कैसा है भगवान कृष्ण का घर 'द्वारका', आपको जरूर जानना चाहिए

31 अगस्त 2018   |  Pratibha Bissht   (664 बार पढ़ा जा चुका है)

कैसा है भगवान कृष्ण का घर 'द्वारका', आपको जरूर जानना चाहिए

गुजरात में सौराष्ट्र प्रायद्वीप की पश्चिमी सिरे पर स्थित, द्वारका को "भगवान कृष्ण के घर" के रूप में जाना जाता है। माना जाता है कि द्वारका गुजरात की पहली राजधानी थी। यह प्राचीन काल में कुशस्थली के नाम से जाना जाता था। द्वारका नाम का शाब्दिक रूप से अर्थ है द्वार संस्कृत में द्वार का शाब्दिक रूप से अर्थ है 'दरवाजा' का अर्थ 'मोक्ष' जिसका अर्थ है 'मोक्ष का द्वार'। इसलिए इस धार्मिक शहर की आभा पवित्रता और मोक्ष को चाहने वाले भक्तों के मंत्रों के साथ आध्यात्मिकता में बदल जाती है। द्वारका एकमात्र ऐसा शहर है जो हिंदू धर्म में वर्णित चार धाम (जो की चार प्रमुख पवित्र स्थानों) और सप्त पुरी (सात पवित्र नगर) दोनों का हिस्सा है। इसी कारण से, यह एक उल्लेखनीय धार्मिक महत्व रखता है जो पूरे साल हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। इस जगह का उल्लेख महाभारत और स्कंद पुराण में भी मिलता है। भक्त ग्रंथों के मुताबिक, द्वारका पवित्र स्थलों में से एक है जो मोक्ष प्रदान करती है क्योंकि मथुरा छोड़ने के बाद, भगवान कृष्ण ने यहां अपने सांसारिक साम्राज्य का निर्माण किया था।


द्वारका को कृष्ण जी ने कैसे बनाया ?


dwarkadheesh


इसके अलावा, शहर भव्य मंदिरों, अद्भुत वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व के स्थानों से भरा हुआ है। इन सब के अतिरिक्त बीच के किनारे और समुद्र तट भी पर्यटक आकर्षण स्थल हैं। द्वारकाधिश मंदिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, रुक्मनी मंदिर और गोमती घाट द्वारका के पवित्र स्थान हैं। ऐसा कहा जाता है कि शहर को छह बार पुनर्निर्मित किया गया था और वर्तमान शहर सातवां है।

द्वारकाधिश मंदिर:

भगवान कृष्ण को समर्पित द्वारकाधिश मंदिर वास्तुशिल्प का एक चमत्कार और शहर का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। द्वारकाधिश मंदिर को जगत मंदिर भी कहा जाता है जो एक चालुक्य स्टाइल वास्तुकला है। माना जाता है कि 2200 वर्षीय इस वास्तुकला का निर्माण वज्रनाभ ने किया था, जिसने इसे भगवान कृष्ण द्वारा समुद्र से पुनः प्राप्त भूमि पर बनाया था। 2.25 फीट की ऊंचाई के साथ काले रंग में भगवान कृष्ण की मूर्ति बहुत आकर्षक है। मंदिर के अंदर अन्य मंदिर भी हैं जो सुभद्रा, बलराम और रेवथी, वासुदेव, रुक्मिणी और कई अन्य लोगों को समर्पित हैं। कृष्णा मंदिर में जन्माष्टमी की पूर्व संध्या खास आयोजन होता है।

मंदिर के इतिहास में एक रोमांचक कहानी है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर निर्माण हरी गृहा पर वज्रनाभ (कृष्णा के पोते) द्वारा कराया गया था।

यह मंदिर रामेश्वरम, बद्रीनाथ और पुरी के बाद हिंदूओं के चार धाम पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। द्वारकाधिश मंदिर दुनिया में श्री विष्णु का 108 वां दिव्य देशम है।

ऐसा माना जाता है कि द्वारका कृष्णा द्वारा भूमि के एक टुकड़े पर बनाया गया था जिसे समुद्र से पुनः प्राप्त किया गया था। एक बार ऋषि दुर्वासा कृष्णा और उनकी पत्नी रुक्मिणी के यह आये और वह उत्सुकता से उनके महल का दौरा करना चाहता थे। जब वो रास्ते पर थे तो रुक्मिनी थक गए और कुछ पानी मांगने लगी। कृष्ण जी गंगा नदी को उस स्थान पर ले कर आये थे। बिना ऋषि दुर्वासा को पानी पूछे उन्होने पानी पी लिए इस से उग्र, ऋषि दुर्वासा ने रुक्मिणी को शाप दिया था कि वह अपने पति से अलग हो जाए। इसी जगह पर अब एक मंदिर है। जिसे रुक्मिणी मंदिर कहा जाता है।

यह मनमोहक मंदिर चूना पत्थर और रेत से बना है। इसका पांच मंजिला मंदिर 72 स्तंभों और एक जटिल नक्काशीदार शिखर द्वारा समर्थित है जो 78.3 मीटर ऊंचा है। इसमें एक उत्कृष्ट नक्काशीदार शिखर है जो 52 मीटर के कपड़े से बने ध्वज के साथ 42 मीटर ऊंचा है। इसके उत्कृष्ट नक्काशीदार शिखर पर एक 42 मीटर ऊंचा ध्वज है जो 52 गज के कपड़े से बना है। ध्वज में सूर्य और चंद्रमा के प्रतीक हैं, जो मंदिर पर भगवान कृष्ण के शासन को व्यक्त करते हैं।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर:

गुजरात में सौराष्ट्र के तट पर द्वारका शहर और बेत द्वारका द्वीप के बीच के मार्ग पर स्थित भगवान शिव महत्वपूर्ण भगवान मंदिर है। नागेश्वर मंदिर के बारे में एक दिलचस्प धारणा है, ऐसा माना जाता है कि जो यहां प्रार्थना करता है वह जहर, सांप के काटने और सांसारिक आकर्षण से स्वतंत्रता प्राप्त कर लेता है। इस मंदिर का विशिष्ट बात यह है कि इस मंदिर के लिंग का मुख अन्य नागेश्वर मंदिरों के विपरीत दक्षिण की तरफ है। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग शिव पुराण में वर्णित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। नागेश्वर मंदिर सामान्य हिंदू वास्तुकला की एक सरल संरचना है। महा शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर, मंदिर परिसर के मैदानों में एक विशाल मेला आयोजित किया जाता है।

बेट द्वीप:


dwarkadheesh

द्वारका बेत द्वारका के मुख्य शहर से 30 किमी दूर स्थित एक छोटा द्वीप है। माना जाता है कि द्वारका में अपने सत्तारूढ़ वर्षों के दौरान बेट द्वारका भगवान कृष्ण की वास्तविक आवासीय जगह थीं। इस जगह को 'बेट' या 'उपहार' से अपना नाम प्राप्त हुआ, जिसे भगवान कृष्ण ने अपने मित्र सुदामा से इस स्थान पर प्राप्त किया था। श्री केशवराय जी मंदिर बेट द्वारका में भगवान कृष्ण का मंदिर है। ऐसा माना जाता है कि यह मंदिर वल्लभाचार्य द्वारा लगभग 500 वर्षों पहले स्थापित किया गया था।

गीता मंदिर:

1970 में उद्योगपति परिवार बिड़ला द्वारा निर्मित, यह मंदिर सफेद संगमरमर का उपयोग करके बनाया गया है। मंदिर हिंदुओं की धार्मिक पुस्तक भगवत गीता की शिक्षाओं और मूल्यों को संरक्षित करने के लिए बनाया गया था।

सुदामा सेतु,

भगवान कृष्ण, सुदामा के बचपन के मित्र के नाम पर नामित, सुदामा सेतु गोदती नदी को पार करने के लिए पैदल चलने वालों के लिए बनाया गया एक शानदार पुल है।

लाइटहाउस:

43 मीटर इस टावर का उद्घाटन 15 जुलाई 1962 को किया गया था।

द्वारका बीच:

गुजरात के लोकप्रिय समुद्र तटों में से एक द्वारका बीच है। यह तट अपने फ़िरोजी पानी और सफेद रेत के लिए जाना जाता है।

गोपी तालाब, गोमती घाट, स्वामी नारायण मंदिर आदि देखने योग्य जगहे है।


द्वारका से जुडी कुछ रोचक बाते:


1. द्वारका भारत के सात सबसे प्राचीन शहरों में से एक है।

2. महाभारत, भागवत पुराण, स्कंद पुराण और विष्णु पुराण में द्वारका का उल्लेख है।

3. ऑपरेशन सोमनाथ के तहत पाकिस्तान नौसेना द्वारा 7 सितंबर 1965 की रात को द्वारका पर हमला किया गया था। कराची बंदरगाह से द्वारका की

4. निकटता (कराची बंदरगाह से 200 किमी) कारण इसे चुना गया था।

5. मूल रूप द्वारका शहर 9500 ईसा पूर्व पुराना था, इस प्रकार 5000 से अधिक वर्षों होने के कारण यह मिस्र और मेसोपोटामियन सभ्यताओं से भी पुराना था।

कैसा है भगवान कृष्ण का घर 'द्वारका', आपको जरूर जानना चाहिए

अगला लेख: एशियाई खेल 2018: राही सरनोबत ने रचा इतिहास



anubhav
11 जुलाई 2019

मेरी सबसे पसंदीदा जगह, जय द्वारकाधीश

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 अगस्त 2018
क्या आप जानते हैं भारत में 2 ऐसे रेल्वे स्टेशन भी मौजूद हैं जो एक नहीं बल्कि दो-दो राज्यों के अंतर्गत आते हैं। यानी वहां पर ट्रेन का इंजन किसी और राज्य में खड़ा होता है तो डिब्बे किसी और राज्य में होते हैं। जी हां। यह सच है। इन दोनों स्टेशनों का वास्ता महाराष्ट्र, गुजरात,
22 अगस्त 2018
21 अगस्त 2018
मद्रास उच्च न्यायालयने आज केंद्रीयमाध्यमिक शिक्षा बोर्ड कोमीडिया में प्रचारकरने का आदेशदिया कि कक्षा1 और 2 छात्रों के लिएबोर्ड के ' नो होमवर्क'नियम का पालनन करने वालेसंस्थानों के खिलाफकड़ी कार्रवाई कीजाएगी। न्यायमूर्ति एन किरुबकरन ने वकील एम पुरुषोत्थमान की याचिका पर
21 अगस्त 2018
21 अगस्त 2018
ऐस इंडिया शूटर संजीव राजपूत ने एशियाई खेलों में पदक जीतने की अपनी आदत को जारी रखते हुए 37 वर्षीय ने मंगलवार को इंडोनेशिया के जकार्ता में जेएससी शूटिंग रेंज में पुरुषों की 50 मीटर में रजत पदक जीत लिया है | संजीव राजपूत ने 452.7 स्कोर किया जबकि चीनके जिचेंग हुइ से 453.3 स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीत
21 अगस्त 2018
28 अगस्त 2018
वक्त बुरा होने पर इंसान वह काम भी करने लगता है जिसके बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं होगा. कब अमीर गरीब बन जाए और कब किसी गरीब की किस्मत पलट जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. व्यक्ति की किस्मत में जो लिखा है वह होकर ही रहता है. आपकी किस्मत कोई नहीं बदल सकता. राजा को रंक बनते और रं
28 अगस्त 2018
21 अगस्त 2018
16 वर्षीय सौरभ चौधरी ने 2018 एशियाई खेलोंमें भारत का पहला शूटिंग स्वर्ण जीत लिया है जबकि साथी अभिषेक वर्मा ने इंडोनेशिया में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धामें कांस्य पदक जीता है| सौरभ चौधरी ने 240.7 अंक के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया जबकि अभिषेक वर्मा 219.3के
21 अगस्त 2018
21 अगस्त 2018
बेहद आकर्षक, पर्वत और बादलों में घिरा में घिरा शहर गंगटोक सिक्किम की राजधानी है। यहां तक कि जब देश स्वतंत्र
21 अगस्त 2018
22 अगस्त 2018
बुधवार सुबह पहरगंजइलाके में एकघर में आगलग गई। शहर की पुलिस तुरंतफंसे लोगों कोबचाने के लिए मौके पर पहुंची । यह घटना लगभग 6 बजे हुई थी।समाचार एजेंसी एएनआई नेबताया, "दिल्ली पुलिस टीमतुरंत जगह परपहुंची और अंदरफंस गए लोगोंको बचाया।"रिपोर्ट के अनुसार नीचेके दो फ्लोरमें गोदाम था,जबकि ऊपरी मंजिलपर लोग रहते
22 अगस्त 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x