साल्जबर्ग 'द साउंड ऑफ म्यूजिक' - डॉ दिनेश शर्मा

13 जनवरी 2020   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (401 बार पढ़ा जा चुका है)

साल्जबर्ग 'द साउंड ऑफ म्यूजिक' - डॉ दिनेश शर्मा

डॉ दिनेश शर्मा का यात्रा संस्मरण – जो वास्तव में शब्दचित्र उकेर देता है...

साल्जबर्ग 'द साउंड ऑफ म्यूजिक' : दिनेश डॉक्टर

वैसे तो साल्जबर्ग हमेशा से ही बेहद खूबसूरत शहर रहा है पर हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जूली एंड्रयूज़ की 1965 में रिलीज हुई सुपर हिट फिल्म साउंड ऑफ म्यूजिक , के बाद और भी प्रसिद्ध हो गया । फ़िल्म की अधिकांश शूटिंग इसी शहर में हुई थी और 55 साल बाद आज भी बहुत सी टूरिस्ट कम्पनियां 'साउंड ऑफ म्यूजिक' टूर पर लेकर जाती हैं । टूरिस्ट टाउन होने की वजह से साल्जबर्ग महंगा शहर है । शहर यानी में होटल वगैरा भी खासे महंगे हैं । साल्ज़ शब्द साल्ट यानी के नमक से उद्भुद है। साल्ज़ाश नदी, जो कि जर्मनी की इंन्न और ऑस्ट्रिया की डेन्यूब नदियों को अपने 227 किलोमीटर लम्बे विस्तार से जोड़ती है, नमक यानी कि साल्ट या जर्मन भाषा मे कहें तो साल्ज़ के बड़े पैमाने पर व्यापार का पुराने वक्त से बहुत बड़ा जरिया थी और शायद आज भी है । साल्जबर्ग यानि नमक का किला में पुराने वक्त में शायद नमक व्यापार के बड़े कारोबारी रहते हो तो इसी कारण शहर का नामकरण साल्जबर्ग हो गया हो ।

खैर ! अल्टास्टड होफव्रट होटल में कमरा छोटा सा था और किराया काफी ज्यादा था । इंटरनेट पर वेबसाइट में तस्वीर ऐसे वाइड एंगल से और इस तरह ली गयी थी कि फोटो में कमरा बड़ा नज़र आया था और उसी चक्कर में मैं फंस भी गया था । खैर अच्छी बात यह थी कि कमरा साफ सुथरा था और ज्यादातर दर्शनीय स्थल पैदल के रास्ते में ही थे । पैदल चलने का मुझे वैसे भी बहुत शौक है तो मुझे अनुकूल पड़ गया ।

बैक पैक कमरे में रख कर बाहर निकल आया । दिन अभी भी काफी बाकी था तो सोचा कि क्यों न आज भी कुछ तो घूमा ही जाए । वैसे भी मेरे पास साल्जबर्ग शहर घूमने के लिए ज्यादा दिन नही थे । आज 11 अप्रेल थी और 14 अप्रेल को सुबह दस बजे मुझे विएना के लिए ट्रेन पकड़नी थी । होटल से बाहर निकलते ही दांयी तरफ साल्जबर्ग की मशहूर 'वाकिंग स्ट्रीट' थी, जिसमे कोई भी वाहन प्रवेश नही कर सकता था यहां तक कि साइकिल भी नही । पूरी स्ट्रीट काले कोबल स्टोन यानी कि छोटे छोटे पुराने चोकोर पत्थरों से बनी थी । यूरोप के अधिकांश शहरों के पुराने इलाकों में आज भी कोबल स्टोन से बनी ऐसी सड़कों को विरासत के तौर पर संभाल लिया गया है । उन इलाकों में सिर्फ पैदल ही चला जा सकता है। कई कई स्थानों पर तो मैंने कोबल स्टोन से निर्मित इतने खूबसूरत और विस्तृत चौक देखे हैं कि आज इस बात का मलाल है कि उनकी तस्वीरें क्यों नहीं संभाल कर रक्खी । अब तो बहुत कुछ भूल भी गया हूँ । साल्जबर्ग के पडिस्ट्रीयन वाकिंग स्ट्रीट का इतिहास भी काफी पुराना है और इसे विश्व की 'अंतरराष्ट्रीय धरोहर' की सूची में शुमार किया गया है । दोनों तरफ भिन्न भिन्न वस्तुओं की दुकानें थी । बियर और वाइन बार थे, टेवर्न्स थे और रेस्तरां थे । काले कोबल स्टोन से खूबसूरत पैटर्न में बनी पूरी सड़क सफाई से चम चम दमक रही थी ।

अभी दिन छिपने में समय था । यूरोप में एक तरफ जहां सर्दियों में शाम चार बजे से ही अंधेरा घिरना शुरू हो जाता है वहीं मध्य अप्रेल के बाद मध्य अक्टूबर तक रात नौ साढ़े नौ बजे तक भी काफी रोशनी बनी रहती है । थोड़ा ऊपर और उत्तर के देशों जैसे स्केंडनेविया आइसलैंड में तो लोग मध्य रात्रि के सूर्य दर्शन के लिए भी यात्राएं करते है । जून जुलाई में तो पश्चिमी और पूर्वी यूरोप के बहुत से देशों में भी रात दस साढ़े दस बजे तक खासी रोशनी रहती है ।

करीब आधा किलोमीटर चलने के बाद दांयी तरफ एक बड़ा सा आर्केड था जिसमे चारों तरफ रेस्तरां थे और बीच के चौक में सैंकड़ो लोग बियर और वाइन पी रहे थे और गप्पे मारते हुए खाना खाने में मशगूल थे । इतने सालों की सैंकड़ों यात्राओं में जो एक बात मैंने खास तौर पर नोट की है वो है कि अधिकांश देशों में , चाहे अमेरिका हो या यूरोप, ऑस्ट्रेलिया हो या चीन तथा अन्य दक्षिण पूर्व के देश, ज्यादातर लोग बियर या वाइन ही पीते हैं । व्हिस्की, रम वगैरा हमारे देश की तरह ज्यादा इस्तेमाल नही करते ।

पीने के बाद समाज के प्रति सोशल जिम्मेदारी की भावना भी लोगों में जबरदस्त रूप से मौजूद है । हालांकि अमेरिका को छोड़ दें तो यूरोप के सभी देशों में खुले आम शराब पीने पर कोई पाबंदी नही है, चाहे आम रास्ता हो या पब्लिक पार्क , ट्रेन हो या बस । और आप किसी को भी हल्ला गुल्ला करते, किसी से दुर्व्यवहार करते, स्त्रियों को घूरते या कोई अन्य सामाजिक गैर जिम्मेदाराना हरकत करते नही पाएंगे ।

मौसम में थोड़ी हल्की खुशनुमा ठंड धीरे धीरे उतरनी शुरू हो गयी थी । दो सौ गज आगे बढ़ा तो एक दूसरे बड़े चौक पर पहुंच गया । बांयी तरफ खूबसूरत और कलात्मक पानी का एक बड़ा फव्वारा था जिसमे पानी की धाराएं एक दूसरे को काटती हुई अठखेलियां कर रही थी । उसके पास ही रेस्टोरेंट के बाहर बहुत सारी कुर्सियों मेजों पर लोग बैठे खा पी रहे थे । यहीं पचास गज आगे जाकर पडिस्ट्रीयन स्ट्रीट का नदी के इस पार वाला हिस्सा समाप्त हो जाता था । आगे ट्राम लाइनें और चौड़ी सड़क लांघने के बाद खूबसूरत साल्ज़ाश नदी बह रही थी ।

बाकी कल ...

https://shabd.in/post/111696/-2085701

अगला लेख: शनि का मकर में गोचर



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 जनवरी 2020
डॉ दिनेश शर्मा का यात्रा वृत्तान्त... हमेशा की तरह एक ख़ूबसूरतशब्दचित्र...खूबसूरत वियना की बाहों में : दिनेश डॉक्टरविएना पहुंचा तोलगा जैसे विएना शहर नही एक खूबसूरत लड़की है जिसने मुझे आगे बढ़कर अपनी बाहों में भरलिया है| सबसे पहले उतर करपूछताछ खिड़की पर गया और लोकल ट्रामों, ट्रेनों और अंडरग्राउंड ट्यूब र
27 जनवरी 2020
09 जनवरी 2020
शनि का मकर में गोचरकल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के मेष राशि के जातकों पर सम्भावितप्रभावों के विषय में चर्चा की थी, आज वृषभ राशि के जातकों पर शनि के मकरमें गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात... किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसीकुण्डली के विस्तृत फलादेश के लि
09 जनवरी 2020
05 जनवरी 2020
डॉ दिनेश शर्मा का वर्तमान विघटनकारी राजनीति पर एक यथार्थवादी लेख... सच्चाई यही है कि सत्ता के लालच मेंछुटभैय्ये नेताओं ने भारतीयता को खंडित खंडित कर ही दिया है... एक बार अवश्यपढ़ें... पढ़ने के लिए क्लिक करें:https://shabd.in/post/111585/-2609589
05 जनवरी 2020
20 जनवरी 2020
वृश्चिक तथा धनु राशि के जातकों के लिए शनि का मकर में गोचरमाघ मास की अमावस्या को यानी शुक्रवार 24 जनवरी 2020 को दिन में नौ बजकर अट्ठावन मिनट के लगभग अनुशासन और न्याय का कारक मानाजाने वाला ग्रह शनि तीन वर्षों से भी कुछ अधिक समय गुरु की धनु राशि में व्यतीतकरके चतुष्पद करण और वज्र योग में उत्तराषाढ़ नक्ष
20 जनवरी 2020
21 जनवरी 2020
शनि का मकर में गोचरमाघ मास की अमावस्या को यानी शुक्रवार 24 जनवरी 2020 को दिन में नौ बजकर अट्ठावन मिनट के लगभग अनुशासन और न्याय का कारक मानाजाने वाला ग्रह शनि तीन वर्षों से भी कुछ अधिक समय गुरु की धनु राशि में व्यतीतकरके चतुष्पद करण और वज्र योग में उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर रहते हुए ही अपनी स्वयं कीराशि म
21 जनवरी 2020
01 जनवरी 2020
के
केदारनाथ यात्रा के बारे में जय्दा जानकारी के लिए ये जरूर पढ़े - केदारनाथ यात्रा
01 जनवरी 2020
29 दिसम्बर 2019
30 दिसम्बर 2019 से 5 जनवरी 2020 तक का सम्भावित साप्ताहिक राशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों
29 दिसम्बर 2019
05 जनवरी 2020
6 से 12 जनवरी2020 तक का सम्भावित साप्ताहिकराशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गो
05 जनवरी 2020
16 जनवरी 2020
कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए शनि का मकर में गोचरकल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के सिंह राशि के जातकों परसम्भावित प्रभावों के विषय में चर्चा की थी, आज कन्या और तुला राशि के जातकों परशनि के मकर में गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात... किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम साम
16 जनवरी 2020
19 जनवरी 2020
डॉ दिनेश शर्मा के यात्रा संस्मरण, जिनमें समूची यात्रा के शब्दचित्र उकेरे हुए हैं...मिराबेल पैलेस का महिला वायलन बैंड - दिनेश डॉक्टरपहाड़ी से नीचेउतर कर पैलेस के परिसर से वापस बस स्टैंड पर आकर पच्चीस नम्बर की बस पकड़ करसाल्जबर्ग शहर के सेंटर में उतर गया | सुबह का मुफ्त का नाश्ता कभी
19 जनवरी 2020
11 जनवरी 2020
डॉ दिनेश शर्मा का यात्रा वृत्तान्त कल से आगे...चलो थोड़ा घूमने चलें - 2 कल से आगे - दिनेश डॉक्टरमानहाइम आकर चला गया । कुछ लोग उतरे कुछ चढ़े । आजकलबिना किसी अपवाद के हर देश शहर में सब लोग अपने मोबाइल में ही मस्त रहते हैं ।ट्रेन पर समस्त उद्घोषणा तीन भाषाओं में बारी बारी से होती है । पहले फ्रेंच फिरजर्म
11 जनवरी 2020
11 जनवरी 2020
शनि का मकर में गोचरकल के लेख में शनि के मकर राशि में गोचर के मिथुन राशि के जातकों परसम्भावित प्रभावों के विषय में चर्चा की थी, आज कर्क राशि के जातकों पर शनि के मकरमें गोचर के सम्भावित प्रभावों पर संक्षेप में दृष्टिपात... किन्तु ध्यान रहे, ये सभी परिणाम सामान्य हैं | किसीकुण्डली के विस्तृत फलादेश के
11 जनवरी 2020
22 जनवरी 2020
डॉ दिनेश यात्रा वृत्तान्तों में पूरा शब्दचित्र उकेर देने में माहिर हैं...पूरी सैर करा देते हैं उन स्थलों की जहाँ जहाँ उन्होंने भ्रमण किया है... ऐसा हीएक और यात्रा वृत्तान्त...साल्जबर्ग में आखिरी दिन : दिनेश डॉक्टरकेबल कार सुबहसाढ़े सात बजे चलनी शुरू होती थी । नाश्ता सुबह साढ़े छह बजे ही लग जाता था । ज
22 जनवरी 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x