सनातन हिन्दू :---- आचार्य अर्जुन तिवारी

21 दिसम्बर 2018   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (91 बार पढ़ा जा चुका है)

सनातन हिन्दू :---- आचार्य अर्जुन तिवारी

*आदिकाल में जब सृष्टि का प्रादुर्भाव हुआ तो इस संपूर्ण धरा धाम पर सनातन धर्म एवं सनातन धर्म के मानने वाले लोगों के अतिरिक्त न तो कोई धर्म था और न ही कोई पंथ | सनातन धर्म ने ही संपूर्ण सृष्टि को आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया | संसार के समस्त ज्ञान इसी दिव्य सनातन धर्म से प्रसारित हुये | सृष्टि के साथ ही उत्पन्न हुए चारों वेद , जिनमें इस संसार में घटित होने वाली सारी घटनाओं एवं मनुष्य को जीवन जीने के लिए आवश्यक ज्ञान का प्रसार है | समय के साथ इस धरा धाम पर अनेकों धर्म एवं अनेकों पंथ प्रकट हो गये | आज संपूर्ण विश्व में इतने धर्म हो गए हैं , इतने पंथ हो गए हैं जिनकी गिनती कर पाना मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव है परंतु यह भी सत्य है कि इन सभी धर्मों / पंथों का मूल सनातन धर्म है , और कभी ना कभी इसका प्रमाण भी मिलता रहा है | किसी भी धर्म की मान्यताओं में सनातन धर्म का सम्मिश्रण देखने को अवश्य मिल जाता है जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि सभी धर्म / सभी पंथ सनातन धर्म की ही शाखायें हैं | सनातन धर्म हिंदू धर्म कहा जाने लगा है और उसके प्रणेता ऋषि महर्षियों को भी हिंदू कहा गया है | सनातन हिंदू धर्म संपूर्ण विश्व में आदिकाल से ही अपनी कीर्ति पताका फहरााे रहा है | इतिहास गवाह है कि इस धरा धाम पर सनातन हिंदू के अतिरिक्त न तो कोई सभ्यता थी और न ही कोई संस्कृति | इसका प्रमाण समय-समय पर सबके सामने आता रहा है | सनातन धर्म की दिव्यता एवं इसका विस्तार किसी सीमा या बंधन बंधने वाला नहीं है |* *आज भी विश्व के किसी भी कोने में यदि प्राचीन भवनों की खुदाई होती है तो उसमें कहीं न कहीं से हिंदू धर्म के प्रतीक देवी देवताओं की मूर्तियां या पूजन पात्र मिल ही जाते हैं | अभी इसी सप्ताह में इस्लामिक देश मिश्र के इजिप्ट में एक पिरामिड की खुदाई की गई जिसमें ४,४०० वर्ष प्राचीन मकबरा मिला जिस की खुदाई करने पर वहां देवी देवताओं की मूर्तियां एवं दीवारों पर हिंदू देवी देवताओं के चित्र अंकित मिले | आज यह चर्चा का विषय बना हुआ है | मैं "आचार्य अर्जुन तिवारी" यह सोच कर आश्चर्यचकित रह जाता हूं कि सबसे प्राचीन सभ्यता का वाहक होने के बाद भी आज हिंदू इतना विभाजित क्यों और कैसे हो गया ?? इसके कारण पर दृष्टि डालने पर यही मिलता है कि हिंदू को विभाजित करने में सबसे बड़ा कारण जातिवाद का जहर एवं उच्च एवं दलित की राजनीति है , जिसकी जड़ में राजनीतिक दल लगातार पानी दे रहे हैं | आज हिंदुओं को विचार करना होगा कि हम कभी एक होकर के संपूर्ण विश्व पर शासन किया करते थे और आज हम अपने देश भारत में ही उपेक्षित जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं , तो इसका क्या कारण है ?? आज जातिगत दुर्भावना से ऊपर उठते हुए प्रत्येक हिन्दू को एक होने की आवश्यकता है , क्योंकि हम इस सृष्टि के सबसे प्राचीन सभ्यता के वाहक है | आज यदि हमारे साथ अन्याय / अत्याचार हो रहा है तो इसका कारण सिर्फ हमारी आपस की जातिवादीता ही है | जिस दिन सनातन हिंदू जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकरके एक हो जाएगा उस दिन पुन: संपूर्ण विश्व में सनातन कि धर्म ध्वजा फहरायेगी |* *दलगत राजनीति हमें कभी जातिगत भावनाओं से ऊपर नहीं उठने देगी अत: हमें जागृत होना होगा | इन जातिगत भावनाओं से ऊपर और उठना होगा |*

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