आग सूरज में होती हैं ! शायरी और चुटकुले

23 मई 2017   |  प्रदीप कुमार   (1442 बार पढ़ा जा चुका है)

आग सूरज में होती है , तड़पना जमी को पड़ता हैं |

मौहब्बत निगाहें करती हैं ,तड़पना दिल को पड़ता हैं ||


सीने में लगी है , आग दुनियां में लगा दूँगा |

जिस दिन उठेगी तेरी डोली,

उस दिन पूरी दुनियाँ को जला दूँगा ||

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