काव्य की विधाएँ

03 सितम्बर 2016   |  दुर्गेश नन्दन भारतीय   (7436 बार पढ़ा जा चुका है)

@@@@@@@@@@@@@@@@@@काव्य की विधाएँ विविध,है अलग सबकी पसन्द |गीत,गजल,दोहा,भजन, कविता शेर और छन्द ||कविता शेर और छन्द, नवरस के रंग बरसाए ,कुण्डी खोल दिल -द्वार की , मार्ग सही दिखाएँ ||@@@@@@@@@@@@@@@@@@

अगला लेख: बो विश्वगुरु भारत देश कठे



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 अगस्त 2016
@@@@@@@ कमाई @@@@@@@*************************************************एक तरफ वेतन वाली,एक तरफ घूस वाली |एक कहे मैं बीवी , दूजी कहे मैं साली ||धर्मपत्नी सी वेतन वाली,रखेल जैसी घूस वाली |एक दिलाए इज्जत ,दूजी दिलाए गाली ||एक तरफ वेतन वाली,एक तरफ घूस वाली |एक कहे मैं बीवी , दूजी कहे मैं साली ||शरबत जैसी
22 अगस्त 2016
24 अगस्त 2016
व्यंग लेख --अपने देश की "महानता"के क्या कहने******************************************************मैं अपने देश भारत की उदारता को नमन करता हूँ |यही तो वो देश है ,जहाँ एक अनाचारी ,दुराचारी ,भ्रष्टाचारी ,अत्याचारी और बलात्कारी व्यक्ति स
24 अगस्त 2016
26 अगस्त 2016
@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@घोर मंहगाई के इस दौर में , जान इन्सान की सस्ती है |जिसने जितना ठगा किसी को, उसकी उतनी हस्ती है ||पर न हिम्मत हार ओ नेक इन्सान नसीब इसे मान कर ,भ्रष्टाचार के भँवर में भी, नहीं डूबती ईमान की कश्ती है ||@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@
26 अगस्त 2016
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x