“विश्व पर्यटन दिवस‌” (27 सितम्बर)

27 सितम्बर 2018   |  इंजी. बैरवा   (99 बार पढ़ा जा चुका है)

 “विश्व पर्यटन दिवस‌” (27 सितम्बर)  - शब्द (shabd.in)

आजकल के समय में हर व्यक्ति किसी ना किसी परेशानी से घिरा हुआ है, पैसे और चकाचौंध के बीच ऐसा लगता है मानो खुशी तो कहीं गुम हो गई है । इन सबके बावजूद हर व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ समय ऐसा जरूर निकालना चाहिए जिससे वो दूसरे देश या जगह का पर्यटन करे और खुशियों को फिर से गले लगा सके । इसके लिएविश्व पर्यटन दिवससबसे अच्छा मौका है । हर साल 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है । इस अवसर पर आइए नजर डालते हैं पर्यटन दिवस‌ पर .......

पर्यटन सिर्फ हमारे जीवन में खुशियों के पल को वापस लाने में ही मदद नहीं करता है बल्कि यह किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । विश्व पर्यटन संगठन (WTO) ने वर्ष 1975 में विश्व के पचास देशों की आधिकारिक सदस्यता के साथ, विश्व स्तर पर पर्यटन उद्योग के संरक्षक के रूप में अपनी गतिविधियों का आरम्भ किया । इस संगठन का एक मूल दायित्व लोगों के बीच संपर्क बनाना एवं इस लोकप्रिय उद्योग को बढ़ावा देना है । विभिन्न आयामों वाले इस उद्योग की विशेषताओं जैसे कि नए प्रस्तावों की प्रस्तुति, आर्थिक एवं सांस्कृतिक और सामाजिक लाभ और उसकी विशेषताओ के विवरण हेतु विस्तृत योजना बनाने की आवश्यकता है । प्रतिवर्ष विश्व पर्यटन संगठन के सदस्य दृष्टिगत उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सम्मेलनों एवं बैठकों में विभिन्न प्रकार के निर्णय लेते हैं । इसी परिप्रेक्ष्य में, डब्ल्यूटीओ के सदस्यों एवं सचिवालय ने यह निर्णय लिया कि एक विस्तृत संदेश द्वारा विश्व समुदाय का ध्यान पर्यटन की ओर आकृष्ट कराएं और सरकारों, समाज, विश्वविद्यालयों एवं इस विषय से संबंधित समस्त विभागों को इसकी ओर प्रोत्साहित करें ताकि आम लोगों के जीवन में पर्यटन अपना स्थान बना ले ।

‘‘विश्व पर्यटन दिवस’’ समारोह वर्ष 1980 से, 27 सितम्बर को हर साल मनाया जाता है । यह दिवस डब्ल्यूटीओ की ओर से प्रत्‍येक वर्ष “विश्व पर्यटन दिवस‌ (World Tourism Day)” के रूप में मनाया जाता है । यह दिवस 27 सितम्बर के दिन इसलिए मनया जाता है क्योंकि इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था । पर्यटन का महत्व और पर्यटन की लोकप्रियता को देखते हुए ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1980 से 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया । पर्यटन पर्यटकों के लिए विभिन्न आकर्षक और नए गंतव्यों की घटना की वजह से लगातार बढ़ रही है और विकासशील आर्थिक क्षेत्रों बन गया है दुनिया भर में । इसलिए यह विकासशील देशों के लिए आय का मुख्य स्रोत बन गया है ।

विश्व पर्यटन दिवस का उपयोग अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अंदर पर्यटन के महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में लोगों को जागरूक करना और साथ ही यह प्रदर्शित करने के लिए कि सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक मूल्य वैश्विक स्तर पर कैसे प्रभावित होते हैं, और पर्यटकों के स्थानों के बारे में सभी जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है और इन्हें पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों के साथ बेहतर सम्बंध पाने के लिए उपयोग किया जाता है ।

यूं तो पर्यटन दुनियाभर के लोगों का पसंदीदा शौक रहा है, लेकिन पर्यटन में भी जल आधारित पर्यटन का अपना विशेष महत्व है । नदियों, झीलों, जल प्रपातों के किनारे दुनियाभर में कई पर्यटन स्थलों का विकास हुआ है और भारत भी इसका अपवाद नहीं है । दुनिया में कई देशों के लिए पर्यटन कमाई का सबसे बड़ा जरिया है । स्विटजरलैंड जैसा विकसित देश हो या फिर नेपाल जैसा गरीब देश; इन सब के लिए पर्यटन की बड़ी एहमियत है । नौकरियों के लिहाज से आज दुनिया में हर बारह में से एक व्यक्ति पर्यटन से जुड़ा हुआ है । डब्ल्यूटीओ के अनुसार 2020 तक 1.6 अरब लोग सालाना घूमने फिरने के लिए अपने देश की सीमा से बाहर जाएंगे । डब्ल्यूटीओ का मानना है कि इससे दुनिया में शांति बढ़ेगी क्योंकि लोग एक दूसरे की संस्कृतियों को बेहतर रूप से समझ पाएंगे । भारत जैसे देशों के लिए पर्यटन का खास महत्व होता है । भारत जैसे देश की पुरातात्विक विरासत या संस्कृति केवल दार्शनिक स्थल के लिए नहीं होती है इसे राजस्व प्राप्ति का भी स्रोत माना जाता है और साथ ही पर्यटन क्षेत्रों से कई लोगों की रोजी-रोटी भी जुड़ी होती है । यही वजह है कि भारत में विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न शहरों में अलग-अलग योजनाएं भी लागू की गयीं हैं ।


भारतीय पर्यटन विभाग ने सितम्बर 2002 में अतुल्य भारतनाम से एक नया अभियान शुरू किया था । इस अभियान का उद्देश्य भारतीय पर्यटन को वैश्विक मंच पर प्रमोट करना था जो काफी हद तक सफल हुआ । इसी तरह राजस्थान पर्यटन विकास निगम ने रेलगाड़ी की शाही सवारी कराने के माध्यम से लोगों को पर्यटन का लुत्फ उठाने का मौका दिया । जिसे 'पैलेस ऑन व्हील्स'नाम दिया गया । राजस्थान पर्यटन विकास निगम की यह पहल दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर भारत का नाम रोशन करने वाला माना गया है । आज भारत जैसे देशों को देखकर ही विश्व के लगभग सभी देशों में पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण दिया जाने लगा है ।



"आज हर व्यक्ति यात्रा कर सकता है । घूमना एक लोकतांत्रिक क्रिया है, यह मानवाधिकार है, सुख का साधन नहीं । पर्यटन का मतलब ही है कि लोग एक जगह से दूसरी जगह जाएं और हम लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं, वे घूमें, लेकिन जिम्मेदारी के साथ ।"

पर्यटन दिवस की खासियत यह है कि हर साल लोगों को विभिन्न तरीकों से जागरुक करने के लिए पर्यटन दिवस पर विभिन्न तरीके की थीम रखी जाती है । विश्व पर्यटन दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यटन और उसके सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व आर्थिक मूल्यों के प्रति विश्व समुदाय को जागरूक करना है । इस वर्ष 2018 को विश्व पर्यटन दिवस का थीम रखा गया है,” पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण (TOURISM AND CULTURAL PROTECTION)”

भारत जैसे देशों के लिए पर्यटन का खास महत्व होता है । भारत जैसे देश की पुरातात्विक विरासत या संस्कृति केवल दार्शनिक स्थल के लिए नहीं होती है, इसे राजस्व प्राप्ति का भी स्रोत माना जाता है और साथ ही पर्यटन क्षेत्रों से कई लोगों की रोजी-रोटी भी जुड़ी होती है । आज भारत जैसे देशों को देखकर ही विश्व के लगभग सभी देशों में पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण दिया जाने लगा है ।
भारत असंख्‍य अनुभवों और मोहक स्‍थलों का देश है । चाहे भव्‍य स्‍मारक हो, प्राचीन मंदिर या मकबरे हो, इसके चमकीले रंगों और समृद्ध सांस्‍कृतिक विरासत का प्रौद्योगिकी से चलने वाले इसके वर्तमान से अटूट सम्बंध है । केरल, शिमला, गोवा, आगरा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, मथुरा, काशी जैसी जगहें तो अपने विदेशी पर्यटकों के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं । भारत में अपने लोगों के साथ लाखों विदेशी लोग प्रतिवर्ष भारत घूमने आते हैं । भारत में पर्यटन की उपयुक्‍त क्षमता है । यहां सभी प्रकार के पर्यटकों को चाहे वे साहसिक यात्रा पर हो, सांस्‍कृतिक यात्रा या वह तीर्थयात्रा करने आए हो या खूबसूरत समुद्री-तटों की यात्रा पर निकले हो, सबके लिए खूबसूरत जगहें हैं । दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में तो लोगों को घूमते-घूमते महीना बीत जाता है ।

भारत विश्व के पाँच शीर्ष पर्यटक स्थलों में से एक है । विश्व पर्यटन संगठन और वर्ल्ड टूरिज्म एण्ड ट्रैवल काउन्सिल तथा पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणीय संगठनों ने भारतीय पर्यटन को सबसे ज़्यादा तेज़ी से विकसित हो रहे क्षेत्र के रूप में बताया है । भारतीय पर्यटन की कुछ ख़ूबियाँ इस प्रकार हैं -

§ कोन्डे नास्त ट्रैवलर पुस्तिका के पाठकों के अनुसार कि भारत का स्वास्थ्यवर्धक विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्यवर्धक स्थलों में से एक है ।

§ विश्व पर्यटन संगठन ने भारतीय पर्यटन को सर्वाधिक तेज़ी से यानि 8.8 फ़ीसदी वार्षिक की दर से विकसित हो रहे उद्योग के रूप में घोषित किया है ।

§ पर्यटन देश का तीसरा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला उद्योग है । 2004 में पर्यटन से 21 हज़ार करोड़ रुपए से भी अधिक की आय हुई ।

§ देश की कुल श्रम शक्ति में से 6 प्रतिशत को पर्यटन में रोज़गार मिला हुआ है । पर्यटन उद्योग की सबसे बड़ी ख़ूबी यह है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर पैदा हुए हैं ।

§ भारत के विशाल तथा ख़ूबसूरत तटीय क्षेत्र, अछूते वन, शान्त द्वीप समूह, वास्तुकला की प्राचीन, ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक परम्परा, रंगमंच तथा कलाकेन्द्र पश्चिम के पर्यटकों के लिए ख़ूबसूरत आकर्षण के केन्द्र बन सकते हैं ।

§ विदेशी पर्यटकों के प्रति आत्मीयता दर्शाने के लिए सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम अतिथि देवो भव: शुरू किया गया है ।

पर्यटन से तात्पर्य मौजमस्ती, सैरसपाटे और व्यापार के लिए यात्रा से है । यह यात्रियो और मेज़बान लोगो के बीच मेल-मिलाप प्रमुख सूत्र है । यह लोगो के बीच संपर्क को बढ़ावा देता है जो कि अलग-अलग संस्कृतियो के होते हैं इस प्रकार यह सहिष्णुता को भी बढ़ावा देता है । संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने ठीक ही कहा है कि “शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व खोज मे लगी दुनिया के लिए पर्यटन एक महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकता है ।”

इस बात में कोई शक नहीं कि पर्यटन के कारण सांस्कृतिक बदलाव आते हैं । जब लोग आपके देश आते हैं और आपके देश से लोग दूसरे देश जाते हैं तो संस्कृति का आदान प्रदान होता है और बदलाव आते हैं । हम चाहते हैं कि ये बदलाव कुछ इस तरह से आएं कि लोग एक दूसरे से जुड़ने लगें । लोग समझें कि संस्कृतियां एक दूसरे से अलग हैं और वे इस बात का सम्मान भी करें ।

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“अवलोकन के बिना एक यात्री, पंखों रहित एक पक्षी समान है ।”

“मैं अपना पूरा जीवन यात्रा में व्यतीत करना चाहता हूँ, अगर मुझे एक जीवन और घर पर खर्च करने के लिए मिल जाए ।”

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“विश्व पर्यटन दिवस‌” की हार्दिक शुभ-कामनाएँ....

!! Happy Tourism Day !!

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