दुर्गा चालीसा : देवी मां की अराधना से दूर होगी सारी बाधाएं || Durga Chalisa

26 जुलाई 2019   |  स्नेहा दुबे   (58 बार पढ़ा जा चुका है)

दुर्गा चालीसा : देवी मां की अराधना से दूर होगी सारी बाधाएं || Durga Chalisa

हिंदू धर्म में करोड़ों देवी-देवता हैं लेकिन कुछ को सर्वोच्च माना जाता है। जैसे देवों में देव महादेव शंकर भगवान होते हैं वैसे ही सभी देवियों में दुर्गा मां को उच्च स्थान दिया गया है। सीता, पार्वती, लक्ष्मी, काली सभी इन्ही के अवतार हैं और इन्हें हिंदू धर्म में सर्वोच्च भगवान माना जाता है जिनके आगे ईश्वर भी छुकते आए हैं। इस वजह से ही महिलाओं को देवी का रूप कहा जाता है और उनके सम्मान की बात होती है क्योंकि इनका सम्मान ही आपके घर में सुख-शांति प्रदान कर सकता है। Durga Chalisa का पाठ करने से देवी मां को प्रसन्न करने की शक्ति मिलती है, उन्हें प्रसन्न करने के लिए और भी कई यंत्र हैं जिसके बारे में मैं आपको बताने जा रही हूं।


दुर्गा चालीसा पढ़ने के फायदे -Durga Chalisa


दुर्गा चालिसा

हिंदू धर्म में दुर्गाजी को आदिशक्ति माना गया है और दुर्गा मां की उपासना करने से मनुष्य के सबी पाप भी धुल जाते हैं। उनकी अराधना करने से भक्त के सभी कार्य सिद्ध भी हो जाते हैं। माता दुर्गा जी की साधना के लिे श्री दुर्गा चालीसा करना बेहद सही उपाय के साथ ही प्रभावशाली भी माना जाता है। श्री दुर्गा चालीसा को खासकर नवरात्री के समय पढ़ने से ज्यादा लाभ मिलता है जिसका पाठ आपको दिन में तीन बार करना चाहिए। पढ़िए दुर्गा चालीसा-


नमो-नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥

निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥


शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥

रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावै॥


तुम संसार शक्ति लै कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥

अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥


प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥

शिव योगी तुम्हरे गुण गावें। ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥


रूप सरस्वती को तुम धारा। दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥

धरयो रूप नरसिंह को अम्बा। परगट भई फाड़कर खम्बा॥


रक्षा करि प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं। श्री नारायण अंग समाहीं॥


क्षीरसिन्धु में करत विलासा। दयासिन्धु दीजै मन आसा॥

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी। महिमा अमित न जात बखानी॥


मातंगी अरु धूमावति माता। भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥

श्री भैरव तारा जग तारिणी। छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥


केहरि वाहन सोह भवानी। लांगुर वीर चलत अगवानी॥

कर में खप्पर खड्ग विराजै ।जाको देख काल डर भाजै॥


सोहै अस्त्र और त्रिशूला। जाते उठत शत्रु हिय शूला॥

नगरकोट में तुम्हीं विराजत। तिहुँलोक में डंका बाजत॥


दुर्गा चालिसा


शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे। रक्तबीज शंखन संहारे॥

महिषासुर नृप अति अभिमानी। जेहि अघ भार मही अकुलानी॥


रूप कराल कालिका धारा। सेन सहित तुम तिहि संहारा॥

परी गाढ़ सन्तन र जब जब। भई सहाय मातु तुम तब तब॥


अमरपुरी अरु बासव लोका। तब महिमा सब रहें अशोका॥

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी। तुम्हें सदा पूजें नरनारी॥


प्रेम भक्ति से जो यश गावें। दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई। जन्ममरण ताकौ छुटि जाई॥


जोगी सुर मुनि कहत पुकारी।योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥

शंकर आचारज तप कीनो। काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥


निशिदिन ध्यान धरो शंकर को। काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥

शक्ति रूप का मरम न पायो। शक्ति गई तब मन पछितायो॥


शरणागत हुई कीर्ति बखानी। जय जय जय जगदम्ब भवानी॥

भई प्रसन्न आदि जगदम्बा। दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥


मोको मातु कष्ट अति घेरो। तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥

आशा तृष्णा निपट सतावें। मोह मदादिक सब बिनशावें॥


शत्रु नाश कीजै महारानी। सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥

करो कृपा हे मातु दयाला। ऋद्धिसिद्धि दै करहु निहाला॥


जब लगि जिउं दया फल पाऊं । तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं ॥

श्री दुर्गा चालीसा जो कोई गावै। सब सुख भोग परमपद पावै॥

देवीदास शरण निज जानी। कहु कृपा जगदम्ब भवानी॥


दुर्गा सप्तशती और मंत्र का पाठ ।। Durga Kavach


दुर्गा चालिसा

दुर्गा मां को प्रसन्न करने के लिए किसी भी दुर्गा मंदिर के पास सुंदर मंडप और हवन कुंड स्थापित करके दस उत्तम ब्राह्मणों को बुलाकर उन सभी के द्वारा पृथक-पृथक मार्कण्डेय पुराणोक्त श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ दस बार करना चाहिए। इसके अलावा आपको माता के इन चार मंत्रों का उच्चारण भी प्रतिदिन करना चाहिए-

'सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।

शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।'


'ओम दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।'


'ओम जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।'


'ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै'


शक्ति संप्रदाय वाले शतचंडी (108) बार पाठ करने के लिए अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और पूर्णिमा का दिन शुभ माना जाता है। इस अनुष्ठान में 9 देवियों की पूजा करके उन्हें कन्या खिलाया जाता है। इन कन्याओं की कुमारी, त्रिमूर्ति, कल्याणी, रोहिणी, कालिका, शाम्भवी, दुर्गा, चंडिका तथा मुद्रा नाम मंत्रों से पूजा करनी चाहिए। इस कन्या पूजन में संपूर्ण मनोरथ सिद्ध करने के लिए ब्राह्मण कन्या, शय के लिए क्षत्रिय कन्या, धन के लिए वेश्य और पुत्र पाने के लिए शूद्र कन्या की पूजा करनी चाहिए। इन सभी कन्याओं का आवहन करने के बाद सभी देवियों का नाम लेकर कहना चाहिए- 'मैं मंत्राक्षरमयी लक्ष्मीरुपिणी, मातृरुपधारिणी तथा साक्षात् नव दुर्गा स्वरूपिणी कन्याओं का आवाहन करता हूं तथा प्रत्येक देवी को नमस्कार करता हूं।' इस तरह से पूजा करने पर देवी मां प्रसन्न हो जाती है। शतचण्डी विधि अनुष्ठान में यंत्रस्थ कलश, श्री गणेश, नवग्रह, मातृका, वास्तु, सप्तऋषि, सप्तचिरंजीव, 64 योगिनी 50 क्षेत्रपाल तथा कई देवताओं की वैदिक पूजा की जानी चाहिए। इसके बाद चार दिनों तक पूजा सहित पाठ करना चाहिए और पांचवें दिन हवन किया जाता है। इन सब विधियों के अतिरिक्त प्रतिलोम विधि, कृष्ण विधि, चतुर्दशीविधि, अष्टमी विधि, सहस्त्रचण्डी विधि (1008) पाठ, ददाति विधि, प्रतिगृहणाति विधि जैसी चीजों को गोपनीय रखा जाता है।


दुर्गा जी करें आरती (Durga Aarti)


दुर्गा चालिसा

किसी भी पूजा को पूरा करने के बाद आरती करना बहुत जरूरी होता है। पूजा के दौरान लोग भगवान को बुलाते हैं और उनकी अराधना करते हैं। इसके बाद देवी मां की आरती की जाती है। वैसे तो हर देवी की अपनी अलग-अलग आरती होती है लेकिन यहां हम आपको दुर्गा मां की प्रसिद्ध आरती बताएंगे। नवरात्रि के दिनों में हिंदू धर्म से जुड़े हर घर से माता की आरती की आवाजें आती हैं जो पूजा को विराम देने के लिए जरूरी होती है।

जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति। तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ।। जय अम्बे गौरी..


मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को।

उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको॥जय अम्बे गौरी...


कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै।

रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै।। जय अम्बे गौरी...


केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी।

सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुःखहारी॥जय अम्बे गौरी...


कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती।

कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति॥जय अम्बे गौरी...


शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर घाती।

धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती॥जय अम्बे गौरी...


चौंसठ योगिनि मंगल गावैं नृत्य करत भैरू।

बाजत ताल मृदंगा अरू बाजत डमरू॥जय अम्बे गौरी...


भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी।

मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी॥जय अम्बे गौरी...


कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती।

श्री मालकेतु में राजत कोटि रतन ज्योति॥जय अम्बे गौरी...


श्री अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावै।

कहत शिवानंद स्वामी सुख-सम्पत्ति पावै॥जय अम्बे गौरी...


मैया जय श्यामा गौरी, मैया जय मंगलमूर्ती...


यह भी पढ़ें -

।। Shiv Chalisa ।।

|| brahmaakrit shiv stotram ||

|| maa saraswati chalisa ||

|| sai chalisa ||

||guru govind singh chalisa ||

|| maa saraswati chalisa ||

|| Hanuman Chalisa ||

अगला लेख: इस परिवार को बिजली विभाग ने भेजा 1 अरब रूपये का बिल, क्या ये परिवार अंबानी से भी अमीर है ?



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
16 जुलाई 2019
देश में पहली पैसेंजर ट्रेन मुंबई (तब बंबई) से ठाणे के बीच साल 1853 में चलाई गई थी। तब से लेकर आज तक ये भारत की लाइफ लाइऩ बनी हुई है। कहीं भी आने और जाने या फिर माल ढोने के लिए सभी की पहली पसंद रेल ही हुआ करती थी। आज हम आपको भारतीय रेल
16 जुलाई 2019
01 अगस्त 2019
Webdunia- देश में बहुत सारे हिंदी वेब पोर्टल न्यूज वेबसाइट हैं लेकिन कुछ ही ऐसी वेबसाइट्स हैं जो हमें सही और बेहतर तरीके की खबरें प्रोवाइड करवाती हैं। वेबदुनिया उन्हीं में से एक वेबसाइट है जो कई भाषाओं में खबरें पब्लिश करती हैं और रीडर्स को सही जानकारी देती है। वेबदुन
01 अगस्त 2019
05 अगस्त 2019
सावन के महीने में अगर बाबा अमरनाथ बर्फानी के दर्शन हो जाए तो शिव भक्तों को मानो सबकुछ मिल जाए। मगर भक्त और भगवान के बीच कुछ राक्षसों यानी आतंकियों का साया है जिसके डर से लोग वहां जाने से डरते हैं। बाबा अमरनाथ के दर्शन से बहुत कुछ सिद्ध
05 अगस्त 2019
01 अगस्त 2019
भोलेनाथ को प्रसन्न करने और उनकी पूजा करने के लिए श्रावण मास यानी सावन का महीना सबसे पावन माना जाता है। पूरे देश में 17 जुलाई से सावन का महीना मनाया जा रहा है और सभी भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा भक्ति दिखाई है। 15 अगस्त को सावन का महीना खत्म होने वाला है और इसके पहले
01 अगस्त 2019
17 जुलाई 2019
श्रावण मास जिसे सावन भी कहते हैं इस साल इसकी शुरुआत 17 जुलाई से होने वाली है। इस बार पूरे 30 दिन का सावन का महीना होगा और 15 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ ही ये खत्म हो जाएगा। श्रावण मास को शिव जी की अराधना करने का सबसे अच्छा महीना माना जाता है और इस महीने को पवित्र भी कहा जाता है। इस दौरान शिव की जी पू
17 जुलाई 2019
16 जुलाई 2019
आज के समय में दो क्षेत्रों में खूब पैसा है, एक फिल्म नगरी और दूसरा क्रिकेट। अगर हम बात सिर्फ क्रिकेट की करें तो इंडिया में क्रिकेट सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला खेल है जिसमें बेशुमार पैसा है। इसमें तगड़ी फीस, आकर्षक डेली अलाउंस और कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट देखने को मिलते
16 जुलाई 2019
17 जुलाई 2019
17 जुलाई से सावन का महीना शुरु हो गया है और सभी शिवजी की पूजा अराधना में लग गए हैं। सभी शिवालयों में शिवभक्तों ने रौनक जमानी शुरु कर दी है और भारत में जितने भी बड़े शिव मंदिर हैं वहां पर भक्तों ने अपनी-अपनी अर्जी लगाना शुरु कर दिया है। ऐसा ही एक मंदिर है वैद्यनाथ धाम (baidyanath dham) जो एक प्राचीन
17 जुलाई 2019
05 अगस्त 2019
*सनातन धर्म आदिकाल से ही अपनी दिव्यता के लिए जाना जाता है | सनातन का सिद्धांत है कि ईश्वर सर्वत्र समान रूप से व्याप्त है | इसी को प्रतिपादित करते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा कि :- "ईश्वर सर्व भूतमय अहई" इसी सिद्धांत को आगे बढ़ाते हुए हमारे महापुरुषों में सनातन के सिद्धांत बनाये थे | सनातन की
05 अगस्त 2019
20 जुलाई 2019
आज के दौर में सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां पर कुछ भी वायरल करके हिट कराया जा सकता है। पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर #SareeTwitter ट्रेंडिंग है और इसमें बहुत सी हसिनाएं साड़ी में खुद की तस्वीर शेयर कर रही हैं। इस ट्रेंड में फिल्मी, राजनीति और अन्य क्षेत्र से जुड़ी कई महिलाओं ने हिस्सा लिया और
20 जुलाई 2019
25 जुलाई 2019
साल 2019 में 16 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत हुई और ये 15 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान लोक शिव वंदना करते हैं और उनकी पूजा करने के दौरान Shiv Chalisa और शिव आरती करने के बाद भी शिवजी की पूजा पूरी की जाती है। शिव जी के माध्यम से भक्त अप
25 जुलाई 2019
02 अगस्त 2019
दुनिया में बहुत सी अजीबोंगरीब चीजें होती हैं और इन चीजों में कभी कुछ फनी बातें हो जाती हैं तो कभी हजम ना करने वाली बात हो जाती है। मगर ऐसी ही हटके दिखने और सुनने वाली बातों की ही खबर बन जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ पिछले दिनों झारखंड के धनबाद में जब वहां के एक मेडिकल कॉलेज
02 अगस्त 2019
01 अगस्त 2019
जब कोई नई सरकार आती है तो जनता को उम्मीद हो जाती है कि ये सरकार उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेगी। उनके लिए सबसे भारी महंगाई को कुछ तो कम करेगी लेकिन जब ऐसा नहीं होता है तब जनता भड़क जाती है और यही सरकार को गिराने का असरदार काम करती है। अब मे
01 अगस्त 2019
31 जुलाई 2019
दुनिया में बहुत सी चीजें अजीबों गरीब हैं और लोगों को ऐसी ही चीजें पसंद होती है। अगर किसी इंसान का नाम किसी सेलिब्रिटीज से मिलता जुलता है तो लोग उनका मजाक बनाने लगते हैं। कुछ ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश के इस युवक के साथ हुआ जब अपने नाम के कारण कुछ परेशानियों का सामना करना
31 जुलाई 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x