“कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली” जानिए कैसे बनी ये कहावत, कौन है गंगू तेली ?

07 फरवरी 2019   |  अंकिशा मिश्रा   (474 बार पढ़ा जा चुका है)

“कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली” जानिए कैसे बनी ये कहावत, कौन है गंगू तेली ?

“कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली” ये कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी, कभी किसी पर तंज कसते हुए, तो कभी गोविंदा के गाने में. साफ़ शब्दों में कहा जाए तो हज़ारों बार आप ये कहावत आम बोलचाल में सुन चुके होंगे. कई बार इसका इस्तेमाल किसी छोटे व्यक्ति की बड़े व्यक्ति से तुलना के लिए किया जाता है. भले ही ये कहावत मज़ाक के तौर पर बोली जाती हो लेकिन बता दें कि इस कहावत में एक पराक्रम की कहानी छिपी हुई है.


इस कहावत में दो नाम आते हैं एक तो राजा भोज और दूसरा गंगू तेली. पराक्रमी राजा भोज कौन थे ये, तो शायद आपको पता होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि ये गंगू तेली कौन था? क्योंकि इस ऐतिहासिक चरित्र के बारे में बहुत कुछ इतिहास के पन्नों में भी बयां नहीं किया गया है. तो आइये आज जानते हैं कि कौन थे गंगू तेली…..


कौन थे गंगू तेली?


'कहां राजा भोज कहां गंगू तेली...' कहावत में जिस गंगू तेली का ज़िक्र किया जाता है वो कोई एक नहीं, बल्कि दो व्यक्ति थे और दक्षिण के राजा थे. गंगू, कलचुरि नरेश गांगेय थे जबकि तेली, चालुक्य नरेश तैलंग थे. एक बार गांगेय और तैलंग ने मिल कर राजा भोज की नगरी धार पर आक्रमण किया, मगर उन दोनों को राजा भोज के पराक्रम के आगे घुटने टेकने पड़े. दोनों मिल कर भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सके. इस लड़ाई के बाद धार के लोगों ने गांगेय और तैलंग की हंसी उड़ाते हुए कहा कि 'कहां राजा भोज, कहां गंगू तेली.' तभी से ये कहावत चल पड़ी और सदियों बाद आज भी आम बोलचाल में इस्तेमाल की जाती है.




इस कहावत से जुड़ी एक कहानी और भी प्रचलित है जिसके अनुसार, राजा भोज के महाराष्ट्र के पनहाला किले की दीवार बार-बार गिरती रहती थी, तब इसके उपाय के लिए किसी ने उन्हें बताया कि अगर किसी नवजात बच्चे और उसकी मां की बलि इस जगह पर दे दी जाए तो दीवार गिरना बंद हो जाएगी. कहते हैं कि “गंगू तेली” नाम के शख़्स ने इसके लिए अपनी पत्नी और बच्चे की कुर्बानी दी. मगर बाद में उसको अपने इस काम पर घमंड हो गया और लोग उसके घमंड को देखकर कहने लगे – 'कहां राजा भोज और कहां गंगू तेली'. मगर इस कहानी पर इतिहास कारों के अलग-अलग मत हैं.


कौन थे राजा भोज?




मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर धार की नगरी को राजा भोज की नगरी कहा जाता है. 11 वीं सदी में ये शहर मालवा की राजधानी रह चुका है. राजा भोज 11 वीं सदी में मालवा और मध्य भारत के प्रतापी राजा थे. इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि राजा भोज शस्त्रों के साथ-साथ शास्त्रों के भी महा ज्ञाता थे.


उनको वास्तुशास्त्र, व्याकरण, आयुर्वेद और धर्म-वेदों का भी ज्ञान था. उन्होंने इन विषयों पर कई किताबें और ग्रंथ भी लिखे. राजा भोज ने अपने शासनकाल के दौरान कई मंदिरों और इमारतों का निर्माण करवाया था.



अगला लेख: एक स्पून टेस्ट से जाने घर पर ही कि आप कितने स्वस्थ हैं........



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
01 फरवरी 2019
आज हम आज़ादी का मजा लेते हुए अपने घरों में बड़े-बड़े मुद्दों को बड़ी आसानी से बहस में उड़ा देते है, लेकिन कभी सोचा है कि जिन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए देश को आज़ाद कराया, उनमें से जो जिंदा हैं, वो किस हाल में हैं ?ये हैं झाँसी के रहने वाले श्रीपत जी, 93 साल से भी ज्यादा की उम्र पार कर चुके श्रीप
01 फरवरी 2019
25 जनवरी 2019
यूं ही नहीं मिलती राही को मंजिल एक जूनून सा दिल में जगाना होता है। अगर कोई सपना देखा है तो उसे पूरा करने के लिए मेहनत और लगन करनी होती है और फिर राहें आसान होती है और मंजिल मिल जाती है। इन बातों को सच कर दिखाया है एक किसान की बेटी ने जिसने जज बनकर सिर्फ अपने पिता की ही ना
25 जनवरी 2019
24 जनवरी 2019
भारत आबादी के मामले में दूसरे नंबर पर आता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत की आबादी चीन से भी अधिक होगी. आज़ादी के बाद से अलग-अलग सरकारों ने आबादी पर नियंत्रण लाने के लिए कई कदम उठाए. समझा-बुझाकर काम नहीं चला, तो इमरजेंसी के दौरान जबरन नसबंदी भी करवाई गई. कोई भी उपाय आबादी पर नियंत्रण नहीं लग
24 जनवरी 2019
29 जनवरी 2019
साक्षरता और शिक्षा को सामान्यतः सामाजिक विकास के संकेतकों के तौर पर देखा जाता है। साक्षरता का विस्तार औद्योगिकीकरण, शहरीकरण, बेहतर संचार, वाणिज्य विस्तार और आधुनिकीकरण के साथ भी सम्बद्ध किया जाता है। संशोधित साक्षरता स्तर जागरूकता और सामाजिक कौशल बढ़ाने तथा आर्थिक दशा सुधारने में सहायक होता है। साक्
29 जनवरी 2019
04 फरवरी 2019
पाकिस्तान में लड़कियों के लिए कई कड़े नियम होते हैं। वहां रहने वाले लोगों को इन नियमों को मानना भी होता है, लेकिन कहते हैं ना कि जहां चाह वहां राह। एक ऐसा ही वाक्या पाकिस्तान में घटा है जिसके चलते वहां पर पहली बार कोई हिंदू महिला जज बनी हैं। बता दें सुमन पवन बोदानी नाम की ये महिला पहली महिला सिविल ज
04 फरवरी 2019
24 जनवरी 2019
भारत आबादी के मामले में दूसरे नंबर पर आता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत की आबादी चीन से भी अधिक होगी. आज़ादी के बाद से अलग-अलग सरकारों ने आबादी पर नियंत्रण लाने के लिए कई कदम उठाए. समझा-बुझाकर काम नहीं चला, तो इमरजेंसी के दौरान जबरन नसबंदी भी करवाई गई. कोई भी उपाय आबादी पर नियंत्रण नहीं लग
24 जनवरी 2019
25 जनवरी 2019
भले ही शेक्सपीयर ने ये बात कही हो की दुनिया में किसी व्यक्ति का नाम कोई मायने नहीं रखता है। लेकिन, ज्योतिष की दुनिया में किसी व्यक्ति नाम का काफी महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिष शास्त्र में नाम के पहले अक्षर से किसी व्यक्ति के स्वभाव के बारे में जानने का तरीका बताया गया है। आज हम आप को बताने जा रहे हैं
25 जनवरी 2019
05 फरवरी 2019
हिंदू धर्म में किसी की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है, शव को मुखाग्नि दी जाती है औऱ फिर उसकी अस्थियों को गंगा जी में प्रवाहित किया जाता हैं। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से मृतक की आत्मा को शांति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे जिनक
05 फरवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x