलकर दीपक राग सजाएँ

और धरा आकाश गले मिल मस्त मगन मन नृत्य दिखाएँ ||

जन जन का जीवन आलोकित करने हित हम नेह बढ़ाएँ

और बाती को थोड़ा उकसा कर दीपक की जोत बढ़ाएँ |

भेद भाव और व्यंग्य बाण सब दीपशिखा की भेंट चढ़ाएँ

और सद्भावों की आभा फिर जग के कण कण में फैलाएँ ||

देखो चन्द्रकिरण देती है जग को नवयुग का अभिनन्दन

इसी अकौकिक आभा का आओ हम सब कर लें आलिंगन ||

दीपमालिका का प्रकाश जन जन की राहों में फैलाएँ

भागे दूर अँधेरा और सबके मन स्वर्ण कमल खिल जाएँ ||

दीपावली का यह पर्व सभी के लिये मंगलमय हो…

____________कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा

https://youtu.be/-FQ3aUqocsU

अगला लेख: सूर्य का वृश्चिक में गोचर



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
07 नवम्बर 2020
शरद ऋतु की कोमल मुलायम सी धूप... ध्यान से देखेंगे तो अनगिनतीरूप... रंग और भाव दीख पड़ेंगे... कभी किसी नायिका सी... तो कभी श्वेत कपोत सी...तो कभी रेगिस्तान की मृगमरीचिका सी... कुछ इसी प्रकार के उलझे सुलझे से भावों केसाथ प्रस्तुत है हमारी आज की रचना... धूप शरद की... कात्यायनी...https://youtu.be/hVjKTmk
07 नवम्बर 2020
14 नवम्बर 2020
आज दीपोत्सव की सभी को अनेकशःहार्दिक शुभकामनाएँ...माटी के ये दीप जलानेसे क्या होगा, जला सको तो स्नेह भरे कुछ दीप जलाओ |दीन हीन और निर्बल सबहीके जीवन में स्नेहपगी बाती की उस लौ को उकसाओ ||दीपमालिका मेंप्रज्वलित प्रत्येक दीप की प्रत्येक किरण हम सभी के जीवन में सुख, समृद्धि,स्नेह और सौभाग्य की स्वर्णिम
14 नवम्बर 2020
02 नवम्बर 2020
नरक चतुर्दशी / रूप चतुर्दशी / लक्ष्मी पूजन / दीपोत्सव पाँचपर्वों की श्रृंखला “दीपावली” की दूसरी कड़ी है नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली अथवा रूप चतुर्दशी केनाम से भी जाना जाता है और प्रायः यह लक्ष्मी पूजन से पहले दिन मनाया जाता है |किन्तु यदि सूर्योदय में चतुर्दशी तिथि हो और उसी दिन अपराह्न मेंअमावस्य
02 नवम्बर 2020
06 नवम्बर 2020
अनमोल वचन ➖ 3सद्गुरु हम पर प्रसन्न भयो, राख्यो अपने संगप्रेम - वर्षा ऐसे कियो, सराबोर भयो सब अंग।सद्गुरु साईं स्वरूप दिखे, दिल के पूरे साँचजब दुःख का पहाड़ पड़े, राह दिखायें साँच।सद्गुरु की जो न सुने, आपुनो समझे सुजानतीनों लोक में भटके, तबतक गुरु न मिले महान।सद्गुरु की महिमा अनंत है, अहे गुणन की खानभव
06 नवम्बर 2020
23 नवम्बर 2020
श्
‼️ भगवत्कृपा हि केवलं‼️ओम् नमो भगवते वासुदेवाय श्री राम चरित मानस 🌻अयोध्याकाँड🌻गतांक से आगे... चौपाई-एक कलस भरि आनहिं पानी।अँचइअ नाथ कहहिं मृदु बानी।।सुनि प्रिय बचन प्रीति अति देखी।राम कृपाल सुसील बिसेषी।।जानी श्रमित सीय मन माहीं।घरिक बिलंबु कीन्ह बट छाहीं।।मुदित नारि नर दे
23 नवम्बर 2020
31 अक्तूबर 2020
अहोईअष्टमी व्रतआश्विन शुक्लपक्ष आरम्भ होते ही पर्वों की धूम आरम्भ हो जाती है | पहले शारदीय नवरात्र, बुराई और असत्य परअच्छाई तथा सत्य की विजय का प्रतीक पर्व विजया दशमी उसके बाद शरद पूर्णिमा औरआदिकवि वाल्मीकि की जयन्ती, फिर कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा सेकार्तिक स्नान आरम्भ हो जाता है | कल कार्तिक कृष्ण प्र
31 अक्तूबर 2020
20 नवम्बर 2020
मकर, कुम्भ और मीन राशि के जातकों के लिए गुरु का मकर मेंगोचरसोमवार 29 मार्च 2020, चैत्र शुक्ल षष्ठी को 27:55 (अर्द्धरात्र्योत्तर तीन बजकर पचपन मिनट) के लगभग आयुष्मान योग और कौलवकरण में गुरुदेव का गोचर मकर राशि में हुआ था | लेकिन 14मई 2020 को रात्रि 7:47 केलगभग वक्री होते हुए गुरु तीस जून 2020 को सूर्
20 नवम्बर 2020
23 नवम्बर 2020
मेरी एकादशोत्तरशत काव्य रचना (My One Hundred eleventh Poem)"सामान"“घर-घर सामान भरा पड़ा हैहद से ज्यादा भरा पड़ा हैखरीद-खरीद के बटुआ खालीखाली दिमाग में सामान भरा पड़ा है -१हर दूसरे दिन बाहर जाना हैनयी-नयी चीजें लाना हैजरूरत है एक सामान कीढोकर हजार सामान लाना है-२अपने घर में जो रखा हैउसकी खुशी न करना
23 नवम्बर 2020
14 नवम्बर 2020
आओ हम सब मिलकर ऐसा दीप जलाएँआओ हम सब मिलकर ऐसा दीप जलाएँदीप बनाने वालों के घर में भी दीये जलाएँचीनी हो या विदेशी हो सबको ढेंगा दिखाएँअपनों के घर में बुझे हुए चूल्हे फिर जलाएँअपनें जो रूठे हैं उन्हें हम फिर से गले लगाएँ।आओ हम सब मिलकर ऐसा दीप जलाएँजो इस जग में जगमग-जगमग जलता जाएजो अपनी आभा को इस जग म
14 नवम्बर 2020
26 नवम्बर 2020
जीवन में सुख और दुःख ये दोनोंचक्रनेमि क्रम से आते जाते ही रहते हैं... उसी प्रकार जैसे दिवस के बाद सन्ध्या काआगमन होता है... उसके बाद निशा का... और पुनः दिवस का... चलता रहता है यही क्रम...तो क्यों किसी भी कष्ट की अथवा विपरीत घड़ी में चिन्तित होकर बैठा जाए...? क्यों नप्रयास किया जाए पुनः आगे बढ़ने का...
26 नवम्बर 2020
26 नवम्बर 2020
जीवन में सुख और दुःख ये दोनोंचक्रनेमि क्रम से आते जाते ही रहते हैं... उसी प्रकार जैसे दिवस के बाद सन्ध्या काआगमन होता है... उसके बाद निशा का... और पुनः दिवस का... चलता रहता है यही क्रम...तो क्यों किसी भी कष्ट की अथवा विपरीत घड़ी में चिन्तित होकर बैठा जाए...? क्यों नप्रयास किया जाए पुनः आगे बढ़ने का...
26 नवम्बर 2020
07 नवम्बर 2020
शरद ऋतु की कोमल मुलायम सी धूप... ध्यान से देखेंगे तो अनगिनतीरूप... रंग और भाव दीख पड़ेंगे... कभी किसी नायिका सी... तो कभी श्वेत कपोत सी...तो कभी रेगिस्तान की मृगमरीचिका सी... कुछ इसी प्रकार के उलझे सुलझे से भावों केसाथ प्रस्तुत है हमारी आज की रचना... धूप शरद की... कात्यायनी...https://youtu.be/hVjKTmk
07 नवम्बर 2020
13 नवम्बर 2020
गरीब की दीवाली दीवाली के दिए जले हैं घर-घर में खुशहाली है।पर इस गरीब की दीवाली लगती खाली खाली है।पैसा वालों के घर देखोअच्छी लगे सजावट है।इस गरीब के घर को देखोटूटी- फूटी हालत है।हाय-हाय बेदर्द विधातागला गरीबी घोट रही।बच्चों के अब ख्वाब घरौंदेलाचारी में टूट रही।जेब पड़ी है खाली मेरीकैसे पर्व मनाऊं म
13 नवम्बर 2020
17 नवम्बर 2020
मेष,वृषभ और मिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु का मकर में गोचरसोमवार 29 मार्च 2020, चैत्र शुक्ल षष्ठी को 27:55 (अर्द्धरात्र्योत्तरतीन बजकर पचपन मिनट) के लगभग आयुष्मान योग और कौलव करण में गुरुदेव का गोचर मकरराशि में हुआ था | लेकिन 14 मई 2020 कोरात्रि 7:47 के लगभग वक्री होते हुए गुरु तीस जून 2020को सूर्
17 नवम्बर 2020
19 नवम्बर 2020
तुला, वृश्चिक और धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का मकर मेंगोचरसोमवार29 मार्च 2020, चैत्र शुक्ल षष्ठीको 27:55 (अर्द्धरात्र्योत्तर तीन बजकर पचपन मिनट) के लगभगआयुष्मान योग और कौलव करण में गुरुदेव का गोचर मकर राशि में हुआ था | लेकिन 14मई 2020 को रात्रि 7:47 केलगभग वक्री होते हुए गुरु तीस जून 2020 को सूर
19 नवम्बर 2020
13 नवम्बर 2020
दीपों की जगमग है दिवाली दीपों का श्रृंगार दिवाली है माटी के दीप दिवाली मन में खुशियाँ लाती दिवाली || रंगोली के रंग दिवाली लक्ष्मी संग गणपति का आगमन दिवाली स्नेह समर्पण प्यार भरी मिठास का विस्तार दिवाली अपनों के संग अपनों के रंग में घुल जाने की प्रीति दिवाली हाथी घोड़े मिट्टी के बर्तन फुलझड़ियों का
13 नवम्बर 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x