भुलकर भी ना दान करें ये 7 चीज़े, वरना जीवन में आ जाएंगी हर तरह की परेशानियां

15 सितम्बर 2018   |  प्राची सिंह   (126 बार पढ़ा जा चुका है)

भुलकर भी ना दान करें ये 7 चीज़े, वरना जीवन में आ जाएंगी हर तरह की परेशानियां

आप तो ये सभी जानते ही होंगे की दान पुराणों और शास्त्रों में सबसे सर्वश्रेष्ठ माना गया है फिर किसी चीज का दान हो. दान करने से मनुष्य को अनचाही समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है चाहे वो कन्या का दान क्यों न हो लेकिन अगर आपसे कही अनजाने में किसी गलत चीज का दान हो गया तो उसका असर आपके जीवन में उल्टा भी पड़ सकता है.लेकिन आज हम आप को बताने जा रहे है की भुलकर भी ना दान करें ये 7 चीज़े, क्या पता अनजाने में आप घर में कुछ करने की तैयार कर रहे हों|

1. झाडू दान करना

आप को जानकारी क्स्लिये बता दे की शास्त्रों केअनुशार झाड़ू दान करना बहुत ही ज्यादा अशुभ माना जाता है.क्योंकि झाडू दान करने से माँ लक्ष्मी रूठ जाती हैं और उस घर से अपना निवास छोड़कर दूसरी जगह चली जाती हैं. और घर में पैसे की कमी आ जाती है|

2. स्टील के बर्तन या वस्तुएं

आप को बता दे की स्टील के बर्तन या उससे बनी कोई भी चीजें दान में देने से आपको परहेज करना चाहिए.क्योंकि स्‍टील दान करने से घर की सुख शांति भी खत्‍म हो जाती हैऔर घर में बुरा असर पड़ने लगता है|

3. कपड़े दान करना

शस्त्रों के अनुशार कभी किसी को पुराने और पहने हुए कपड़े दान में देना गलत होता है. तो सावधान रहिए और नये कपड़े ही दान में दीजिए. वरना उसका बुरा असर आपको झेलना पड सकता है, आपके घर में धन की हानि भी हो सकती है|

4. तेल दान करना पड़ता है उल्टा

आप को जानकारी केलिए बता दे की शास्त्रों के अनुशार शनिवार के दिन या किसी दूसरे किसी दिन शनिदेव की शांति के लिए सरसों का तेल दान करना बहुत शुभ माना जाता है.लेकिन खराब या जले हुए तेल भूल से भी दान किसी को दान में ना दे नहीं तो आप शनिदेव के क्रोध का भागीदारी बनना पड़ेगा.

5. बांसी खाना कभी ना दान करें

संसार में किसी भूखे को खाना खिलाना सबसे पुण्य का काम होता है अगर आप किसी भूखे को घर का बांसी खाना खिलाते हैं तो आपके घर का कोई सदस्य बीमार हो सकता है. बीमार होने के साथ-साथ घर में पारिवारिक वाद-विवाद भी बहुत ज्यादा बढ़ता है.तो आप किसी को ताजा खाना दान देना है|

6. कॉपी-किताब या धार्मिक ग्रंथ दान करना

ये तो जानते ही है की ऐसा कहा जाता है कि ज्ञान जितना बांटा जाए उतना बढ़ता है और कॉपी-किताबें या कोई भी धार्मिक ग्रंथ को दान करना अच्छा होता है लेकिन कभी किसी को अपनी पुरानी फटी किताबें दान में नहीं दें|

7. कोई नुकीली या धारदार चीज

आप को जानकारी के लिए बता दे नुकीली या फिर धारदार चीजें जिसमें कैंची, तलवार या चाकू जैसी कोई वस्तु शामिल हो किसी को दान में नहीं देना चाहिए. इससे देने वाले के आने वाली जिंदगी में भारी संकट पैदा हो सकता है|

भुलकर भी ना दान करें ये 7 चीज़े, वरना जीवन में आ जाएंगी हर तरह की परेशानियां

http://omgindian.me/never-donate-these-7-things/

अगला लेख: वॉट्सऐप पर कोई ऐसी PDF भेजे तो क्लिक करने से पहले 100 बार सोचना !!



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
03 सितम्बर 2018
बेटा दुनिया से जा चुका था लेकिन मां मानने को तैयार नहीं। वो बेटे के शव को ऑटो में लादकर इंदौर से उज्जैन पहुंच गई। रामघाट के समीप सिद्ध आश्रम के पास शिप्रा किनारे शव लेकर बैठने की जिद करने लगी। इस भरोसे में कि महाकाल जिंदा कर देंगे।ऑटो चालक ने होमगार्ड जवान को इसकी जानकारी
03 सितम्बर 2018
27 सितम्बर 2018
*सनातन धर्म के आर्षग्रंथों (गीतादि) में मनुष्य के कल्याण के लिए तीन प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है :- ज्ञानयोग , कर्मयोग एवं भक्तियोग | मनुष्य के लिए कल्याणकारक इन तीनों के अतिरिक्त चौथा कोई मार्ग ही नहीं है | प्रत्येक मनुष्य को अपने कल्याण के लिए इन्हीं तीनों में से किसी एक को चुनना ही पड़ेगा |
27 सितम्बर 2018
25 सितम्बर 2018
वो
क्या दोष था मेरा बस मैं एक लडकी थी अपना बोझ हल्का करने का जिसे बालविवाह की बलि चढा दिया मैं लिख पढकर समाज का दस्तूर मिटा एक नई राह बनाना चाहती थी मजबूर, बेवश,मंडप की वेदी पर बिठा दिया दुगुनी उम्र के वर से सात फेरे पडवा दिए वक्त की मार बिन बुलाए चली आई छीट की चुनरिया के सब रंग धुल गए कल की शुभ लक्ष
25 सितम्बर 2018
04 सितम्बर 2018
*भगवान श्री कृष्ण का अवतार पूर्णावतार कहा जाता है क्योंकि वे १६ कलाओं से युक्त थे | "अवतार किसे कहते हैं यह जानना परम आवश्यक है | चराचर के प्रत्येक जड़ - चेतन में कुछ न कुछ कला अवश्य होती है | पत्थरों में एक कला होती है दो कला जल में पाई जाती है | अग्नि में तीन कलायें पाई जाती हैं तो वायु में चार क
04 सितम्बर 2018
12 सितम्बर 2018
ठगी. कहीं भी, कभी भी, कैसे भी हो सकती है आपके साथ. पहले हम सुनते थे कि फलाने बस से जा रहे थे तो बगल वाले यात्री ने उनको कुछ खिला-पिला दिया. फिर फलाने बेहोश हो गए और सामने वाला सामान लेकर चंपत. इसीलिए घर वाले जब भी उनके बच्चे कहीं बाहर घूमने-फिरने जाएं तो एक वैधानिक चेतावन
12 सितम्बर 2018
02 सितम्बर 2018
नई दिल्ली। पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी पुण्यतिथि के मौके पर रामेश्वरम में कलाम के मैमोरियल का उद्घाटन किया था। रामेश्वरम वही जगह है जिसे हिंदू धर्म के चार धामों में से एक माना जाता है।रामेश्वरम हिंदुओं का एक पवित्र तीर्थ है। यह तमिलनाडु के राम
02 सितम्बर 2018
05 सितम्बर 2018
रितिक रोशन अपनी छवि के विपरीत का किरदार 'सुपर 30' नामक फिल्म में निभा रहे हैं। इसमें वे एक शिक्षक की भूमिका में हैं। यह आनंद कुमार की बायोपिक है जो शिक्षक और छात्रों के संबंध पर आधारित है। 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस है और इससे बेहतर दिन फर्स्ट लुक जारी करने के
05 सितम्बर 2018
03 सितम्बर 2018
Oskar Schlemmer (4 September 1888 – 13 April 1943) was a German painter, sculptor, designer and choreographer associated with the Bauhaus school. Google praises the 130th birth commemoration of German painter, stone carver, creator and choreographer Oskar Schlemmer. He was related with the Bauhaus s
03 सितम्बर 2018
07 सितम्बर 2018
पटना: आज हम कैंसर के मरीजों व उनके परिजनों के लिए राहत भरी खबर लाए हैं। कैंसर से पीड़त लोग अब ऐलोपैथी के साथ तिब्बती चिकित्सा पद्धति से अपना इलाज करा सकते हैं। हिमाचल के धर्मशाला में तिब्बती हरबल क्लीनिक से आपको दो माह की दवा 100 रुपए में मिल जाएगी।हिंदी अखबार दैनिक भास्
07 सितम्बर 2018
11 सितम्बर 2018
जी
सांसो में आता जाता है स्पंदन बन चलता जाता है जीवन तू अंतर मैं मुस्काता है कभी अश्रु बन के जीता है कभी स्नेहमय बन जाता है जीवन तू मौन हो सब कुछ कह जाता है माँ की ममता बहन का प्यार और कभी प्रयसी की गुहार जीवन तू सब कह जाता है रेशम की झालर सा सहलात
11 सितम्बर 2018
03 सितम्बर 2018
*भगवान श्री कृष्ण का नाम मस्तिष्क में आने पर एक बहुआयामी पूर्ण व्यक्तित्व की छवि मन मस्तिष्क पर उभर आती है | जिन्होंने प्रकट होते ही अपनी पूर्णता का आभास वसुदेव एवं देवकी को करा दिया | प्राकट्य के बाद वसुदेव जो को प्रेरित करके स्वयं को गोकुल पहुँचाने का उद्योग करना | परमात्मा पूर्ण होता है अपनी शक्त
03 सितम्बर 2018
07 सितम्बर 2018
बिहार का मिथिला क्षेत्र अपनी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक आचार-विचार और प्राचीन धरोहरों के लिए जाना जाता है. वहीं, साहित्यिक रूप से भी मिथिला का इतिहास समृद्ध रहा है. साहित्य और संस्कृति हमारी वैभवशाली परंपरा को प्रकट करने के माध्यम हैं. इसी परंपरा को मिथिला क्षेत्र में फिर
07 सितम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x