अमरनाथ यात्रा

29 जुलाई 2018   |  Pratibha Bissht   (86 बार पढ़ा जा चुका है)

अमरनाथ यात्रा  - शब्द (shabd.in)

अमरनाथ हिन्दुओं का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यह कश्मीर राज्य के श्रीनगर शहर के उत्तर-पूर्व में 135 सहस्त्रमीटर दूर समुद्रतल से 13600 फुट की ऊँचाई पर स्थित है। इस गुफा की लंबाई (भीतर की ओर गहराई) 19 मीटर और चौड़ाई 16 मीटर है। गुफा 11 मीटर ऊँची है। अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। अमरनाथ को तीर्थों का तीर्थ कहा जाता है क्यों कि यहीं पर भगवान शिव ने माँ पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। यहाँ की प्रमुख विशेषता पवित्र गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का निर्मित होना है। प्राकृतिक हिम से निर्मित होने के कारण इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंगभी कहते हैं। आषाढ़ पूर्णिमा से शुरू होकर रक्षाबंधन तक पूरे सावन महीने में होने वाले पवित्र हिमलिंग दर्शन के लिए लाखों लोग यहां आते हैं। गुफा की परिधि लगभग डेढ़ सौ फुट है और इसमें ऊपर से बर्फ के पानी की बूँदें जगह-जगह टपकती रहती हैं। यहीं पर एक ऐसी जगह है, जिसमें टपकने वाली हिम बूँदों से लगभग दस फुट लंबा शिवलिंग बनता है। चन्द्रमा के घटने-बढ़ने के साथ-साथ इस बर्फ का आकार भी घटता-बढ़ता रहता है। श्रावण पूर्णिमा को यह अपने पूरे आकार में आ जाता है और अमावस्या तक धीरे-धीरे छोटा होता जाता है। आश्चर्य की बात यही है कि यह शिवलिंग ठोस बर्फ का बना होता है, जबकि गुफा में आमतौर पर कच्ची बर्फ ही होती है जो हाथ में लेते ही भुरभुरा जाए। मूल अमरनाथ शिवलिंग से कई फुट दूर गणेश, भैरव और पार्वती के वैसे ही अलग अलग हिमखंड हैं।

ऐसा माना जाता है कि इसी गुफा में माता पार्वती को भगवान शिव ने अमरकथा सुनाई थी, जिसे सुनकर सद्योजात शुक-शिशु शुकदेव ऋषि के रूप में अमर हो गये थे। गुफा में आज भी श्रद्धालुओं को कबूतरों का एक जोड़ा दिखाई दे जाता है, जिन्हें श्रद्धालु अमर पक्षी बताते हैं। वे भी अमरकथा सुनकर अमर हुए हैं। ऐसी मान्यता भी है कि जिन श्रद्धालुओं को कबूतरों को जोड़ा दिखाई देता है, उन्हें शिव पार्वती अपने प्रत्यक्ष दर्शनों से निहाल करके उस प्राणी को मुक्ति प्रदान करते हैं। यह भी माना जाता है कि भगवान शिव ने अद्र्धागिनी पार्वती को इस गुफा में एक ऐसी कथा सुनाई थी, जिसमें अमरनाथ की यात्रा और उसके मार्ग में आने वाले अनेक स्थलों का वर्णन था। यह कथा कालांतर में अमरकथा नाम से विख्यात हुई।

कुछ विद्वानों का मत है कि भगवान शंकर जब पार्वती को अमर कथा सुनाने ले जा रहे थे, तो उन्होंने छोटे-छोटे अनंत नागों को अनंतनाग में छोड़ा, माथे के चंदनको चंदनबाड़ी में उतारा, अन्य पिस्सुओं को पिस्सू टॉप पर और गले के शेषनाग को शेषनाग नामक स्थल पर छोड़ा था। ये तमाम स्थल अब भी अमरनाथ यात्रा में आते हैं। अमरनाथ गुफा का सबसे पहले पता सोलहवीं शताब्दी के पूर्वाध में एक मुसलमान गडरिए को चला था। आज भी चौथाई चढ़ावा उस मुसलमान गडरिए के वंशजों को मिलता है। आश्चर्य की बात यह है कि अमरनाथ गुफा एक नहीं है। अमरावती नदी के पथ पर आगे बढ़ते समय और भी कई छोटी-बड़ी गुफाएं दिखती हैं। वे सभी बर्फ से ढकी हैं।

अमर नाथ यात्रा पर जाने के भी दो रास्ते हैं। एक पहलगाम होकर और दूसरा सोनमर्ग बलटाल से। यानी कि पहलमान और बलटाल तक किसी भी सवारी से पहुँचें, यहाँ से आगे जाने के लिए अपने पैरों का ही इस्तेमाल करना होगा। अशक्त या वृद्धों के लिए सवारियों का प्रबंध किया जा सकता है। पहलगाम से जानेवाले रास्ते को सरल और सुविधाजनक समझा जाता है। बलटाल से अमरनाथ गुफा की दूरी केवल 14 किलोमीटर है और यह बहुत ही दुर्गम रास्ता है और सुरक्षा की दृष्टि से भी संदिग्ध है। इसीलिए सरकार इस मार्ग को सुरक्षित नहीं मानती और अधिकतर यात्रियों को पहलगाम के रास्ते अमरनाथ जाने के लिए प्रेरित करती है। लेकिन रोमांच और जोखिम लेने का शौक रखने वाले लोग इस मार्ग से यात्रा करना पसंद करते हैं। इस मार्ग से जाने वाले लोग अपने जोखिम पर यात्रा करते है। रास्ते में किसी अनहोनी के लिए भारत सरकार जिम्मेदारी नहीं लेती है।

पहलगाम में शिव ने छोड़ा था अपना वाहन नंदी: अमरनाथ यात्रा जिस पहलगाम से शुरू होती है, उसके बारे में पौराणिक मान्यता है कि देवी पार्वती को अमरकथा सुनाते वक्त भगवान शिव ने अपने वाहन नंदी को इस स्थान पर छोड़ा था|पहलगाम से 16 किमी दूर है चंदनवाड़ी. कहते हैं कि इसी जगह भगवान शिव ने अपनी जटा से चंद्रमा को अलग किया था, जिससे इस जगह का नाम पड़ा चंदनवाड़ी. चंदनवाड़ी से 16 किलोमीटर दूर है शेषनाग, जहां शिव ने त्यागा गले का 'हार'. यहां महादेव ने अपने गले के हार शेषनाग को छोड़ दिया था| शेषनाग से 4. 6 किमी आगे है महागुण पर्वत| महागुण पर्वत पर शिव ने रोका गणेश को| पौराणिक मान्यता है कि महादेव ने अपने बेटे गणेश को इसी स्थान पर ठहरने का आदेश दिया था|महागुण पर्वत से 6 किमी दूर है पंचतरनी| मान्यता है कि यहां आकर भगवान शिव ने पंचमहाभूतों यानी धरती,अग्नि, जल, वायु और आकाश को खुद से अलग कर दिया था और सबसे मुक्त होकर भगवान शिव पहुंचे थे इस निर्जन गुफ़ा में, जहां उन्होंने देवी पार्वती जी को आलौकिक अमरकथा सुनाई थी|

प्राचीनकाल में इसे 'अमरेश्वर' कहा जाता था। अमरनाथ गुफा से जुडे कुछ हैरान कर देने वाले तथ्य-

1. इस गुफा का महत्व सिर्फ इसलिए नहीं है कि यहां हिम शिवलिंग का निर्माण होता है। इस गुफा का महत्व इसलिए भी है कि इसी गुफा में भगवान शिव ने अपनी पत्नी देवी पार्वती को अमरत्व का मंत्र सुनाया था। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव साक्षात श्री अमरनाथ गुफा में विराजमान रहते हैं।

2. इस गुफा में स्थित पार्वती पीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि यहां भगवती सती का कंठ भाग गिरा था।

3. यह गुफा लगभग 160 फुट लम्बी, 100 फुट चौड़ी और काफी ऊंची है। कश्मीर में वैसे तो 45 शिव धाम ,60 विष्णु धाम, 3 ब्रह्मा धाम, 22 शक्ति धाम, 700 नाग धाम तथा असंख्य तीर्थ हैं पर अमरनाथ धाम का सबसे अधिक महत्व है।

4. काशी में लिंग दर्शन एवं पूजन से दस गुणा, प्रयाग से सौ गुणा, नैमिषारण्य तथा कुरुक्षेत्र से हजार गुणा फल देने वाला अमरनाथ स्वामी का पूजन है।

5. हिमशिवलिंग पक्की बर्फ का बनता है जबकि गुफा के बाहर मीलों तक सर्वत्र कच्ची बर्फ ही देखने को मिलती है। मान्यता यह भी है कि गुफा के ऊपर पर्वत पर श्री राम कुंड है। भगवान शिव ने माता पार्वती को सृष्टिआ की रचना इसी अमरनाथ गुफा में सुनाई थी।

6. इस गुफा की खोज बूटा मलिक नामक एक मुसलमान गडरिए ने की थी। वह एक दिन भेड़ें चराते-चराते बहुत दूर निकल गया। एक जंगल में पहुंचकर उसकी एक साधू से भेंट हो गई। साधू ने बूटा मलिक को कोयले से भरी एक कांगड़ी दे दी। घर पहुंचकर उसने कोयले की जगह सोना पाया तो वह बहुत हैरान हुआ। उसी समय वह साधू का धन्यवाद करने के लिए गया परन्तु वहां साधू को न पाकर एक विशाल गुफा को देखा। उसी दिन से यह स्थान एक तीर्थ बन गया।

7. भगवान शंकर ने बहुत वर्षों तक टालने का प्रयत्न किया परन्तु अंतत: उन्हें अमरकथा सुनाने को बाध्य होना पड़ा। अमरकथा सुनाने के लिए समस्या यह थी कि कोई अन्य जीव उस कथा को न सुने। इसलिए शिव जी पांच तत्वों का परित्याग करके इन पर्वत मालाओं में पहुंच गए और श्री अमरनाथ गुफा में पार्वती जी को अमरकथा सुनाई।

8 .माता पार्वती के साथ ही अमरत्व का रहस्य शुक (तोता) और दो कबूतरों ने भी सुन लिया था। यह शुक बाद में शुकदेव ऋषि के रूप में अमर हो गए जबकि गुफा में आज भी कई श्रद्धालुओं को कबूतरों का एक जोड़ा दिखाई देता है जिन्हें अमर पक्षी माना जाता है।

9. किंवदंती के अनुसार रक्षा बंधन की पूर्णिमा के दिन भगवान शंकर स्वयं श्री अमरनाथ गुफा में पधारते हैं। रक्षा बंधन की पूर्णिमा के दिन ही छड़ी मुबारक भी गुफा में बने हिम शिवलिंग के पास स्थापित कर दी जाती है।

अगला लेख: अमेज़न प्राइम डे: यू एस में वेबसाइट क्रैश



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
14 जुलाई 2018
जब मैं काम करता था, तो मैं अक्सर कहता था, 'जब मैं यात्रा करता हूं तो मैं अपने और घर के बीच कम से कम 400-500 किलोमीटर रखना चाहता हूं, उतना ही बेहतर!' और मैंने आमतौर पर ऐसा किया। इस प्रक्रिया में मैंने शायद ही कभी अपने पिछवाड़े की खोज की है।एक्सपीडिया इंडिया की वेबसाइट पर कुछ 'तब और अब' भारत की तस्वीर
14 जुलाई 2018
18 जुलाई 2018
भारत और इंग्लैंड मंगलवार को हेडिंग्ले में श्रृंखला के तीसरे और निर्णायक खेल में ५० ओवर की ट्रॉफी के लिए लड़ेंगे, दोनों टीमें श्रृंखला जीतने और सकारात्मक नोट पर टेस्ट खेलने के
18 जुलाई 2018
18 जुलाई 2018
इस गर्मी की डूबने वाली रोकथाम और जल सुरक्षा अभियान के संयोजन के साथ यह हमारी जल सुरक्षा श्रृंखला की तीसरी किस्त है। यह अभियान हमारे सामुदायिक जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है। लाइफ जैकेट (पर्सनल फ्लोटेश
18 जुलाई 2018
14 जुलाई 2018
नींद की कमी कुछ ऐसा है जो मुझे मृत मछली की तरह महसूस करता है! इंडिगो एयरलाइंस के साथ उद्घाटन चेन्नई कोलंबो फ्लाइट 6 ई 1201 में जाने से पहले मुझे मुश्किल से 2 घंटे की नींद आ गई।क्योंकि @ इंडिगो 6 ई पहली बार चेन्नई कोलंबो उड़ रहा है और मैं उस उड़ान पर जा रहा हूं! pic.twitter.com/r5Ogu3bpSW— Mridula Dw
14 जुलाई 2018
19 जुलाई 2018
लोकसभा में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव से पहले, बीजेपी ने गुरुवार से शुरू होने वाले सदन में संसद के अपने सभी सदस्यों को दो दिन के लिए उपस्थित होने को कहा है लोकसभा में बी.जे.पी के मुख्य सचेतक अनुराग ठाकुर ने यह व्हिप जारी किया | ठाकुर ने ट्वीट किया, "मै
19 जुलाई 2018
18 जुलाई 2018
जो
जो रूट के शतक (१०० नाबाद) और उनके तथा इयोन मॉर्गन (८८ नाबाद) के बीच हुई शतकीय भागीदारी की मदद से इंग्लैंड ने मंगलवार को भारत को तीसरे और निर्णायक वनडे में ८ विकेट से रौंदा। भारत ने विराट कोहली के अर्द्धशतक (
18 जुलाई 2018
15 जुलाई 2018
दिसम्बर नास्टलग्जा के लिए एक महीने है! मैं पूरे वर्ष Instagram पर अपने यात्रा दस्तावेज। फ़ीड को स्क्रॉल करना और उन स्थानों को देखना आसान है जिन्हें मैंने देखा था और जिन तस्वीरों पर मैंने क्लिक किया था। मैंने संख्याओं को भी देखा और यहां 2017 के शीर्ष दस इंस्टाग्राम पोस्ट हैं!बुडापेस्ट में ट्राम # 2बु
15 जुलाई 2018
19 जुलाई 2018
विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में तेल उत्पादन स्थलों में गैस फ्लॉरिंग में उल्लेखनीय गिरावट आई है , यह रिपोर्ट मंगलवार को देर रात जारी की गयी | यह आश्चर्य की बात है क्योंकि वैश्विक तेल उत्पादन में आधे प्रतिशत की वृद्धि 2017 में दर्ज की गई थी| ग्लो
19 जुलाई 2018
25 जुलाई 2018
सा
कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में पुरे वर्ष में कुल 12 शिवरात्रियां आती है जिनमे से सबसे मुख्य महाशिवरात्रि को माना जाता है। लेकिन इसके अलावा भी एक शिवरात्रि है जिसे हिन्दू धर्म में बहुत श्रद्धा के
25 जुलाई 2018
18 जुलाई 2018
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हरिस सोहेल को जिम्बाब्वे दौरे से घर लौटने की इजाजत दे दी है।हरिस सोहेल ने पाकिस्तान टीम प्रबंधन से जिम्बाब्वे दौरे से अपनी बेटी की बीमारी के चलते घर वापिस लौटने के लिए अनुरोध किया
18 जुलाई 2018
09 अगस्त 2018
शिवस्तुति:आज श्रावण कृष्ण त्रयोदशी / चतुर्दशी को प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि कापावन पर्व है | हम सभी ने देखा काँवड़ में गंगाजल भर कर लाने वाले काँवड़यात्री शिवभक्तों का उत्साह | न जाने कहाँ कहाँ से आकर पूर्णश्रद्धा के साथ हरिद्वार ऋषिकेश तक की लम्बी यात्रा करके ये काँवड़
09 अगस्त 2018
18 जुलाई 2018
बि
लगभग २ सप्ताह पहले, लोकप्रिय क्रिप्टोकुरेंसी एक्सचेंज, बिनेंस को सिस्कोन (एसवाईएस) के संबंध में कुछ अनियमित ट्रेड के कारण १२ घंटों तक ट्रेड रोकना पड़ा जो की इंटरनल रिस्क मैनजमेंट सिस्टम द्वारा नोटिस किय
18 जुलाई 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x