क्षण क्या है ??????

04 जुलाई 2018   |  गौरीगन गुप्ता   (78 बार पढ़ा जा चुका है)

एक बार पलक झपकने भर का समय ..... , पल - प्रति पल घटते क्षण मे, क्षणिक पल अद्वितीय अद्भुत बेशुमार होते, स्मृति बन जेहन मे उभर आआए वो बीते पल, बचपन का गलियारा, बेसिर पैर भागते जाते थे, ऐसा लगता था , जैसे समय हमारा गुलाम हो, उधेड़बुन की दुनियां मे सरपट भागता, समय फिर भी हाह ना आता बात समझ जब आई जब जीवन मे कुछ पीछे छूट गया, संभावना होती प्रतिक्षण मे ....., पलभर मे सपनों के महल खंडहर हो गये या, निराश भरे क्षणों मे आशा की किरणे बिखर गई या, म्लान पर्तों पर संवेदना अअपना रस उडेल गगई अच्छे-बुरे कर्म ही बनाते समय को भला बुरा क्षण भंगुर जीजीवन पल मे खुशी या गम से भरा, वक्त रहते बात समझ आई, समयप्रतीक्षारत नही किसी का, समय सीख देता, निरंतरता, नियमितता, बचनवद्ध ता की, पहचान, परख, समझ, समय को जीवन उन्नत बना, अतीत से सीख, वर्तमाम सुधार, भविष्य को उज्ज्वल बना, 'समय' जीवन का अनमोल धन है, कुदरत का दिया तोहफा, समान बटवारा, समान हहक सबका, 'सतत समय का मान कर ले', वरना हाथ मलते रह जाओगे।

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